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ईद-उल-फितर : बाजार में रौनक, सवा छह सौ मस्जिदों में होगी नमाज
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सिद्धार्थनगर। शहर में ईद-उल-फितर को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। संभावना है कि शनिवार को ईद मनाई जाएगी। ईद के लिए बाजार में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। कपड़ों, जूतों और मिठाइयों की दुकानों पर लोगों की खासी भीड़ उमड़ रही है। खासतौर पर सेवइयों, खजूर और ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी तेज हो गई है।
जिले की सवा छह सौ मस्जिदों में नमाज-ए-ईद की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि लोग शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मना सकें। सुबह नमाज के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देंगे।
घरों में महिलाएं पारंपरिक पकवान बनाने में जुटी हैं, वहीं बच्चे नए कपड़ों और ईदी को लेकर बेहद उत्साहित हैं। सामाजिक संगठनों की ओर से जरूरतमंदों के बीच कपड़े और खाने-पीने की चीजें भी बांटी जा रही हैं।
उधर, नौगढ़, शोहरतगढ़, बांसी, डुमरियागंज और इटवा जैसे प्रमुख बाजारों में पिछले एक हफ्ते से भीड़ लगातार बढ़ रही है। सबसे ज्यादा रौनक कपड़ा और फुटवियर की दुकानों पर है, जहां कुर्ता-पायजामा, बच्चों के रेडीमेड सेट और महिलाओं के परिधानों की बिक्री चरम पर है। रेडीमेड कारोबारी राशिद अली बताते हैं कि भीड़ अच्छी है, लेकिन ग्राहक बजट देखकर खरीद रहा है। 1000-1200 रुपये वाले सेट सबसे ज्यादा निकल रहे हैं, महंगे कपड़े सीमित हैं।
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खाद्य सामग्री में महंगाई के बावजूद मांग बरकरार
ईद के पारंपरिक पकवानों के चलते सेवइयां, दूध और ड्राई फ्रूट की मांग अपने पीक पर है। कीमतें ऊंची होने के बावजूद खरीदारी में कोई खास कमी नहीं दिख रही। थोक व्यापारी राजेश गुप्ता के अनुसार, ईद से पहले 3-4 दिन में सेवइयां की बिक्री सामान्य दिनों के मुकाबले तीन गुना तक पहुंच जाती है। इस बार भी वही ट्रेंड है।
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फुटपाथ बाजार और छोटे कारोबारी भी मालामाल
ईद का सीजन छोटे व्यापारियों के लिए कमाई का सबसे बड़ा मौका बनता है। टोपी, इत्र, खिलौने और सस्ते कपड़ों के अस्थायी स्टॉल पर शाम के समय भारी भीड़ दिख रही है। फुटपाथ विक्रेता प्रदीप ने कहा, पूरे महीने जितना नहीं बिकता, उतना ईद के 3-4 दिन में निकल जाता है।
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यातायात और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान
ईद को देखते हुए नगर निकाय की ओर से शहर में साफ-सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। मुख्य सड़कों और मस्जिदों के आसपास विशेष सफाई कराई जा रही है। साथ ही, भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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डिजिटल ईदी और ऑनलाइन खरीदारी का बढ़ता चलन
शहर के मो. अनीस बताते हैं कि इस बार युवाओं के बीच डिजिटल ईदी देने और ऑनलाइन शॉपिंग का चलन भी देखने को मिल रहा है। कई लोग यूपीआई और मोबाइल एप के जरिए ईदी भेज रहे हैं, जिससे त्योहार में आधुनिकता का रंग भी घुलता नजर आ रहा है।
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जिले की सवा छह सौ मस्जिदों में नमाज-ए-ईद की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि लोग शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मना सकें। सुबह नमाज के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देंगे।
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घरों में महिलाएं पारंपरिक पकवान बनाने में जुटी हैं, वहीं बच्चे नए कपड़ों और ईदी को लेकर बेहद उत्साहित हैं। सामाजिक संगठनों की ओर से जरूरतमंदों के बीच कपड़े और खाने-पीने की चीजें भी बांटी जा रही हैं।
उधर, नौगढ़, शोहरतगढ़, बांसी, डुमरियागंज और इटवा जैसे प्रमुख बाजारों में पिछले एक हफ्ते से भीड़ लगातार बढ़ रही है। सबसे ज्यादा रौनक कपड़ा और फुटवियर की दुकानों पर है, जहां कुर्ता-पायजामा, बच्चों के रेडीमेड सेट और महिलाओं के परिधानों की बिक्री चरम पर है। रेडीमेड कारोबारी राशिद अली बताते हैं कि भीड़ अच्छी है, लेकिन ग्राहक बजट देखकर खरीद रहा है। 1000-1200 रुपये वाले सेट सबसे ज्यादा निकल रहे हैं, महंगे कपड़े सीमित हैं।
खाद्य सामग्री में महंगाई के बावजूद मांग बरकरार
ईद के पारंपरिक पकवानों के चलते सेवइयां, दूध और ड्राई फ्रूट की मांग अपने पीक पर है। कीमतें ऊंची होने के बावजूद खरीदारी में कोई खास कमी नहीं दिख रही। थोक व्यापारी राजेश गुप्ता के अनुसार, ईद से पहले 3-4 दिन में सेवइयां की बिक्री सामान्य दिनों के मुकाबले तीन गुना तक पहुंच जाती है। इस बार भी वही ट्रेंड है।
फुटपाथ बाजार और छोटे कारोबारी भी मालामाल
ईद का सीजन छोटे व्यापारियों के लिए कमाई का सबसे बड़ा मौका बनता है। टोपी, इत्र, खिलौने और सस्ते कपड़ों के अस्थायी स्टॉल पर शाम के समय भारी भीड़ दिख रही है। फुटपाथ विक्रेता प्रदीप ने कहा, पूरे महीने जितना नहीं बिकता, उतना ईद के 3-4 दिन में निकल जाता है।
यातायात और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान
ईद को देखते हुए नगर निकाय की ओर से शहर में साफ-सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। मुख्य सड़कों और मस्जिदों के आसपास विशेष सफाई कराई जा रही है। साथ ही, भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
डिजिटल ईदी और ऑनलाइन खरीदारी का बढ़ता चलन
शहर के मो. अनीस बताते हैं कि इस बार युवाओं के बीच डिजिटल ईदी देने और ऑनलाइन शॉपिंग का चलन भी देखने को मिल रहा है। कई लोग यूपीआई और मोबाइल एप के जरिए ईदी भेज रहे हैं, जिससे त्योहार में आधुनिकता का रंग भी घुलता नजर आ रहा है।