{"_id":"6a32ec24cf89c4d5f80a6a36","slug":"devotion-to-shiva-can-avert-the-inevitable-preacher-shravasti-news-c-104-1-srv1004-120930-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"काल को टाल सकती है शिव भक्ति : प्रवाचक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काल को टाल सकती है शिव भक्ति : प्रवाचक
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
श्रावस्ती। भिनगा स्थित एक मैरिज लॉन में 11 दिवसीय शिव महापुराण की कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के 10 वें दिन मंगलवार को प्रवाचक पंडित रमन शास्त्री ने भगवान शिव के भक्ति की महिमा का गुणगान किया। प्रवाचक ने कहा कि भगवान शिव का एक नाम भोले शंकर भी है। वह अपने भक्तों को बिना कुछ सोचे विचारे सर्वस्व प्रदान करने वाले हैं। उनकी भक्ति करने वाले से काल भी दूर रहता है। ऋषि मृकंडु और उनकी पत्नी मरुद्मती को भगवान शिव के वरदान से पुत्र की प्राप्ति हुई थी, लेकिन उसकी आयु केवल 16 वर्ष ही निर्धारित थी। माता-पिता ने बालक का नाम मार्कंडेय रखा। बालक मार्कंडेय जब 16 वर्ष के हुए तो वह जाकर शिवलिंग से लिपट गए। यमराज ने बालक के प्राण लेने के लिए जैसे ही पाश फेंका तो भगवान शिव प्रकट हो गए और मार्कंडेय को अमरता का वरदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।