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Siddharthnagar News: गैस की किल्लत से बढ़ा इंडक्शन चूल्हे का चलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 30 Mar 2026 12:57 AM IST
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सिद्धार्थनगर। बदलती जीवनशैली, महंगे होते एलपीजी सिलिंडर और बिजली की बढ़ती उपलब्धता के बीच अब रसोई में इंडक्शन चूल्हों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। शहर से लेकर कस्बों तक लोग गैस के विकल्प के रूप में इंडक्शन को अपना रहे हैं, जिससे स्थानीय बाजार में इसकी मांग में खासा इजाफा हुआ है।
व्यापारियों के अनुसार, पिछले एक-दो वर्षों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां इसे केवल शहरों तक सीमित माना जाता था, वहीं अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग इसे खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। खासकर छात्र, नौकरीपेशा लोग और छोटे परिवार इसे पसंद कर रहे हैं।
दुकानदार अभिषेक बताते हैं कि बाजार में 1500 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक के विभिन्न रेंज के इंडक्शन उपलब्ध हैं। इनमें कई आधुनिक फीचर्स जैसे टेंप्रेचर कंट्रोल, ऑटो कट, टाइमर और ऊर्जा बचत तकनीक शामिल हैं। ग्राहक रमेश तिवारी का कहना है कि बिजली की खपत कम होने और सुरक्षा के लिहाज से भी इंडक्शन चूल्हा बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है। गृहिणी सीमा देवी बताती हैं कि गैस खत्म होने की स्थिति में इंडक्शन काफी मददगार साबित होता है। वहीं, छात्र अजय का कहना है कि हॉस्टल और किराये के कमरे में यह सबसे सुविधाजनक साधन है।
सुविधाजनक उपयोग और किफायती विकल्प होने के कारण इंडक्शन चूल्हों का बाजार लगातार विस्तार कर रहा है। आने वाले समय में इसकी मांग बढ़ने की उम्मीद है।
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व्यापारियों के अनुसार, पिछले एक-दो वर्षों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां इसे केवल शहरों तक सीमित माना जाता था, वहीं अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग इसे खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। खासकर छात्र, नौकरीपेशा लोग और छोटे परिवार इसे पसंद कर रहे हैं।
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दुकानदार अभिषेक बताते हैं कि बाजार में 1500 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक के विभिन्न रेंज के इंडक्शन उपलब्ध हैं। इनमें कई आधुनिक फीचर्स जैसे टेंप्रेचर कंट्रोल, ऑटो कट, टाइमर और ऊर्जा बचत तकनीक शामिल हैं। ग्राहक रमेश तिवारी का कहना है कि बिजली की खपत कम होने और सुरक्षा के लिहाज से भी इंडक्शन चूल्हा बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है। गृहिणी सीमा देवी बताती हैं कि गैस खत्म होने की स्थिति में इंडक्शन काफी मददगार साबित होता है। वहीं, छात्र अजय का कहना है कि हॉस्टल और किराये के कमरे में यह सबसे सुविधाजनक साधन है।
सुविधाजनक उपयोग और किफायती विकल्प होने के कारण इंडक्शन चूल्हों का बाजार लगातार विस्तार कर रहा है। आने वाले समय में इसकी मांग बढ़ने की उम्मीद है।