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Siddharthnagar News: अस्थमा और कोल्ड डायरिया की चपेट में मासूम
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:02 AM IST
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समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बेवा में बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेते डॉ. एमके वर्मा। संवाद
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भारतभारी। सर्दी की चपेट में आकर बच्चे अस्थमा और कोल्ड डायरिया के शिकार हो रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा के बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में बड़ी संख्या में बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
इनमें बच्चों में 50 फीसदी अस्थमा और 20 फीसदी कोल्ड डायरिया से पीड़ित पाए जा रहे हैं। डॉक्टर दवा देने के साथ अभिभावकों से बच्चों को सर्दी से बचाने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दे रहे हैं।
सर्दी का सितम जारी है। ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इससे बच्चे भी अछूते नहीं हैं। छोटे बच्चों की स्कूलों की छुट्टी चल रही है। बच्चे गर्म कपड़े और जूता-चप्पल पहने बिना खेलने चले जा रहे हैं। ऐसे में ठंड लगने पर किसी की सांस तेज चल रही है तो कोई खांसी, बुखार और दस्त का शिकार है। बीमार बच्चों को लेकर परिजन सरकारी अस्पताल और प्राइवेट चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं।
सीएचसी पर तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एम के वर्मा की ओपीडी में सांस, सर्दी, खांसी, बुखार और कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चे अधिक पहुंच रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार ठंड के मौसम में कोल्ड डायरिया में बच्चों को बार-बार दस्त होता है और वह सुस्त पड़ जाता है जबकि अस्थमा एलर्जी में बच्चे की सांस फूलती है।
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इनमें बच्चों में 50 फीसदी अस्थमा और 20 फीसदी कोल्ड डायरिया से पीड़ित पाए जा रहे हैं। डॉक्टर दवा देने के साथ अभिभावकों से बच्चों को सर्दी से बचाने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दे रहे हैं।
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सर्दी का सितम जारी है। ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इससे बच्चे भी अछूते नहीं हैं। छोटे बच्चों की स्कूलों की छुट्टी चल रही है। बच्चे गर्म कपड़े और जूता-चप्पल पहने बिना खेलने चले जा रहे हैं। ऐसे में ठंड लगने पर किसी की सांस तेज चल रही है तो कोई खांसी, बुखार और दस्त का शिकार है। बीमार बच्चों को लेकर परिजन सरकारी अस्पताल और प्राइवेट चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं।
सीएचसी पर तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एम के वर्मा की ओपीडी में सांस, सर्दी, खांसी, बुखार और कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चे अधिक पहुंच रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार ठंड के मौसम में कोल्ड डायरिया में बच्चों को बार-बार दस्त होता है और वह सुस्त पड़ जाता है जबकि अस्थमा एलर्जी में बच्चे की सांस फूलती है।