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Shamli News: युद्ध का असर... तीन करोड़ से अधिक के ऑर्डर अटके
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 03 Mar 2026 12:40 AM IST
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शामली। इस्राइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग का असर अब शामली जिले के उद्योग और व्यापार पर भी पड़ने लगा है। विदेशों से मिले कई ऑर्डर होल्ड पर डाल दिए गए हैं, जबकि कुछ स्थानों से नए ऑर्डर मिलना बंद हो गए हैं। कई मालवाहक वाहन बीच रास्ते में फंसे हैं। तीन करोड़ से अधिक के ऑर्डर अटक गए हैं।
जिले से अमेरिका और इजरायल में रिम और माचिस की सप्लाई होती थी, जबकि ईरान से माचिस में इस्तेमाल होने वाला मोम आयात किया जाता था। आईआईए के पूर्व अध्यक्ष एवं उद्यमी आशीष जैन ने बताया कि अमेरिका से हाल ही में सवा करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले थे, जिन्हें मौजूदा हालात के कारण होल्ड पर डाल दिया गया है। वहीं इस्राइल में पिछले तीन माह से नए ऑर्डर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्यात बाधित होने से हर माह करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। विभिन्न स्थानों पर करीब तीन करोड़ के ऑर्डर अटके हैं।
उद्यमी अनुज गर्ग ने बताया कि ईरान से आने वाला मोम लेकर चले कई वाहन रास्ते में ही फंसे हैं। डिलीवरी में एक से दो माह की देरी हो रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है और अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया है।
किसान सुभाष ने बताया कि पिछले वर्ष ईरान में शामली से दो ट्रक बासमती चावल भेजे गए थे, लेकिन इस बार वहां के व्यापारियों ने युद्ध का हवाला देकर चावल लेने से इनकार कर दिया है।
ड्राईफ्रूट्स की कीमतों में आ सकता है उछाल
बादाम, अंजीर और पिस्ता जैसे ड्राईफ्रूट मुख्य रूप से अफगानिस्तान, ईरान और तुर्किये से आयात होते हैं। दुकानदार धनश्याम दास गर्ग का कहना है कि आपूर्ति बाधित होने से कीमतों में तेजी आ सकती है।
सोना-चांदी भी हुए महंगे
युद्ध के असर से सर्राफा बाजार में भी तेजी देखी जा रही है। सर्राफ प्रदीप के अनुसार चांदी करीब 40 हजार रुपये प्रति किलो महंगी होकर तीन लाख रुपये के पार पहुंच गई है। वहीं सोना भी करीब 15 हजार रुपये बढ़कर 1 लाख 75 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर को पार कर गया है। व्यापारियों का मानना है कि हालात सामान्य न हुए तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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जिले से अमेरिका और इजरायल में रिम और माचिस की सप्लाई होती थी, जबकि ईरान से माचिस में इस्तेमाल होने वाला मोम आयात किया जाता था। आईआईए के पूर्व अध्यक्ष एवं उद्यमी आशीष जैन ने बताया कि अमेरिका से हाल ही में सवा करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले थे, जिन्हें मौजूदा हालात के कारण होल्ड पर डाल दिया गया है। वहीं इस्राइल में पिछले तीन माह से नए ऑर्डर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्यात बाधित होने से हर माह करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। विभिन्न स्थानों पर करीब तीन करोड़ के ऑर्डर अटके हैं।
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उद्यमी अनुज गर्ग ने बताया कि ईरान से आने वाला मोम लेकर चले कई वाहन रास्ते में ही फंसे हैं। डिलीवरी में एक से दो माह की देरी हो रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है और अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया है।
किसान सुभाष ने बताया कि पिछले वर्ष ईरान में शामली से दो ट्रक बासमती चावल भेजे गए थे, लेकिन इस बार वहां के व्यापारियों ने युद्ध का हवाला देकर चावल लेने से इनकार कर दिया है।
ड्राईफ्रूट्स की कीमतों में आ सकता है उछाल
बादाम, अंजीर और पिस्ता जैसे ड्राईफ्रूट मुख्य रूप से अफगानिस्तान, ईरान और तुर्किये से आयात होते हैं। दुकानदार धनश्याम दास गर्ग का कहना है कि आपूर्ति बाधित होने से कीमतों में तेजी आ सकती है।
सोना-चांदी भी हुए महंगे
युद्ध के असर से सर्राफा बाजार में भी तेजी देखी जा रही है। सर्राफ प्रदीप के अनुसार चांदी करीब 40 हजार रुपये प्रति किलो महंगी होकर तीन लाख रुपये के पार पहुंच गई है। वहीं सोना भी करीब 15 हजार रुपये बढ़कर 1 लाख 75 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर को पार कर गया है। व्यापारियों का मानना है कि हालात सामान्य न हुए तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
