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Shamli News: एक नंबर... दो वाहन! कार के नंबर पर बाइक का ई-चालान
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थानाभवन। डिजिटल व्यवस्था को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के दावों के बीच शामली में ई-चालान प्रणाली की एक बड़ी चूक सामने आई है। घर के बाहर खड़ी एक कार के पंजीकरण नंबर पर कई किलोमीटर दूर चल रही बाइक का ई-चालान जारी होने से वाहन स्वामी के होश उड़ गए। चालान की फोटो में कार की जगह बिना हेलमेट तीन युवक बाइक पर सवार दिखाई दिए।
थानाभवन क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी निवासी अंकुर पुत्र श्याम सिंह ने बताया कि उनकी ऑल्टो कार (यूपी-19-2582) मंगलवार को पूरे दिन घर पर ही खड़ी थी। शाम करीब सात बजे मोबाइल पर ई-चालान का संदेश मिला। चालान खोलकर देखा तो उसमें उनकी कार नहीं, बल्कि तीन युवक एक बाइक पर बिना हेलमेट सवार दिखाई दे रहे थे, जबकि चालान उनकी कार के नंबर पर जारी किया गया था।
अंकुर का कहना है कि जिस समय चालान बना, उस समय उनकी कार घर से बाहर निकली ही नहीं थी। ऐसे में दूसरे वाहन का चालान उनकी कार के नंबर पर जारी होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने चालान निरस्त करने के साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग एसपी से की है।
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स्थानीय निवासी संदीप और रामपाल ने बताया कि जिले में पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। कई वाहन स्वामियों को ऐसे वाहनों के चालान मिले, जिनसे उनका कोई संबंध नहीं था। उनका कहना है कि यदि ऐसी गलतियां लगातार होती रहीं तो आम लोगों का भरोसा डिजिटल व्यवस्था से उठ जाएगा।
-टीआई अधिकारी निधि चौधरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला तकनीकी त्रुटि का प्रतीत होता है। कई बार कैमरा या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वाहन का नंबर गलत पढ़ लेते हैं। यदि वाहन स्वामी तीन दिन के भीतर संबंधित विभाग में आवेदन करता है तो जांच के बाद चालान गलत पाए जाने पर उसे निरस्त कर दिया जाएगा।
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थानाभवन क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी निवासी अंकुर पुत्र श्याम सिंह ने बताया कि उनकी ऑल्टो कार (यूपी-19-2582) मंगलवार को पूरे दिन घर पर ही खड़ी थी। शाम करीब सात बजे मोबाइल पर ई-चालान का संदेश मिला। चालान खोलकर देखा तो उसमें उनकी कार नहीं, बल्कि तीन युवक एक बाइक पर बिना हेलमेट सवार दिखाई दे रहे थे, जबकि चालान उनकी कार के नंबर पर जारी किया गया था।
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अंकुर का कहना है कि जिस समय चालान बना, उस समय उनकी कार घर से बाहर निकली ही नहीं थी। ऐसे में दूसरे वाहन का चालान उनकी कार के नंबर पर जारी होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने चालान निरस्त करने के साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग एसपी से की है।
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स्थानीय निवासी संदीप और रामपाल ने बताया कि जिले में पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। कई वाहन स्वामियों को ऐसे वाहनों के चालान मिले, जिनसे उनका कोई संबंध नहीं था। उनका कहना है कि यदि ऐसी गलतियां लगातार होती रहीं तो आम लोगों का भरोसा डिजिटल व्यवस्था से उठ जाएगा।
-टीआई अधिकारी निधि चौधरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला तकनीकी त्रुटि का प्रतीत होता है। कई बार कैमरा या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वाहन का नंबर गलत पढ़ लेते हैं। यदि वाहन स्वामी तीन दिन के भीतर संबंधित विभाग में आवेदन करता है तो जांच के बाद चालान गलत पाए जाने पर उसे निरस्त कर दिया जाएगा।