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अच्छा काम करो, हैंडलर बन जाओगे : आईएसआई का खतरनाक प्लान उजागर
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:23 AM IST
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शामली। पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर अब देश के युवाओं को जासूसी और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल करने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब केवल रुपयों का लालच ही नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य में आईएसआई हैंडलर बनाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया जा रहा है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक महिला संपर्क मीरा के माध्यम से भी जुड़े हुए थे, जो आईएसआई के लिए काम कर रही है। वह युवाओं को कहती थी कि अच्छा काम करने पर उन्हें हैंडलर बना दिया जाएगा।
बुटराड़ा गांव के समीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों को दो से तीन साल तक काम करने के बाद हैंडलर बनाने और हर माह मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। जांच के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलर सरफराज द्वारा शामली के बुटराड़ा निवासी समीर समेत बिहार, दिल्ली, गाजियाबाद, पटना और वेस्ट यूपी के अन्य जिलों के युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल किया गया था। इन युवाओं से रेलवे स्टेशनों व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की फोटो और वीडियो मंगवाई जाती थीं।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आशंका है कि जिले के अन्य युवक भी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में हो सकते हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल को लगाया गया है।
रात आठ बजे के बाद दी जाती थी ऑनलाइन ट्रेनिंग
शामली। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि युवाओं को विदेशी नंबरों के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाती थी। उन्हें बताया जाता था कि किस तरह वीडियो और फोटो भेजनी है और जीपीएस लोकेशन ऑन रखनी है। शक से बचने के लिए ट्रेनिंग का समय रात आठ बजे के बाद रखा जाता था।
इकबाल काना के नाम का भी दिया जाता था उदाहरण
कैराना से पाकिस्तान जाकर बसे इकबाल काना का उदाहरण देकर युवाओं को प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं पाकिस्तान में इकबाल नाम बदलकर कोई फिर से सक्रिय तो नहीं हो गया है।
कम पढ़े-लिखे युवक बन रहे सॉफ्ट टारगेट
पुलिस के अनुसार आईएसआई का शिकार कम पढ़े-लिखे युवाओं को आसानी से निशाना बना रहे हैं। पकड़ा गया समीर केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और मजदूरी करता था। पूर्व में भी शामली के कलीम और उसका भाई तहसीम पकड़े जा चुके हैं, जो पांचवीं और आठवीं तक पढ़े थे और रेहड़ी लगाकर जीविका चलाते थे।
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बुटराड़ा गांव के समीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों को दो से तीन साल तक काम करने के बाद हैंडलर बनाने और हर माह मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। जांच के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलर सरफराज द्वारा शामली के बुटराड़ा निवासी समीर समेत बिहार, दिल्ली, गाजियाबाद, पटना और वेस्ट यूपी के अन्य जिलों के युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल किया गया था। इन युवाओं से रेलवे स्टेशनों व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की फोटो और वीडियो मंगवाई जाती थीं।
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एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आशंका है कि जिले के अन्य युवक भी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में हो सकते हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल को लगाया गया है।
रात आठ बजे के बाद दी जाती थी ऑनलाइन ट्रेनिंग
शामली। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि युवाओं को विदेशी नंबरों के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाती थी। उन्हें बताया जाता था कि किस तरह वीडियो और फोटो भेजनी है और जीपीएस लोकेशन ऑन रखनी है। शक से बचने के लिए ट्रेनिंग का समय रात आठ बजे के बाद रखा जाता था।
इकबाल काना के नाम का भी दिया जाता था उदाहरण
कैराना से पाकिस्तान जाकर बसे इकबाल काना का उदाहरण देकर युवाओं को प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं पाकिस्तान में इकबाल नाम बदलकर कोई फिर से सक्रिय तो नहीं हो गया है।
कम पढ़े-लिखे युवक बन रहे सॉफ्ट टारगेट
पुलिस के अनुसार आईएसआई का शिकार कम पढ़े-लिखे युवाओं को आसानी से निशाना बना रहे हैं। पकड़ा गया समीर केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और मजदूरी करता था। पूर्व में भी शामली के कलीम और उसका भाई तहसीम पकड़े जा चुके हैं, जो पांचवीं और आठवीं तक पढ़े थे और रेहड़ी लगाकर जीविका चलाते थे।