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Siddharthnagar News: पिड़रा पुल की एप्रोच के मरम्मत के लिए नहीं मिला बजट
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नहीं बना एप्रोच मार्ग।
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रुद्रपुर। गोर्रा नदी के पिड़रा पुल का एप्रोच कटने से पांच साल से आवागमन की दुश्वारियां झेल रहे दोआबा और कछार के लोगों को अभी राहत की उम्मीद नहीं है। पुल के दो नए खंभों के निर्माण की परियोजना की फाइल फिर अधर में लटक गई है। वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से पुल का जीर्णोद्धार अब बरसात बाद ही हो पाएगा।
पिड़रा का पुल सिर्फ सड़क से लेकर सदन तक मुद्दा बनकर रह गया है। पुल का एप्रोच संकरा होने के कारण बरसात में 52 गांव सहित पांच जिले की आवाजाही प्रभावित होती है। हर बार आश्वासन मिलता है कि जल्द ही बजट देकर इसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
वर्ष 2021 में दशहरा के कुछ दिन पहले पिड़रा पुल पर गोर्रा नदी के कटान से आवागमन बंद हो गया। इससे दोआबा के लोगों का दशहरा, दीपवाली और छठ पर्व फीका पड़ गया था। पुल से होकर अब भी बड़े वाहनों ट्रेलर आदि का आवागमन ठप है। रुद्रपुर-करहकोल मार्ग पर स्थित इस पुल से लोग गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, मऊ, गाजीपुर, बनारस जिले को आते-जाते हैं। पुल के एप्रोच को दुरुस्त कराने को लेकर सपा और कांग्रेस के पूर्व जनप्रतिनिधियों ने आवाज उठाई। जिस पर सत्ता पक्ष के भी परिवहन मंत्री, विधायक और एमएलसी कटान स्थल का दौरा कर एप्रोच बनवाने का आश्वासन दिए। विधायक जय प्रकाश निषाद, एमएलसी डॉ. रतनपाल सिंह और डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने भी सदन में कई बार पुल के एप्रोच के कटान का मुद्दा उठाया।
बाद लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंच कटान का आगणन बनाकर शासन में भेजा है। पिंडरा गांव के प्रधान मनोज सिंह, सुजीत गौड़, हरिश्चंद्र सिंह, संजय सिंह, सुमंत पासवान आदि ने कहा कि पिड़रा पुल का एप्रोच कट जाने से पुल की उपयोगिता खत्म हो जाएगी। पांच साल से यह परियोजना अधर में लटक रही। इस महत्वपूर्ण मुद्दे को सरकार को महत्व देना चाहिए। इस बाबत पीडब्ल्यूडी के एसडीओ रविशंकर यादव ने कहा कि परियोजना की फाइल शासन में स्वीकृति के लिए भेजी गई है। पुल का पाया बढ़ाया जाना है। सेतु निगम काम करेगा।
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पिड़रा का पुल सिर्फ सड़क से लेकर सदन तक मुद्दा बनकर रह गया है। पुल का एप्रोच संकरा होने के कारण बरसात में 52 गांव सहित पांच जिले की आवाजाही प्रभावित होती है। हर बार आश्वासन मिलता है कि जल्द ही बजट देकर इसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
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वर्ष 2021 में दशहरा के कुछ दिन पहले पिड़रा पुल पर गोर्रा नदी के कटान से आवागमन बंद हो गया। इससे दोआबा के लोगों का दशहरा, दीपवाली और छठ पर्व फीका पड़ गया था। पुल से होकर अब भी बड़े वाहनों ट्रेलर आदि का आवागमन ठप है। रुद्रपुर-करहकोल मार्ग पर स्थित इस पुल से लोग गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, मऊ, गाजीपुर, बनारस जिले को आते-जाते हैं। पुल के एप्रोच को दुरुस्त कराने को लेकर सपा और कांग्रेस के पूर्व जनप्रतिनिधियों ने आवाज उठाई। जिस पर सत्ता पक्ष के भी परिवहन मंत्री, विधायक और एमएलसी कटान स्थल का दौरा कर एप्रोच बनवाने का आश्वासन दिए। विधायक जय प्रकाश निषाद, एमएलसी डॉ. रतनपाल सिंह और डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने भी सदन में कई बार पुल के एप्रोच के कटान का मुद्दा उठाया।
बाद लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंच कटान का आगणन बनाकर शासन में भेजा है। पिंडरा गांव के प्रधान मनोज सिंह, सुजीत गौड़, हरिश्चंद्र सिंह, संजय सिंह, सुमंत पासवान आदि ने कहा कि पिड़रा पुल का एप्रोच कट जाने से पुल की उपयोगिता खत्म हो जाएगी। पांच साल से यह परियोजना अधर में लटक रही। इस महत्वपूर्ण मुद्दे को सरकार को महत्व देना चाहिए। इस बाबत पीडब्ल्यूडी के एसडीओ रविशंकर यादव ने कहा कि परियोजना की फाइल शासन में स्वीकृति के लिए भेजी गई है। पुल का पाया बढ़ाया जाना है। सेतु निगम काम करेगा।