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Shamli: चाचा ने काट दिया पांच साल की भतीजी का गला, कोर्ट ने सुनाई ये सजा; एक 'आम' बना था हत्या की वजह
Thu, 23 Jul 2026 09:59 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 23 Jul 2026 09:59 PM IST
सार
कैराना स्थित खेड़ा कुरतान गांव में 2022 में मासूम खैरून की हत्या कर दी गई थी। खून से लथपथ शव बोरे में मिला था। पुलिस ने खैरून के चाचा उमरदीन को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने हत्यारे को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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खैरून की फाइल फोटो, हत्यारा चाचा उमरदीन और पिता खुर्शेद।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
थाना कांधला क्षेत्र के गांव खेड़ा कुरतान में वर्ष 2022 में पांच वर्षीय मासूम खैरून की गला रेतकर हत्या कर शव बोरे में छिपाने के मामले में अदालत ने आरोपी चाचा उमरदीन को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पांच वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या जघन्य अपराध की श्रेणी में आती है, इसलिए आरोपी किसी भी प्रकार की रियायत का पात्र नहीं है। अदालत ने आरोपी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय पूनिया ने बताया कि 19 जुलाई 2022 की शाम गांव खेड़ा कुरतान निवासी खुर्शेद की पांच वर्षीय बेटी खैरून खेलते समय लापता हो गई थी। रात करीब साढ़े नौ बजे परिजन तलाश करते हुए खुर्शेद के चचेरे भाई उमरदीन के घर पहुंचे। वहां एक बंद बोरे के पास खून फैला मिला। बोरा खोलने पर उसमें बच्ची का शव मिला, जिसका चाकू से गला रेता गया था।
पुलिस पूछताछ में उमरदीन ने बताया था कि खैरून उससे आम मांग रही थी। मना करने के बावजूद वह नहीं मानी, जिस पर उसने पहले उसके सिर पर डंडा मारा और फिर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। बाद में शव को बोरे में बंद कर घर में पानी की टंकी के पीछे छिपा दिया।
खुर्शेद की तहरीर पर थाना कांधला पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार सिंह ने आरोपी उमरदीन को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
नौ गवाहों की गवाही बनी सजा का आधार
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह न्यायालय में पेश किए गए। गवाहों के बयान, पुलिस विवेचना और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह न्यायालय में पेश किए गए। गवाहों के बयान, पुलिस विवेचना और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
मृतका के घर से ही खाता था खाना
पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी उमरदीन अविवाहित था और अपनी मां के साथ रहता था। उसके घर का खाना अक्सर मृतका के परिवार से जाता था। परिवार उसे अपना करीबी मानता था और घरेलू मामलों में उसकी सलाह भी ली जाती थी।
पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी उमरदीन अविवाहित था और अपनी मां के साथ रहता था। उसके घर का खाना अक्सर मृतका के परिवार से जाता था। परिवार उसे अपना करीबी मानता था और घरेलू मामलों में उसकी सलाह भी ली जाती थी।
टंकी के पास खड़े होने पर हुआ था शक
हत्या के बाद आरोपी ने शव को बोरे में बंद कर घर में पानी की टंकी के पीछे छिपा दिया था। पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में वह बार-बार टंकी के पास जाकर खड़ा हो रहा था। उसके व्यवहार पर शक होने के बाद पुलिस ने वहां तलाश की तो बोरे में बच्ची का शव बरामद हो गया।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को बोरे में बंद कर घर में पानी की टंकी के पीछे छिपा दिया था। पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में वह बार-बार टंकी के पास जाकर खड़ा हो रहा था। उसके व्यवहार पर शक होने के बाद पुलिस ने वहां तलाश की तो बोरे में बच्ची का शव बरामद हो गया।
आरोपी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी
मृतका के पिता खुर्शेद ने कहा कि आरोपी परिवार का करीबी था और वह उसे अपने घर से खाना भी खिलाते थे। इसके बावजूद उसने उनकी मासूम बेटी की हत्या कर दी। उनका कहना है कि आरोपी को उम्रकैद नहीं, बल्कि फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। इसके लिए वे उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
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मृतका के पिता खुर्शेद ने कहा कि आरोपी परिवार का करीबी था और वह उसे अपने घर से खाना भी खिलाते थे। इसके बावजूद उसने उनकी मासूम बेटी की हत्या कर दी। उनका कहना है कि आरोपी को उम्रकैद नहीं, बल्कि फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। इसके लिए वे उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
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सजा के बाद भी दोषी के चेहरे पर नहीं थी शिकन
अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद भी आरोपी उमरदीन के चेहरे पर कोई शिकन या पछतावा दिखाई नहीं दिया। वहीं, मृतका के पिता खुर्शेद ने कहा कि सजा सुनने के बावजूद आरोपी के हावभाव से ऐसा नहीं लगा कि उसे अपने कृत्य पर कोई पछतावा है।
अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद भी आरोपी उमरदीन के चेहरे पर कोई शिकन या पछतावा दिखाई नहीं दिया। वहीं, मृतका के पिता खुर्शेद ने कहा कि सजा सुनने के बावजूद आरोपी के हावभाव से ऐसा नहीं लगा कि उसे अपने कृत्य पर कोई पछतावा है।