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Shamli News: सौर ऊर्जा से हर माह 1.40 करोड़ की बिजली बचत
Thu, 20 Aug 2026 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:49 AM IST
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शामली। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जिले में अब धरातल पर रंग लाने लगी है। बिजली के बिल में कमी और सरकारी अनुदान का लाभ मिलने से उपभोक्ता घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप पावर प्लांट लगवा रहे हैं।
22 जुलाई 2026 तक जिले में 5,936 रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित हो चुके हैं। इनसे प्रतिदिन करीब 20 मेगावाट बिजली की बचत हो रही है, जबकि हर माह विद्युत उपभोक्ताओं के बिल में करीब 1.40 करोड़ रुपये की बचत हो रही है।
माह जून में 605 सोलर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 911 संयंत्र स्थापित किए गए। वहीं जून तक कुल 5,048 संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 5,315 संयंत्र लगाए जा चुके थे। इसके बाद जुलाई में भी सोलर प्लांट लगाने का सिलसिला जारी रहा और 22 जुलाई तक यह संख्या बढ़कर 5,936 हो गई।
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तीन किलोवाट प्लांट पर 1.08 लाख तक अनुदान
योजना के तहत तीन किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये और प्रदेश सरकार की ओर से 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। यानी उपभोक्ता को कुल 1.08 लाख रुपये तक का अनुदान मिल रहा है। अनुदान के कारण भी लोगों में घरों की छत पर सोलर प्लांट लगवाने को लेकर रुचि बढ़ी है।
700 लोगों को मिला रोजगार
यूपीनेडा की ओर से जिले में 60 वेंडर्स को अधिकृत किया गया है। प्रत्येक वेंडर के साथ करीब 10 से 12 युवक-युवतियां काम कर रहे हैं। इस तरह सोलर प्लांट लगाने और उससे जुड़े कार्यों में जिले में करीब 700 लोगों के लिए रोजगार का सृजन हुआ है।
गर्मी में पिक लोड संतुलन में भी मदद
दिन के समय बढ़ती गर्मी के दौरान जब बिजली की मांग अधिक रहती है, उस समय सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली विद्युत लोड को संतुलित करने में भी मदद कर रही है। इससे बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान हो रहा है।
यूपीनेडा के प्रोजेक्ट ऑफिसर आरबी वर्मा के अनुसार, योजना को सफल बनाने में जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और बैंकों की ओर से भी सहयोग किया जा रहा है। सोलर ऊर्जा के बढ़ते इस्तेमाल से विद्युत उपभोक्ता ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के साथ अपने बिजली के खर्च में भी कमी कर रहे हैं।
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22 जुलाई 2026 तक जिले में 5,936 रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित हो चुके हैं। इनसे प्रतिदिन करीब 20 मेगावाट बिजली की बचत हो रही है, जबकि हर माह विद्युत उपभोक्ताओं के बिल में करीब 1.40 करोड़ रुपये की बचत हो रही है।
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माह जून में 605 सोलर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 911 संयंत्र स्थापित किए गए। वहीं जून तक कुल 5,048 संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 5,315 संयंत्र लगाए जा चुके थे। इसके बाद जुलाई में भी सोलर प्लांट लगाने का सिलसिला जारी रहा और 22 जुलाई तक यह संख्या बढ़कर 5,936 हो गई।
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तीन किलोवाट प्लांट पर 1.08 लाख तक अनुदान
योजना के तहत तीन किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये और प्रदेश सरकार की ओर से 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। यानी उपभोक्ता को कुल 1.08 लाख रुपये तक का अनुदान मिल रहा है। अनुदान के कारण भी लोगों में घरों की छत पर सोलर प्लांट लगवाने को लेकर रुचि बढ़ी है।
700 लोगों को मिला रोजगार
यूपीनेडा की ओर से जिले में 60 वेंडर्स को अधिकृत किया गया है। प्रत्येक वेंडर के साथ करीब 10 से 12 युवक-युवतियां काम कर रहे हैं। इस तरह सोलर प्लांट लगाने और उससे जुड़े कार्यों में जिले में करीब 700 लोगों के लिए रोजगार का सृजन हुआ है।
गर्मी में पिक लोड संतुलन में भी मदद
दिन के समय बढ़ती गर्मी के दौरान जब बिजली की मांग अधिक रहती है, उस समय सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली विद्युत लोड को संतुलित करने में भी मदद कर रही है। इससे बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान हो रहा है।
यूपीनेडा के प्रोजेक्ट ऑफिसर आरबी वर्मा के अनुसार, योजना को सफल बनाने में जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और बैंकों की ओर से भी सहयोग किया जा रहा है। सोलर ऊर्जा के बढ़ते इस्तेमाल से विद्युत उपभोक्ता ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के साथ अपने बिजली के खर्च में भी कमी कर रहे हैं।