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Shamli News: ऑनलाइन बिक्री के विरोध में बंद रहीं दवा की दुकानें
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शामली। ऑनलाइन दवा की बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया आर्गेनाइनेजशन ऑफ केमिस्टस एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) व ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट उप्र (ओसीडीयूपी) के आह्वान पर बुधवार को शामली केमिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में दवा की दुकानें दो घंटे तक बंद रखी गई। दवा व्यापारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा।
शामली केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज सिंह मलिक के नेतृत्व में पहुंचे दवा व्यापारियों ने सुबह दस बजे दोपहर 12 बजे तक अपनी दवा की दुकानें बंद रखकर एक दिवसीय हड़ताल सांकेतिक रूप से रखी और ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा की बिक्री बिना पर्याप्त निगरानी और सत्यापन के लगातार बढ़ रही है, जो आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। लंबे समय से सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना वैध और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की होम डिलीवरी कर रहे हैं, जबकि ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद वर्षों से विभिन्न ऑनलाइन कंपनियां दवाओं की बिक्री कर रही हैं। इसके बाद दवा व्यापारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम डीएम आलोक यादव को ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन में एसोसिएशन ने अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई करने, बिना वैध एवं चिकित्सकीय परामर्श और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवा बिक्री व होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, जीएसआर 817(ई) और जीएसआर 220(ई) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट पर रोक लगाने की मांग की। वहीं, शहर में दवा की दुकानें बंद रहने से मरीजों और ग्राहकों को दवा के लिए परेशान होना पड़ा।
व्यापार मंडल ने खुली रखीं दवा की दुकानें
शामली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला महामंत्री मंत्री संजीव कुमार ने बताया कि संगठन के आह्वान पर बुधवार को उनके संगठन से जुड़े दवा विक्रेताओं ने दुकानें खुली रखी। सभी दवा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर नियमित रूप से व्यापार संचालित करते हुए हाथों में काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन दवा बिक्री का शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा व्यापार का पुरजोर विरोध करते हैं, लेकिन आमजन एवं मरीजों की सुविधा को देखते हुए दवा की दुकानें बंद नहीं रखी। कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री कुलदीप गोयल ने बताया कि उनके संगठन से जुड़े दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें खुली रखी और जनसेवा को निर्बाध रूप से जारी रखा।
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शामली केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज सिंह मलिक के नेतृत्व में पहुंचे दवा व्यापारियों ने सुबह दस बजे दोपहर 12 बजे तक अपनी दवा की दुकानें बंद रखकर एक दिवसीय हड़ताल सांकेतिक रूप से रखी और ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा की बिक्री बिना पर्याप्त निगरानी और सत्यापन के लगातार बढ़ रही है, जो आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। लंबे समय से सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना वैध और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की होम डिलीवरी कर रहे हैं, जबकि ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद वर्षों से विभिन्न ऑनलाइन कंपनियां दवाओं की बिक्री कर रही हैं। इसके बाद दवा व्यापारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम डीएम आलोक यादव को ज्ञापन सौंपा।
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व्यापार मंडल ने खुली रखीं दवा की दुकानें
शामली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला महामंत्री मंत्री संजीव कुमार ने बताया कि संगठन के आह्वान पर बुधवार को उनके संगठन से जुड़े दवा विक्रेताओं ने दुकानें खुली रखी। सभी दवा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर नियमित रूप से व्यापार संचालित करते हुए हाथों में काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन दवा बिक्री का शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा व्यापार का पुरजोर विरोध करते हैं, लेकिन आमजन एवं मरीजों की सुविधा को देखते हुए दवा की दुकानें बंद नहीं रखी। कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री कुलदीप गोयल ने बताया कि उनके संगठन से जुड़े दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें खुली रखी और जनसेवा को निर्बाध रूप से जारी रखा।