UP: अमेरिका का सपना बना सजा, डंकी रूट ने छीना भविष्य, 62 लाख खर्च कर हथकड़ियों में भारत लौटा सहारनपुर का लाल
सहारनपुर के बडूली माजरा निवासी भानू प्रताप का अमेरिका जाने का सपना डंकी रूट के कारण सजा में बदल गया। 62 लाख रुपये खर्च कर युवक को हथकड़ियों में भारत डिपोर्ट किया गया।
विस्तार
आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने लेकर अमेरिका गए युवाओं के लिए डंकी रूट अब एक भयावह हकीकत बन चुका है। गुरुवार को अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवकों में सहारनपुर जनपद के बड़गांव क्षेत्र के गांव बडूली माजरा निवासी भानू प्रताप भी शामिल है, जिसे हथकड़ियों और बेड़ियों में जकड़कर भारत भेजा गया।
62 लाख रुपये खर्च, फिर भी धोखा
भानू प्रताप सिंह गांव के पूर्व प्रधान ब्रह्मजीत सिंह के भतीजे हैं। उनके पिता देवेन्द्र सिंह किसान हैं, जिन्होंने अपने इकलौते बेटे को स्टडी वीजा के जरिए अमेरिका भेजने के लिए कर्ज लेकर और संसाधन जुटाकर करीब 62 लाख रुपये खर्च किए। करनाल (हरियाणा) के एक एजेंट को यह रकम दी गई थी, जबकि करीब तीन लाख रुपये अन्य खर्चों में लग गए।
जंगलों में गुजरी रातें, जान हथेली पर
स्थानीय लोगों के अनुसार भानू प्रताप करीब एक साल पहले डंकी रूट के जरिए किसी तरह अमेरिका पहुंचा था। इस दौरान उसे कई दिन जंगलों में छिपकर बिताने पड़े। भानू ने बताया कि एजेंट ने पहले फ्लाइट से उसे ब्राजील भेजा, जहां वीजा न होने के कारण 16 दिन तक एयरपोर्ट के शिविर में रखा गया।
दीवार कूदकर एंट्री, फिर गिरफ्तारी
ब्राजील से बाहर निकलने के बाद एजेंट के संपर्क से उसे कैंप होल्डिंग ले जाया गया और फिर 24 जनवरी 2025 को एरीजोना स्टेट में दीवार कूदकर अमेरिका में दाखिल कराया गया। वहां अमेरिकी सेना ने भानू और उसके साथियों को हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर भेज दिया।
हथकड़ियों में भारत वापसी
न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को भानू को हाथ-पैर में बेड़ियां डालकर अमेरिका से डिपोर्ट किया गया। बुधवार को वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा और गुरुवार को अपने गांव लौटा। पिता देवेन्द्र सिंह ने एजेंट द्वारा धोखाधड़ी की बात कही है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
भानू के लौटने के बाद गांव और परिवार में मातम पसरा हुआ है। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया, लेकिन डंकी रूट ने उस सपने को दर्दनाक अंजाम में बदल दिया।