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Shamli News: पीएनबी शाखा में रुपये गबन पर बैंक पर जड़ा ताला
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 12 Jun 2026 12:11 AM IST
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जलालाबाद में बैंक के बाहर हंगामा करते उपभोक्ता। संवाद
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जलालाबाद (शामली)। पंजाब नेशनल बैंक की जलालाबाद शाखा में करोड़ों रुपये क गबन के मामले को लेकर बृहस्पतिवार को ग्राहकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में पीड़ित खाताधारकों ने बैंक पहुंचकर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा लेनदेन के लिए आए ग्राहकों को कई घंटे तक अंदर ही रोके रखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला तुड़वाकर बैंक का संचालन दोबारा शुरू कराया।
उपभोक्ताओं का कहना था कि बैंक मित्र अंकुर पर ग्राहकों द्वारा जमा कराई गई रकम खातों में जमा न कर गबन करने के आरोप हैं। मामला के सामने आने के बाद लगातार नए पीड़ित सामने आ रहे हैं। ग्राहकों का आरोप है कि घटना को करीब 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दोषी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आक्रोशित खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बृहस्पतिवार को मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी दांव पर लगी है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं
हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और ताले की चाबी मांगी, लेकिन चाबी नहीं मिलने पर हथौड़ा मंगवाकर ताला तुड़वाया गया। इसके बाद बैंक का कामकाज सामान्य कराया गया। सीओ ने कहा कि आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति भी नहीं दी जा सकती।
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एक करोड़ से अधिक की रकम फंसने का अनुमान
पीड़ित खाताधारकों ने बैंक प्रबंधक को प्रार्थना पत्र देकर उनकी जमा धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। अब तक सामने आए मामलों में याकूब निवासी जलालाबाद के करीब 21 लाख रुपये, राजादुलारी निवासी दखौड़ी जमालपुर के दो लाख रुपये, जहीर अहमद के डेढ़ लाख रुपये, उषा देवी के 1.08 लाख रुपये, शकीला के 1.56 लाख रुपये, कामेश देवी के 1.30 लाख रुपये, साक्षी के 1.50 लाख रुपये और कविता के 16 हजार रुपये सहित अन्य लोगों की रकम शामिल है। पीड़ितों के अनुसार कुल राशि एक करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने बैंक के पूर्व और वर्तमान अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
बैंक मैनेजर मानवेंद्र का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। पिछले छह माह की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई जा रही है, ताकि बैंक मित्र की गतिविधियों के साथ-साथ अन्य संदिग्ध पहलुओं की भी जांच की जा सके। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लोगों ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
उपभोक्ताओं का कहना था कि बैंक मित्र अंकुर पर ग्राहकों द्वारा जमा कराई गई रकम खातों में जमा न कर गबन करने के आरोप हैं। मामला के सामने आने के बाद लगातार नए पीड़ित सामने आ रहे हैं। ग्राहकों का आरोप है कि घटना को करीब 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दोषी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आक्रोशित खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बृहस्पतिवार को मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी दांव पर लगी है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं
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हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और ताले की चाबी मांगी, लेकिन चाबी नहीं मिलने पर हथौड़ा मंगवाकर ताला तुड़वाया गया। इसके बाद बैंक का कामकाज सामान्य कराया गया। सीओ ने कहा कि आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति भी नहीं दी जा सकती।
एक करोड़ से अधिक की रकम फंसने का अनुमान
पीड़ित खाताधारकों ने बैंक प्रबंधक को प्रार्थना पत्र देकर उनकी जमा धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। अब तक सामने आए मामलों में याकूब निवासी जलालाबाद के करीब 21 लाख रुपये, राजादुलारी निवासी दखौड़ी जमालपुर के दो लाख रुपये, जहीर अहमद के डेढ़ लाख रुपये, उषा देवी के 1.08 लाख रुपये, शकीला के 1.56 लाख रुपये, कामेश देवी के 1.30 लाख रुपये, साक्षी के 1.50 लाख रुपये और कविता के 16 हजार रुपये सहित अन्य लोगों की रकम शामिल है। पीड़ितों के अनुसार कुल राशि एक करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने बैंक के पूर्व और वर्तमान अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
बैंक मैनेजर मानवेंद्र का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। पिछले छह माह की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई जा रही है, ताकि बैंक मित्र की गतिविधियों के साथ-साथ अन्य संदिग्ध पहलुओं की भी जांच की जा सके। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लोगों ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

जलालाबाद में बैंक के बाहर हंगामा करते उपभोक्ता। संवाद