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Shamli News: गरीबों का राशन छिना... अब अधिकारी के दरवाजे पर दे रहे हाजिरी
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:06 AM IST
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शामली। जिले में खाद्यान्न योजना के तहत हाल ही में किए गए सर्वे में सैकड़ों ऐसे लोगों के भी राशन कार्ड काट दिए गए हैं, जो वास्तव में पात्र हैं। अब पीड़ित राशन कार्ड बनवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम अरविंद कुमार चौहान ने जांच बैठा दी है।
जिले में करीब 2.13 लाख राशन कार्ड हैं, जिनमें 1,98,290 गृहस्थी और 14,765 अंत्योदय कार्डधारक शामिल हैं। वर्ष 2025 में शासन स्तर पर डिजिटल सत्यापन के माध्यम से ऐसे कार्डधारकों की पहचान की गई थी, जो आयकर रिटर्न भरने के बावजूद सरकारी अभिलेखों में स्वयं को गरीब दर्शाकर मुफ्त राशन ले रहे थे।
इस सूची के आधार पर जिला पूर्ति विभाग ने शामली, कैराना और ऊन तहसील क्षेत्रों में जांच कराई, जिसमें 2536 राशन कार्डधारकों को अपात्र मानते हुए उनके कार्ड निरस्त कर दिए। अब इस कार्रवाई में जिजौला, चंदेनामाल और झिंझाना क्षेत्र के कई ऐसे लोगों के नाम भी काट दिए गए, जो वास्तव में पात्र हैं। nपात्र होकर भी चक्कर काटने के लिए मजबूर : जिजौला निवासी नफीसा ने बताया कि दो साल से राशन मिल रहा था, लेकिन अचानक उनका कार्ड काट दिया गया। उनके पति जमशेद मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। चंदेनामाल निवासी नीलम पत्नी सुनील ने बताया कि वह जलालाबाद के एक विद्यालय में चपरासी हैं, जबकि उसके पति रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पात्र होने के बावजूद उनका राशन कार्ड काट दिया गया है।
गांव निवासी रामपाल उपाध्याय ने बताया कि वह खेतों में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सरकारी राशन से ही उनका गुजारा चलता था, लेकिन उनका भी कार्ड काट दिया गया।
राम सिंह पुत्र गेंदा ने आरोप लगाया कि उनका अंत्योदय कार्ड होने के बावजूद राशन डीलर द्वारा 35 किलो की जगह केवल 10 किलो राशन देता है और विरोध करने पर दुर्व्यवहार किया जाता है।
रुपये लेकर कार्ड बनाने का भी आरोप : चंदेनामाल गांव के करीब 30 ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि रुपये लेकर अपात्रों के राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं, जबकि पात्रों के काटे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने अपने राशन कार्ड दोबारा चालू कराने की मांग की है। nहर माह यह मिलता है राशन : पात्र राशन कार्डधारकों को प्रति व्यक्ति हर महीने 5 किलोग्राम मुफ्त गेहूं या चावल मिलता है, जबकि अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रति परिवार 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है।
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जिले में करीब 2.13 लाख राशन कार्ड हैं, जिनमें 1,98,290 गृहस्थी और 14,765 अंत्योदय कार्डधारक शामिल हैं। वर्ष 2025 में शासन स्तर पर डिजिटल सत्यापन के माध्यम से ऐसे कार्डधारकों की पहचान की गई थी, जो आयकर रिटर्न भरने के बावजूद सरकारी अभिलेखों में स्वयं को गरीब दर्शाकर मुफ्त राशन ले रहे थे।
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इस सूची के आधार पर जिला पूर्ति विभाग ने शामली, कैराना और ऊन तहसील क्षेत्रों में जांच कराई, जिसमें 2536 राशन कार्डधारकों को अपात्र मानते हुए उनके कार्ड निरस्त कर दिए। अब इस कार्रवाई में जिजौला, चंदेनामाल और झिंझाना क्षेत्र के कई ऐसे लोगों के नाम भी काट दिए गए, जो वास्तव में पात्र हैं। nपात्र होकर भी चक्कर काटने के लिए मजबूर : जिजौला निवासी नफीसा ने बताया कि दो साल से राशन मिल रहा था, लेकिन अचानक उनका कार्ड काट दिया गया। उनके पति जमशेद मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। चंदेनामाल निवासी नीलम पत्नी सुनील ने बताया कि वह जलालाबाद के एक विद्यालय में चपरासी हैं, जबकि उसके पति रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पात्र होने के बावजूद उनका राशन कार्ड काट दिया गया है।
गांव निवासी रामपाल उपाध्याय ने बताया कि वह खेतों में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सरकारी राशन से ही उनका गुजारा चलता था, लेकिन उनका भी कार्ड काट दिया गया।
राम सिंह पुत्र गेंदा ने आरोप लगाया कि उनका अंत्योदय कार्ड होने के बावजूद राशन डीलर द्वारा 35 किलो की जगह केवल 10 किलो राशन देता है और विरोध करने पर दुर्व्यवहार किया जाता है।
रुपये लेकर कार्ड बनाने का भी आरोप : चंदेनामाल गांव के करीब 30 ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि रुपये लेकर अपात्रों के राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं, जबकि पात्रों के काटे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने अपने राशन कार्ड दोबारा चालू कराने की मांग की है। nहर माह यह मिलता है राशन : पात्र राशन कार्डधारकों को प्रति व्यक्ति हर महीने 5 किलोग्राम मुफ्त गेहूं या चावल मिलता है, जबकि अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रति परिवार 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है।