यूपी में यूजीसी पर घमासान: श्रावस्ती-रायबरेली में भाजपा नेताओं का इस्तीफा, चूड़ियां भेजकर जताया विरोध
यूजीसी बिल के विरोध में यूपी में भाजपा के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। श्रावस्ती और रायबरेली में भाजपा नेताओं ने इस्तीफा दिया और मन की बात का बहिष्कार किया। सवर्ण समुदाय ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए विरोध तेज कर दिया है।
विस्तार
यूजीसी बिल के विरोध में स्वर्ण समुदाय का असंतोष लगातार बढ़ रहा है। यूजीसी के विरोध में मंगलवार को श्रावस्ती में भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक राजकिशोर पांडेय ने इस्तीफा दे दिया। वहीं, भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष उदय प्रकाश त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का बहिष्कार किया।
इस्तीफा के संबंध में बातचीत करते हुए सेवानिवृत्त शिक्षक राजकिशोर पांडेय ने बताया कि भाजपा सभी की पार्टी है और सभी धर्म व जाति के लोग इससे जुड़े हैं लेकिन यूजीसी में सवर्ण को अलग कर दिया गया है। राजकिशोर पांडेय ने बताया कि यूजीसी के नए प्रावधानों से कॉलेजों में मारपीट की घटनाएं बढ़ जाएंगी।
सवर्ण छात्रों के साथ जब भेदभाव व दुर्व्यवहार होगा तो मारपीट पूरी तरह से संभव है। भाजपा सबका साथ सबका विकास के नारे से मुकर गई है और सामान्य वर्ग को छोड़ दिया है। भाजपा के अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी इस्तीफा देंगे और जल्द आंदोलित होंगे।
'यूजीसी से भविष्य में बच्चों का हो सकता है अहित'
यूजीसी के विरोध में भाजपा के निवर्तमान में जिलाध्यक्ष उदय प्रकाश त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का बहिष्कार किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि भाजपा में उनकी दूसरी पीढ़ी है, 17 साल की उम्र में बूथ अध्यक्ष के रूप में भाजपा से जुड़े थे।
भाजपा इकलौती पार्टी है जो राष्ट्रवाद की बात करती है। 2012 से यूजीसी लागू है लेकिन 13 जनवरी को लाए गए प्रावधान में कमेटी से सवर्ण को बाहर कर दिया गया। प्रधानमंत्री व शिक्षामंत्री से मांग है कि संसोधन कर कमेटी में सवर्ण को भी शामिल करें। ये प्रावधान समानता के अधिकार को भी छीन लेगा। मेरी मांग है कि कमेटी में सवर्ण को लाएं और झूठी शिकायत पर सजा का प्रावधान किया जाए।
सलोन में किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष का इस्तीफा
इस विरोध की कड़ी में अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के छोटे नेता भी खुलकर सामने आ रहे हैं। भाजपा किसान मोर्चा के नेता रमेश बहादुर सिंह ने पार्टी के सवर्ण विधायकों और सांसदों को चूड़ियां भेजकर अपना विरोध जताया है। वहीं, सलोन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष श्यामसुंदर त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
श्यामसुंदर त्रिपाठी ने अपना इस्तीफा किसी संगठन पदाधिकारी को सौंपने के बजाय सीधे प्रधानमंत्री को भेजने की बात कही है। उन्होंने यूजीसी बिल को सवर्णों के खिलाफ बताते हुए इस कदम को उठाया है। त्रिपाठी का यह कदम भाजपा के भीतर बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जहां पार्टी के नेता इस बिल को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। यह स्थिति पार्टी के लिए आंतरिक चुनौती पेश कर सकती है, क्योंकि विरोध का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
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