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Siddharthnagar News: लू की आशंका के मद्देनजर इंतजाम के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:23 AM IST
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सिद्धार्थनगर। गर्मी का असर बढ़ने के साथ जिले में लू (हीटवेव) का खतरा भी गहराने लगा है। शासन स्तर से जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार करते ही हीट-वेव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में सभी विभागों को सतर्क रहते हुए बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे हीट-वेव से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाएं। खासतौर पर स्वास्थ्य, पेयजल, नगर निकाय और राजस्व विभाग को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था, अस्पतालों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता और जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया है।
एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखनऊ की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के चलते पिछले कुछ वर्षों में गर्मी की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ी है। खासकर ग्रीष्म ऋतु में लू के मामलों में तेजी आई है, जो आमजन के साथ पशुओं के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक बीते वर्षों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 को अत्यधिक गर्म वर्ष माना गया, जिसमें कई जिलों में तापमान 46 से 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। सिद्धार्थनगर में औसत तापमान 46.54 डिग्री और अधिकतम 49 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया जबकि प्रयागराज, झांसी, हमीरपुर और कानपुर जैसे जिलों में भी तापमान 48 डिग्री के आसपास पहुंच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि दो से तीन दिनों तक लगातार तापमान अधिक रहने पर हीट-वेव का प्रभाव और गंभीर हो जाता है। ऐसे में दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को ढककर रखने की सलाह दी गई है।
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प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे हीट-वेव से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाएं। खासतौर पर स्वास्थ्य, पेयजल, नगर निकाय और राजस्व विभाग को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था, अस्पतालों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता और जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया है।
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एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखनऊ की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के चलते पिछले कुछ वर्षों में गर्मी की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ी है। खासकर ग्रीष्म ऋतु में लू के मामलों में तेजी आई है, जो आमजन के साथ पशुओं के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक बीते वर्षों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 को अत्यधिक गर्म वर्ष माना गया, जिसमें कई जिलों में तापमान 46 से 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। सिद्धार्थनगर में औसत तापमान 46.54 डिग्री और अधिकतम 49 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया जबकि प्रयागराज, झांसी, हमीरपुर और कानपुर जैसे जिलों में भी तापमान 48 डिग्री के आसपास पहुंच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि दो से तीन दिनों तक लगातार तापमान अधिक रहने पर हीट-वेव का प्रभाव और गंभीर हो जाता है। ऐसे में दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को ढककर रखने की सलाह दी गई है।