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Shamli News: चलते-चलते लॉक हो रहे ई-रिक्शा, चालकों ने आरटीओ से लगाई गुहार
Fri, 03 Jul 2026 12:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:36 AM IST
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शामली। जिले में ई-रिक्शा के चलते-चलते अचानक लॉक होने की घटनाओं से चालक परेशान हैं। कई चालकों ने परिवहन विभाग से शिकायत कर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
चालकों का कहना है कि बैटरी पूरी तरह चार्ज होने के बावजूद ई-रिक्शा अचानक बंद होकर लॉक हो जाते हैं, जिन्हें मैकेनिक से अनलॉक कराना पड़ता है।
शहर के काजीवाड़ा निवासी मनोज कुमार, अभय कुमार और राजीव ने बताया कि वे यात्रियों को लेकर शामली से टपराना जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में उनका ई-रिक्शा अचानक लॉक हो गया। काफी प्रयास के बाद भी रिक्शा चालू नहीं हुआ। बाद में मैकेनिक से अनलॉक कराने पर करीब 300 रुपये खर्च करने पड़े।
चालकों का कहना है कि ई-रिक्शा में लगे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) से जुड़ा एक मोबाइल एप है। उन्हें आशंका है कि एप के माध्यम से किसी ने सिस्टम को हैक कर ई-रिक्शा लॉक कर दिए हैं। इससे चालकों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ यात्रियों के सामने भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) प्रवर्तन प्रवेश कुमार ने बताया कि कुछ ई-रिक्शा चालकों से इस तरह की शिकायतें मिली हैं। मामले की जांच कराई जाएगी। यह तकनीकी खराबी, किसी शरारती तत्व की हरकत या साइबर ठगी का मामला भी हो सकता है। जरूरत पड़ने पर पुलिस और साइबर विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि ई-रिक्शा के अचानक लॉक होने की असली वजह का पता लगाया जा सके।
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चालकों का कहना है कि बैटरी पूरी तरह चार्ज होने के बावजूद ई-रिक्शा अचानक बंद होकर लॉक हो जाते हैं, जिन्हें मैकेनिक से अनलॉक कराना पड़ता है।
शहर के काजीवाड़ा निवासी मनोज कुमार, अभय कुमार और राजीव ने बताया कि वे यात्रियों को लेकर शामली से टपराना जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में उनका ई-रिक्शा अचानक लॉक हो गया। काफी प्रयास के बाद भी रिक्शा चालू नहीं हुआ। बाद में मैकेनिक से अनलॉक कराने पर करीब 300 रुपये खर्च करने पड़े।
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चालकों का कहना है कि ई-रिक्शा में लगे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) से जुड़ा एक मोबाइल एप है। उन्हें आशंका है कि एप के माध्यम से किसी ने सिस्टम को हैक कर ई-रिक्शा लॉक कर दिए हैं। इससे चालकों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ यात्रियों के सामने भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) प्रवर्तन प्रवेश कुमार ने बताया कि कुछ ई-रिक्शा चालकों से इस तरह की शिकायतें मिली हैं। मामले की जांच कराई जाएगी। यह तकनीकी खराबी, किसी शरारती तत्व की हरकत या साइबर ठगी का मामला भी हो सकता है। जरूरत पड़ने पर पुलिस और साइबर विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि ई-रिक्शा के अचानक लॉक होने की असली वजह का पता लगाया जा सके।