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Siddharthnagar News: अलम ताबूत का जुलूस निकाला, नौहा पढ़कर किया मातम
Wed, 12 Aug 2026 10:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 12 Aug 2026 10:55 PM IST
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- इमाम हसन के शहादत दिवस पर हल्लौर कस्बे में जगह जगह आयोजित हुई मरसिया मजलिस, रखे गए ताजिए,
सिद्धार्थनगर। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब और उनके नवासे हजरत इमाम हसन के शहादत दिवस पर बुधवार को शिया संप्रदाय के प्रमुख स्थान हल्लौर में मरसिया मजलिस आयोजित की गई। अलम और ताबूत का जुलूस निकालकर अकीदतमंदों ने नौहा पढ़कर मातम कर उन्हें श्रद्धा सुमन पेश किया।
पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा और शिया समुदाय के दूसरे इमाम इमाम हसन के शहादत दिवस को लेकर मंगलवार की रात को हल्लौर कस्बे में इमामबाड़ा और घरों पर छोटे बड़े भारी संख्या में ताजिया रखा गया। सारी रात जागकर लोगों ने नौहा पढ़कर मातम किया। बुधवार की शाम को चार बजे हल्लौर स्थित तवगर हुसैन और तौकीर हसन के आवास पर मरसिया मजलिस आयोजित हुई। इसमें हजरत मोहम्मद और इमाम हसन की शहादत को विस्तार से बयान किया गया। जाकिर जमाल हैदर रिजवी और अजीम हैदर ने मजलिस में कहा कि मुसलमानों के लिए आज बड़े शोक और गम का दिन है। मजलिस के बाद अंजुमन फरोग मातम और अंजुमन गुलदस्ता मातम की ओर से अलम और ताबूत का जुलूस निकाला गया, जो नौहा और मातम के बीच जन्नतुलबकी होते हुए देर शाम को कर्बला पर पहुंचकर समाप्त हो गया। सभी ताजियों को बड़े एहतेराम से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सभी अकीदतमंद गम और शोक में डूबे दिखाई दिए।
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सिद्धार्थनगर। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब और उनके नवासे हजरत इमाम हसन के शहादत दिवस पर बुधवार को शिया संप्रदाय के प्रमुख स्थान हल्लौर में मरसिया मजलिस आयोजित की गई। अलम और ताबूत का जुलूस निकालकर अकीदतमंदों ने नौहा पढ़कर मातम कर उन्हें श्रद्धा सुमन पेश किया।
पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा और शिया समुदाय के दूसरे इमाम इमाम हसन के शहादत दिवस को लेकर मंगलवार की रात को हल्लौर कस्बे में इमामबाड़ा और घरों पर छोटे बड़े भारी संख्या में ताजिया रखा गया। सारी रात जागकर लोगों ने नौहा पढ़कर मातम किया। बुधवार की शाम को चार बजे हल्लौर स्थित तवगर हुसैन और तौकीर हसन के आवास पर मरसिया मजलिस आयोजित हुई। इसमें हजरत मोहम्मद और इमाम हसन की शहादत को विस्तार से बयान किया गया। जाकिर जमाल हैदर रिजवी और अजीम हैदर ने मजलिस में कहा कि मुसलमानों के लिए आज बड़े शोक और गम का दिन है। मजलिस के बाद अंजुमन फरोग मातम और अंजुमन गुलदस्ता मातम की ओर से अलम और ताबूत का जुलूस निकाला गया, जो नौहा और मातम के बीच जन्नतुलबकी होते हुए देर शाम को कर्बला पर पहुंचकर समाप्त हो गया। सभी ताजियों को बड़े एहतेराम से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सभी अकीदतमंद गम और शोक में डूबे दिखाई दिए।
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