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Shamli News: कहीं पिता के नाम में गलती, तो कहीं पत्नी का नाम ही सूची से गायब
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कैराना। एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत जारी नोटिसों ने मतदाताओं की परेशानी बढ़ा दी है। किसी के पिता के नाम में त्रुटि है तो किसी की पत्नी का नाम मतदाता सूची में दर्ज ही नहीं है। नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में मतदाता तहसील पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें सुधार की प्रक्रिया में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
20 साल पुरानी वोटर लिस्ट में गलती, अब मिल रहा नोटिस
मोहल्ला दरबार खुर्द निवासी कासिम ने बताया कि वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट में उसकी माता शकीला के नाम के आगे उनके पिता का नाम नूर हसन दर्ज है, जबकि पहचान पत्र में सही नाम नूर मोहम्मद है। पिता के नाम में हुई इस त्रुटि के कारण उसकी माता शकीला को एसआईआर के तहत नोटिस जारी किया गया है।
ख और क की गलती बनी नोटिस की वजह
मलकपुर निवासी मेहरबान ने बताया कि उसे भी एसआईआर के तहत नोटिस मिला है। 2003 की वोटर लिस्ट में उसके पिता का नाम फकरुद्दीन दर्ज है, जबकि सही नाम फखरुद्दीन है। नाम में ख के स्थान पर क दर्ज होने की गलती के कारण नोटिस जारी किया गया। समस्या के समाधान के लिए वह तहसील पहुंचे हैं।
पत्नी की आईडी जमा, फिर भी नाम अधूरा
बुच्चाखेड़ी निवासी इंद्रपाल ने बताया कि वर्ष 2016 में उसकी शादी उत्तराखंड निवासी सीमा के साथ हुई थी। उसने अपनी पत्नी सीमा की तीन आईडी जमा कर दी थीं, लेकिन आईडी में सीमा के पिता का नाम दर्ज नहीं होने के कारण उसकी पत्नी को नोटिस भेज दिया गया है।
मतदाता बोले-सुधार के लिए बार-बार बुलाया जा रहा
नोटिस पाने वाले मतदाताओं का कहना है कि छोटी-छोटी त्रुटियों के कारण उन्हें बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे न सिर्फ समय और पैसा बर्बाद हो रहा है, बल्कि मतदाता मानसिक रूप से भी परेशान हैं।
इन्होंने कहा
मतदाताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। फार्म भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। लोगों से अपील है कि जल्द से जल्द सुधार करा लें।
-विनय कुमार भदौरिया, प्रभारी, जिला निर्वाचन कार्यालय
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20 साल पुरानी वोटर लिस्ट में गलती, अब मिल रहा नोटिस
मोहल्ला दरबार खुर्द निवासी कासिम ने बताया कि वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट में उसकी माता शकीला के नाम के आगे उनके पिता का नाम नूर हसन दर्ज है, जबकि पहचान पत्र में सही नाम नूर मोहम्मद है। पिता के नाम में हुई इस त्रुटि के कारण उसकी माता शकीला को एसआईआर के तहत नोटिस जारी किया गया है।
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ख और क की गलती बनी नोटिस की वजह
मलकपुर निवासी मेहरबान ने बताया कि उसे भी एसआईआर के तहत नोटिस मिला है। 2003 की वोटर लिस्ट में उसके पिता का नाम फकरुद्दीन दर्ज है, जबकि सही नाम फखरुद्दीन है। नाम में ख के स्थान पर क दर्ज होने की गलती के कारण नोटिस जारी किया गया। समस्या के समाधान के लिए वह तहसील पहुंचे हैं।
पत्नी की आईडी जमा, फिर भी नाम अधूरा
बुच्चाखेड़ी निवासी इंद्रपाल ने बताया कि वर्ष 2016 में उसकी शादी उत्तराखंड निवासी सीमा के साथ हुई थी। उसने अपनी पत्नी सीमा की तीन आईडी जमा कर दी थीं, लेकिन आईडी में सीमा के पिता का नाम दर्ज नहीं होने के कारण उसकी पत्नी को नोटिस भेज दिया गया है।
मतदाता बोले-सुधार के लिए बार-बार बुलाया जा रहा
नोटिस पाने वाले मतदाताओं का कहना है कि छोटी-छोटी त्रुटियों के कारण उन्हें बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे न सिर्फ समय और पैसा बर्बाद हो रहा है, बल्कि मतदाता मानसिक रूप से भी परेशान हैं।
इन्होंने कहा
मतदाताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। फार्म भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। लोगों से अपील है कि जल्द से जल्द सुधार करा लें।
-विनय कुमार भदौरिया, प्रभारी, जिला निर्वाचन कार्यालय
