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Shamli News: नौ ग्राम पंचायत क्षय मुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 02 Feb 2026 11:35 PM IST
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शामली। वर्ष 2025 में हुए सर्वे के बाद क्षय रोग मुक्त नौ ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। विश्व क्षय रोग दिवस पर जिला प्रशासन की तरफ से चयनित ग्राम पंचायतों को प्रमाण पत्र व महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर पुरस्कृत किया जाएगा।
शासन की तरफ से क्षय रोग को जड़ से खत्म करने के लिए ग्राम पंचायतों का सर्वे कराया गया है। सर्वे में तय मानकों पर खरी उतरने वाली ग्राम पंचायतों को क्षय रोग मुक्त चयनित किया जाता है। जिला कार्यक्रम समन्वयक राहुल त्यागी ने बताया कि वर्ष 2025 में ग्राम पंचायतों के सर्वे में मानकों को पूरा करने वाली नौ ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। कांधला ब्लाक में मीमला, रामपुर खेड़ी, हुरमजपुर व रसूलपुर ग्राम पंचायतें चयनित हुई है। ऊन ब्लाक में भाटू व राझड़, थानाभवन ब्लाक में मारुखेड़ी व यारपुर और कैराना ब्लाक में हिंगोखेड़ी क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायतों के रूप चयनित हुई है। सबसे अधिक कांधला ब्लाक से चार ग्राम पंचायतों का चयन हुआ जबकि शामली ब्लाक से किसी भी ग्राम पंचायत का चयन नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि चयनित ग्राम पंचायतों को 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस पर महात्मा गांधी की प्रतिमा एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। प्रमाणपत्र एक वर्ष के लिए वैध होंगे। सम्मान में दी गई महात्मा गांधी की प्रतिमा ग्राम पंचायत सदन में रखी जाएगी।
यारपुर ग्राम पंचायत को मिलेगी स्वर्ण कलर की प्रतिमा
वर्ष 2025 में चयनित नौ ग्राम पंचायत में शामिल यारपुर ऐसी ग्राम पंचायत रही है, जो लगातार तीन साल से क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायत के रूप में चयनित हो रही है। तीन ग्राम पंचायतें हुरमजपुर, रसूलपुर और हिंगोखेड़ी लगातार दूसरी बार चयनित हुई। अन्य छह ग्राम पंचायतों का पहली बार क्षय रोग मुक्त होने पर चयन किया गया है। पीपीएम शबी आजम ने बताया कि पहली बार चयनित होने वाली ग्राम पंचायत को कांस्य कलर की प्रतिमा, लगातार दो साल तक चयनित होने पर सिल्वर कलर और लगातार तीन साल तक चयन होने वाली ग्राम पंचायत को स्वर्ण कलर की महात्मा गांधी की प्रतिमा भेंट की जाएगी।
क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायतों के मानक
- प्रति एक हजार की आबादी पर क्षय रोग के एक या उससे कम नए मामले होना।
- मरीजों के इलाज की सफलता दर 85 से 90 प्रतिशत या उससे अधिक होना।
- निक्षय मित्रों के माध्यम से शत प्रतिशत पोषण सहायता का लाभ मिलना।
- क्षय रोग के लक्षण वाले मरीजों की जांच दर 60 से 70 प्रतिशत होना।
- क्षय रोगियों का रिकॉर्ड शत-प्रतिशत नि-क्षय पोर्टल पर दर्ज होना।
चयन की प्रक्रिया
ग्राम पंचायतें ब्लाक स्तर पर क्षय रोग मुक्त होने का दावा करती है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पंचायती राज प्रतिनिधि की जिला स्तरीय टीम सर्वे कर वार्षिक दावों का सत्यापन करती है। इसके बाद राज्य स्तरीय टीम द्वारा सत्यापन किया जाता है।
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यारपुर ग्राम पंचायत को मिलेगी स्वर्ण कलर की प्रतिमा
वर्ष 2025 में चयनित नौ ग्राम पंचायत में शामिल यारपुर ऐसी ग्राम पंचायत रही है, जो लगातार तीन साल से क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायत के रूप में चयनित हो रही है। तीन ग्राम पंचायतें हुरमजपुर, रसूलपुर और हिंगोखेड़ी लगातार दूसरी बार चयनित हुई। अन्य छह ग्राम पंचायतों का पहली बार क्षय रोग मुक्त होने पर चयन किया गया है। पीपीएम शबी आजम ने बताया कि पहली बार चयनित होने वाली ग्राम पंचायत को कांस्य कलर की प्रतिमा, लगातार दो साल तक चयनित होने पर सिल्वर कलर और लगातार तीन साल तक चयन होने वाली ग्राम पंचायत को स्वर्ण कलर की महात्मा गांधी की प्रतिमा भेंट की जाएगी।
क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायतों के मानक
- प्रति एक हजार की आबादी पर क्षय रोग के एक या उससे कम नए मामले होना।
- मरीजों के इलाज की सफलता दर 85 से 90 प्रतिशत या उससे अधिक होना।
- निक्षय मित्रों के माध्यम से शत प्रतिशत पोषण सहायता का लाभ मिलना।
- क्षय रोग के लक्षण वाले मरीजों की जांच दर 60 से 70 प्रतिशत होना।
- क्षय रोगियों का रिकॉर्ड शत-प्रतिशत नि-क्षय पोर्टल पर दर्ज होना।
चयन की प्रक्रिया
ग्राम पंचायतें ब्लाक स्तर पर क्षय रोग मुक्त होने का दावा करती है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पंचायती राज प्रतिनिधि की जिला स्तरीय टीम सर्वे कर वार्षिक दावों का सत्यापन करती है। इसके बाद राज्य स्तरीय टीम द्वारा सत्यापन किया जाता है।
