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Siddharthnagar News: अली अकबर की शहादत की याद में किया नौहा-मातम
Mon, 17 Aug 2026 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 17 Aug 2026 12:08 AM IST
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डुमरियागंज क्षेत्र के कस्बा हल्लौर में आयोजित शब्बेदारी में नौहां-मातम करते अकीदतमंद। स्रोत विज
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सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित चांदनी चौक मोहल्ले में शुक्रवार की रात अंजुमन फिदाए अली अकबर के तत्वाधान में तरही शब्बेदारी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मरसिया, मजलिस हुई और अंजुमनों ने पूरी रात नौहा पढ़कर मातम किया।
कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केंद्र मशहूर नौहाख्वां जुहेर सुल्तानपुरी और आबिस सुल्तानपुरी रहे। इन्होंने इमाम हुसैन के जवान बेटे अली अकबर की शहादत को नमन करते हुए नौहा पढ़ा। इसको सुनने के लिए भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। शब्बेदारी के कार्यक्रम की शुरुआत में महताब हैदर ने कलाम पाक की तिलावत की। इसके बाद मर्सिया मजलिस आयोजित हुई। मर्सियाख्वानी हैदरे कर्रार और उनके सहयोगी ने की। मजलिस को मौलाना आयान नकवी और मौलाना सतावर नकवी ने संबोधित कर अली अकबर के फजायल और मसायब विस्तार से बयान किए।अली अकबर की शहादत का मंजर सुनकर सभी अकीदतमंद रो पडे़।
जिसके बाद बड़े इमामबाड़ा से अलम और हजरत अली अकबर के ताबूत की शबीह का जुलूस निकाला गया जो चांदनी चौक मोहल्ला स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर संपन्न हुआ। अलम और ताबूत की जियारत के लिए लोगों का भारी हुजूम (भीड़) उमड़ पड़ा। मजलिस के बाद नौहा-मातम का सिलसिला शुरू हुआ।
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अंजुमन पासदाराने कर्बला लखनऊ, अंजुमन हैदरिया मनियारपुर-सुल्तानपुर, अंजुमन असगरिया कदीम अमहट-सुलतानपुर, स्थानीय अंजुमन गुलदस्ता मातम, अंजुमन फरोग मातम आदि अंजुमनों के मातमी दस्ते ने नौहा के साथ मातम किया। कार्यक्रम रात्रि 10 बजे से शुरू होकर शुक्रवार की सुबह 5 बजे समाप्त हुआ।
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कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केंद्र मशहूर नौहाख्वां जुहेर सुल्तानपुरी और आबिस सुल्तानपुरी रहे। इन्होंने इमाम हुसैन के जवान बेटे अली अकबर की शहादत को नमन करते हुए नौहा पढ़ा। इसको सुनने के लिए भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। शब्बेदारी के कार्यक्रम की शुरुआत में महताब हैदर ने कलाम पाक की तिलावत की। इसके बाद मर्सिया मजलिस आयोजित हुई। मर्सियाख्वानी हैदरे कर्रार और उनके सहयोगी ने की। मजलिस को मौलाना आयान नकवी और मौलाना सतावर नकवी ने संबोधित कर अली अकबर के फजायल और मसायब विस्तार से बयान किए।अली अकबर की शहादत का मंजर सुनकर सभी अकीदतमंद रो पडे़।
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जिसके बाद बड़े इमामबाड़ा से अलम और हजरत अली अकबर के ताबूत की शबीह का जुलूस निकाला गया जो चांदनी चौक मोहल्ला स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर संपन्न हुआ। अलम और ताबूत की जियारत के लिए लोगों का भारी हुजूम (भीड़) उमड़ पड़ा। मजलिस के बाद नौहा-मातम का सिलसिला शुरू हुआ।
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अंजुमन पासदाराने कर्बला लखनऊ, अंजुमन हैदरिया मनियारपुर-सुल्तानपुर, अंजुमन असगरिया कदीम अमहट-सुलतानपुर, स्थानीय अंजुमन गुलदस्ता मातम, अंजुमन फरोग मातम आदि अंजुमनों के मातमी दस्ते ने नौहा के साथ मातम किया। कार्यक्रम रात्रि 10 बजे से शुरू होकर शुक्रवार की सुबह 5 बजे समाप्त हुआ।