Shamli: मोनू हत्याकांड पर उबाल, एसपी ऑफिस पर कश्यप समाज का धरना, सीबीआई जांच की मांग
शामली के जसाला गांव में मोनू कश्यप की हत्या के मामले में कश्यप समाज ने एसपी कार्यालय पर धरना देकर सीबीआई जांच, 50 लाख मुआवजा और परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
विस्तार
शामली जनपद के गांव जसाला निवासी मोनू कश्यप की हत्या के मामले को लेकर कश्यप समाज में आक्रोश देखने को मिला। सोमवार को समाज के लोगों और महिलाओं ने एसपी कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई।
सीबीआई जांच और मुआवजे की मांग
कश्यप एकता समिति के जिलाध्यक्ष मोहित कश्यप के नेतृत्व में समाज के लोग एसपी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया।
ज्ञापन में मोनू कश्यप हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा मृतक की पत्नी को पांच बीघा भूमि का पट्टा देने की भी मांग उठाई गई।
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परिजनों को सुरक्षा का डर
प्रदर्शन के दौरान मोहित कश्यप ने कहा कि मोनू कश्यप की तीन दिन पहले हत्या कर दी गई थी, लेकिन अभी तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि परिवार बेहद गरीब है और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका भी बनी हुई है। इसलिए प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
इस मामले में एसपी एनपी सिंह ने बताया कि मोनू के परिजनों ने उसके दोस्तों शुभम और सचिन पर ट्रेन के आगे धक्का देकर हत्या करने का आरोप लगाया था। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच के दौरान सामने आया है कि मोनू का एक लड़की से प्रेम प्रसंग था। किसी बात को लेकर दोनों दोस्तों के बीच विवाद हुआ था। प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो रहा है कि झगड़े के दौरान उसके दोस्तों ने उसे रेलवे लाइन पर धक्का दे दिया, जिससे वह ट्रेन की चपेट में आ गया और उसके पैर कट गए।
मेरठ में इलाज के दौरान हुई मौत
घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। ज्यादा रक्तस्राव होने के कारण मोनू को गंभीर हालत में मेरठ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एसपी एनपी सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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