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Shamli News: मांगों को लेकर पंचायत सहायकों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:07 AM IST
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कलक्ट्रेट में पहुंचे पंचायत सहायक। संवाद
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शामली। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन जनपद के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान पंचायत सहायकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और मानदेय वृद्धि समेत पांच प्रमुख मांगों को लेकर आवाज उठाई गई। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि 15 जुलाई तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि पंचायत सहायकों की नियुक्ति मानदेय के आधार पर की गई थी, लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें मात्र छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। बढ़ती महंगाई और कार्यभार के बावजूद मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। इसके अलावा पंचायत सहायकों को न तो चिकित्सा सुविधा मिल रही है और न ही किसी प्रकार के अन्य सरकारी लाभ उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ज्ञापन में पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने, राजकीय कर्मचारियों की तर्ज पर पेंशन एवं ग्रेच्युटी की सुविधा प्रदान करने, संविदा सेवाओं को बिना शर्त नियमित करने, विभागीय अधिकारियों के पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण देने तथा ईपीएफ, बीमा और अन्य सरकारी सुविधाएं लागू करने की मांग की गई।
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पदाधिकारियों ने कहा कि यदि 15 जुलाई तक मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा और लखनऊ में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में मोहम्मद फैजल, अनुज कुमार, साजिदा बानो समेत यूनियन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।
इस दौरान पंचायत सहायकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और मानदेय वृद्धि समेत पांच प्रमुख मांगों को लेकर आवाज उठाई गई। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि 15 जुलाई तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि पंचायत सहायकों की नियुक्ति मानदेय के आधार पर की गई थी, लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें मात्र छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। बढ़ती महंगाई और कार्यभार के बावजूद मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। इसके अलावा पंचायत सहायकों को न तो चिकित्सा सुविधा मिल रही है और न ही किसी प्रकार के अन्य सरकारी लाभ उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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ज्ञापन में पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने, राजकीय कर्मचारियों की तर्ज पर पेंशन एवं ग्रेच्युटी की सुविधा प्रदान करने, संविदा सेवाओं को बिना शर्त नियमित करने, विभागीय अधिकारियों के पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण देने तथा ईपीएफ, बीमा और अन्य सरकारी सुविधाएं लागू करने की मांग की गई।
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पदाधिकारियों ने कहा कि यदि 15 जुलाई तक मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा और लखनऊ में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में मोहम्मद फैजल, अनुज कुमार, साजिदा बानो समेत यूनियन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।