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Shravasti News: समितियों से खाद गायब, निजी दुकानों पर महंगी यूरिया
Thu, 30 Jul 2026 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 30 Jul 2026 11:47 PM IST
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गिरंट क्षेत्र में अधिक दाम पर बेंची जा रही खाद।
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श्रावस्ती। जमुनहा विकासखंड के हरदत्तनगर गिरंट क्षेत्र में सहकारी समिति पर यूरिया उपलब्ध न होने का फायदा निजी खाद विक्रेता उठा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलकर यूरिया बेच रहे हैं, जिससे किसानों में शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
शुक्रवार को जमुनहा स्थित आर्यावर्त खाद एवं बीज की दुकान पर यूरिया खरीदने पहुंचे किसान तिलकराम ने आरोप लगाया कि उन्हें एक बोरी यूरिया 400 रुपये में दी गई, जबकि सरकारी कीमत 267 रुपये प्रति बोरी है। किसान ने बताया कि उन्होंने अपने आधार कार्ड पर एक बोरी और परिवार की ही कुंती देवी के आधार कार्ड पर चार बोरी यूरिया खरीदी। इस तरह पांच बोरी के लिए दुकानदार ने कुल 2000 रुपये वसूल लिए।
तिलकराम के अनुसार, जब उन्होंने निर्धारित सरकारी दर का हवाला देते हुए अधिक रुपये लेने पर आपत्ति जताई तो दुकानदार ने उन्हें सहकारी समिति से खाद लेने की सलाह दी। हालांकि, किसान का कहना है कि समिति पर उस समय यूरिया उपलब्ध ही नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र की अन्य निजी दुकानों पर भी यूरिया 400 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही है।
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किसान ने खरीदारी के दौरान दुकानदार से हुई बातचीत और 2000 रुपये मांगने का वीडियो भी बना लिया। किसानों ने प्रशासन से मामले की जांच कर ओवररेटिंग पर रोक लगाने और सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है।
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शुक्रवार को जमुनहा स्थित आर्यावर्त खाद एवं बीज की दुकान पर यूरिया खरीदने पहुंचे किसान तिलकराम ने आरोप लगाया कि उन्हें एक बोरी यूरिया 400 रुपये में दी गई, जबकि सरकारी कीमत 267 रुपये प्रति बोरी है। किसान ने बताया कि उन्होंने अपने आधार कार्ड पर एक बोरी और परिवार की ही कुंती देवी के आधार कार्ड पर चार बोरी यूरिया खरीदी। इस तरह पांच बोरी के लिए दुकानदार ने कुल 2000 रुपये वसूल लिए।
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तिलकराम के अनुसार, जब उन्होंने निर्धारित सरकारी दर का हवाला देते हुए अधिक रुपये लेने पर आपत्ति जताई तो दुकानदार ने उन्हें सहकारी समिति से खाद लेने की सलाह दी। हालांकि, किसान का कहना है कि समिति पर उस समय यूरिया उपलब्ध ही नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र की अन्य निजी दुकानों पर भी यूरिया 400 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही है।
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किसान ने खरीदारी के दौरान दुकानदार से हुई बातचीत और 2000 रुपये मांगने का वीडियो भी बना लिया। किसानों ने प्रशासन से मामले की जांच कर ओवररेटिंग पर रोक लगाने और सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है।