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Shravasti News: मौसम में परिवर्तन देख किसानों की धड़कनें बढ़ीं

संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Sun, 05 Apr 2026 11:44 PM IST
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Seeing the change in weather, the heartbeats of farmers increased
 डांडेकुईयां गांव के पास गिरा पेड़।
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श्रावस्ती/गिरंट बजार/तुलसीपुर। तराई में शनिवार रात अचानक मौसम में परिवर्तन हो गया। काले बादलों ने डेरा जमा लिया। इसके बाद लगभग 35 मिनट तक चली आंधी ने कहीं पेड़ को उखाड़ दिया, तो कहीं बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त कर दी। मौसम के बदले रुख से किसानों की चिंता बढ़ गई, सुबह होते ही लोग अपनी फसलों को जैसे-तैसे समेटने में जुट गए।
ऐसे तो शनिवार को पूरे दिन चटख धूप खिली रही, लेकिन देर शाम मौसम बदलने लगा। रात लगभग नौ बजे तेज हवा ने आंधी का रूप ले लिया। आंधी करीब 35 मिनट तक चलती रही। इससे कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। कुछ स्थानों पर बिजली के तारों पर पेड़ व टहनियों के गिरने से आपूर्ति बाधित रही।
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सिरसिया क्षेत्र के टिटिहरिया, लंबूपुरवा, हटवा, बेलहरी व शाहपुर आदि गांवों में करीब छह घंटे तक बिजली की आपूर्ति नहीं हो सकी। आंधी के साथ ही हुई बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी। मौसम की बेरुखी से सरसों की पकी फसल के झड़ने, आम के बौर तथा गेहूं के दानों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
ऐसे में किसान रविवार सुबह से ही फसलों को समेटने में जुट गए हैं। कोई कंबाइन से गेहूं की कटाई करा रहा है, तो कोई सरसों की मड़ाई कराकर उपज सहेजने में लगा है।


ग्राम बभनपुरवा निवासी मजीबुल नवी ने बताया कि गनीमत रही कि बारिश अधिक नहीं हुई, नहीं तो गेहूं की फसल पूरी तरह से खराब हो जाती। ग्राम मोहनलाल पुरवा निवासी पहलवान खां ने बताया कि आंधी से आम की फसल चौपट हो गई है। हवा के थपेड़ों से बौर झड़ गए हैं। ग्राम रानीपुर बनकटवा निवासी अतीकुल रहमान ने बताया कि उनकी सरसों की फसल पूरी तरह पक चुकी है। आंधी के कारण उसके दाने खेत में ही झड़ गए हैं। काशीपुरवा निवासी कृपाराम यादव ने बताया कि वह कंबाइन से ही गेहूं की फसल को कटवा रहे हैं। कारण यह कि पहले ही फसल भीगने से दाने खराब हो रहे हैं, यदि इस बार भी भीग गए तो फसल चौपट हो जाएगी।


फसल समेटने में न करें अधिक देर
आम के फसल को अधिक नुकसान होने की आशंका है। बारिश होती तो सभी फसलों को प्रभावित करती, हालांकि बूंदाबांदी से अन्य फसलों को विशेष नुकसान नहीं होगा। फिर भी किसानों को फसल समेटने में अधिक देर नहीं करनी चाहिए।
-बलजीत बहादुर वर्मा, प्रभारी जिला कृषि अधिकारी

 डांडेकुईयां गांव के पास गिरा पेड़।

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