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Siddharthnagar News: पुस्तकालय में बढ़ी सुविधाएं, अब और बढ़ेगी बच्चों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:03 AM IST
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सिद्धार्थनगर। राजकीय पुस्तकालय में अगले माह से तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। दूसरा मंजिला तैयार होने से एक साथ करीब 100 सीटें बढ़ जाएंगी। वहीं, दूसरी ओर नई किताबें आ जाएंगी। इससे पढ़ाई और आसान हो जाएगी। एक साथ करीब 200 लोग बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे। दूसरी मंजिल बनाने का काम पूरा हो, इसी माह उद्घाटन होने के साथ ही इसकी शुरुआत हो जाएगी।
डीआईओएस कार्यालय के पास संचालित राजकीय पुस्तकालय में सुविधाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। पहले एक यह मंजिला भवन में संचालित होता था। अब बच्चों की रुचि और बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए, जहां माॅडल में बदलने पर जोर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर क्षमता वृद्धि के लिए दो मंजिला बनाने का काम शुरू हुआ। करीब साल भर पहले इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। मौजूदा समय में वह पूरी हो चुकी है। इसी माह उद्घाटन की योजना है। इसके अस्तित्व में आने से सीटें बढ़ जाएंगी, जिससे एक साथ दोगुनी संख्या में बैठकर पढ़ाई कर सकें।
पुस्तकालय के आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में करीब 777 लोग पंजीकृत हैं, जो अपने तय समय के हिसाब से पढ़ाई करने के लिए आते हैं। इसमें जहां किताबें रखी गई हैं, वहीं केबिन की व्यवस्था है। इसके साथ ही वाईफाई से लैस है, जहां बच्चे ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर पढ़ाई कर रहे हैं। जिला समन्वय कृष्ण बिहारी द्विवेदी के मुताबिक प्रतिदिन 90-100 बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं। अब दूसरा मंजिला शुरु होने के बाद संख्या दोगुना हो जाएगा। इस संबंध में पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. भारद्वाज शुक्ल ने बताया कि दूसरा मंजिला काम हो गया है। जल्द ही उसने में भी संचालन शुरू होगा। इससे और बच्चे भी पढ़ाई कर सकेंगे।
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अनुकूल है माहौल, किताबों के साथ फ्री नेट की सुविधा
राजकीय पुस्तकालय अब माॅडल पुस्तकालय का रूप ले चुका है। इसमें दूसरा मंजिला शुरू होने के बाद केबिन सीट की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी, जिसमें बच्चे अकेले बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे। इसमें लैपटॉप, मोबाइल से ऑनलाइन क्लास से जुड़कर पढ़ाई कर सकेंगे। किताबों की बात करें तो मौजूदा समय 13,073 किताब मौजूद है। इसमें प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ी पुस्तकों के लिए अलावा धार्मिक ग्रंथ सहित अन्य किताबें शामिल हैं। एक बाद पंजीकरण कराने पर एक साल का 500 रुपये शुल्क है। इसमें बैठकर पढ़ाई करने के साथ ही किताबें घर पर भी लेकर जाकर पढ़ सकते हैं। पढ़ाई करने के बाद फिर जमा करना होगा। पुस्तकालय निजी लाइब्रेरी तर्ज पर विकसित किया गया है। वहां पर बैठने के बाद यह एहसास होगा कि किसी बड़े कोचिंग सेंटर में हैं। पढ़ाई के लिए जिसे अनुकूल माहौल की जरूरत है, वहां पर मौजूद है।
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डीआईओएस कार्यालय के पास संचालित राजकीय पुस्तकालय में सुविधाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। पहले एक यह मंजिला भवन में संचालित होता था। अब बच्चों की रुचि और बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए, जहां माॅडल में बदलने पर जोर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर क्षमता वृद्धि के लिए दो मंजिला बनाने का काम शुरू हुआ। करीब साल भर पहले इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। मौजूदा समय में वह पूरी हो चुकी है। इसी माह उद्घाटन की योजना है। इसके अस्तित्व में आने से सीटें बढ़ जाएंगी, जिससे एक साथ दोगुनी संख्या में बैठकर पढ़ाई कर सकें।
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पुस्तकालय के आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में करीब 777 लोग पंजीकृत हैं, जो अपने तय समय के हिसाब से पढ़ाई करने के लिए आते हैं। इसमें जहां किताबें रखी गई हैं, वहीं केबिन की व्यवस्था है। इसके साथ ही वाईफाई से लैस है, जहां बच्चे ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर पढ़ाई कर रहे हैं। जिला समन्वय कृष्ण बिहारी द्विवेदी के मुताबिक प्रतिदिन 90-100 बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं। अब दूसरा मंजिला शुरु होने के बाद संख्या दोगुना हो जाएगा। इस संबंध में पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. भारद्वाज शुक्ल ने बताया कि दूसरा मंजिला काम हो गया है। जल्द ही उसने में भी संचालन शुरू होगा। इससे और बच्चे भी पढ़ाई कर सकेंगे।
अनुकूल है माहौल, किताबों के साथ फ्री नेट की सुविधा
राजकीय पुस्तकालय अब माॅडल पुस्तकालय का रूप ले चुका है। इसमें दूसरा मंजिला शुरू होने के बाद केबिन सीट की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी, जिसमें बच्चे अकेले बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे। इसमें लैपटॉप, मोबाइल से ऑनलाइन क्लास से जुड़कर पढ़ाई कर सकेंगे। किताबों की बात करें तो मौजूदा समय 13,073 किताब मौजूद है। इसमें प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ी पुस्तकों के लिए अलावा धार्मिक ग्रंथ सहित अन्य किताबें शामिल हैं। एक बाद पंजीकरण कराने पर एक साल का 500 रुपये शुल्क है। इसमें बैठकर पढ़ाई करने के साथ ही किताबें घर पर भी लेकर जाकर पढ़ सकते हैं। पढ़ाई करने के बाद फिर जमा करना होगा। पुस्तकालय निजी लाइब्रेरी तर्ज पर विकसित किया गया है। वहां पर बैठने के बाद यह एहसास होगा कि किसी बड़े कोचिंग सेंटर में हैं। पढ़ाई के लिए जिसे अनुकूल माहौल की जरूरत है, वहां पर मौजूद है।