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Siddharthnagar News: बारिश ने दावों की खोली पोल, व्यवस्था उतराई
Sun, 02 Aug 2026 11:05 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:05 PM IST
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: पहली बारिश में ही जलभराव से नहीं लिया सबक, फिर बढ़ गई मुसीबत
: शहर के नालों की नहीं हुई सफाई, अधिकांश मोहल्ले में जलनिकासी का संकट
सिद्धार्थनगर। पांच दिन सूखे के बाद शनिवार रात से रविवार सुबह तक हुई बारिश के बाद एक बार फिर शहर के गली-मोहल्लों में जलभराव हो गया। उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश के बाद सुकून की नींद तो आई लेकिन जब वह सुबह उठे तो हर तरफ पानी ही पानी था। मुख्य सड़क से मोहल्ले में जाने वाली गलियों में लोगों के दरवाजे तक हुए जलभराव ने उनकी मुसीबत बढ़ा दी। गंदगी से चोक और अधूरी नालियों से लोगों को पूरे दिन गंदे पानी के बीच से गुजरकर आना-जाना पड़ा। मात्र कुछ दिनों में ही शहर के अधिकांश हिस्सों में कई बार हुए जलभराव से नगर पालिका के नालियों की सफाई व जलनिकासी के दावे बेदम साबित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की बारिश में कई ऐसे स्थानों पर जलभराव हो गया, जहां पहले कभी पानी नहीं ठहरता था। इसमें परशुराम नगर के दतरंगवा जाने वाले मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति रही। वहीं, हेडगेवार नगर स्थित सांसद आवास के पास भी जलभराव की स्थिति रही। शहर के मुख्य मार्ग उसका-नौगढ़ सड़क पर केनरा बैंक और उसके आगे तक बाएं तरफ का हिस्सा जलमग्न था। इसी सड़क पर दाएं तरफ ड्रेनेज खंड सिंचाई कार्यालय के पास समेत सड़क पर कई जगह जलभराव नजर आ रहा था। मुख्य मार्ग पर नवीन मंडी मोड़ के आसपास हुए जलभराव के बीच से होकर सड़क किनारे दुकानदार व ग्राहकों को होकर गुजरना पड़ रहा था। शहर के सिविल लाइंस में थाने के बगल वाली गली में जलभराव से मोहल्ले के लोगों का घर से निकलना मुश्किल रहा। कांशीराम आवास के मुख्य मार्ग पर जलभराव से सड़क डूबी हुई थी। यह हाल एक दो नहीं बल्कि कई मोहल्लों में देखने को मिला, जहां बारिश की दुश्वारियों झेलते हुए लोग आवाजाही करते दिखे। लोगों को घरों और दुकानों से निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
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अधूरी व चोक नालियों ने बढ़ाई मुसीबत
शहर में मुख्य मार्ग से लेकर गलियों तक में जलभराव के पीछे कहीं सफाई नहीं होना तो कहीं छोटी नाली बड़े नाले से कनेक्ट नहीं होना कारण है। बाल्मिकी नगर में जो उसका हाईवे से जुड़ा है, वहां पर भी जलभराव था। लोगों ने बताया कि मोहल्ले की नाली हाईवे के नाले से कनेक्ट नहीं है। बारिश के मौसम में जलनिकासी नहीं होने के कारण यहां जलभराव हो जाता है। इस मार्ग पर बड़ी आबादी के साथ बड़े स्कूल, अस्पताल भी हैं, जहां लोगों को दुश्वारी झेलनी पड़ रही है। सिविल लाइंस थाना के पीछे स्थित मोहल्ले की सड़क पर एक फुट तक पानी भरा था। यहां पैदल राहगीर व छोटे बच्चों को स्कूल जाने में दुश्वारियां थी।
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सड़क से ऊंची बनी नाली से हो रहा जलभराव
शहर के मुख्य मार्ग के बाएं किनारे पर बनी नाली के सड़क से ऊंचा होने के कारण जलनिकासी नहीं हो पा रही है। इससे मुख्य सड़क पर जगह-जगह जलभराव हो गया है। इससे मुख्य सड़क पर स्थित बैंक, दुकान, माॅल और मकानों में आवागमन के दौरान लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि मेन सड़क किनारे बनी नाली ऊंचा होने से बारिश में जलनिकासी नहीं हो पा रही है। इससे जलभराव होने से सड़क के टूटकर क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं स्थानीय लोगों के साथ ही राहगीरों को भी सांसत झेलनी पड़ रही है।
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अधूरे नाला से जलभराव, सड़क बन गया नाला
शहर के मुख्य मार्ग से आजादनगर व सरोजनी नगर मोहल्ले को जोड़ने वाली सड़क अधूरी होने से जलभराव हो गया है। सड़क पर फैले गंदे पानी के बीच लोग आवागमन करने को मजबूर हैं। यहां तक कि इस रास्ते पर स्थित स्कूलों के बच्चों को भी सांसत झेलते हुए गुजरना पड़ रहा है। बता दें कि शासन से बजट आवंटन और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी इस सड़क का निर्माण नहीं होने से नाराज मोहल्ले के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया था। यहां अतिक्रमण के चलते नाली निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। वहीं, अब सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा है।
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सरकारी कार्यालयों में भी भरा पानी
बारिश से शहर में स्थित पीडब्ल्यूडी, वन विभाग और सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में जलभराव होने से जलमग्न हो गए है। ड्रेनेज खंड सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में जलभराव से कर्मचारियों समेत वहां आने वालों को सांसत झेलनी पड़ रही है जबकि पीडब्ल्यूडी के पुराने कार्यालय व डाक बंगला परिसर में जलभराव से भवन जर्जर हो चुका है। वहीं, सिंचाई विभाग परिसर से कर्मचारी पंपसेट लगाकर जलनिकासी करते नजर आए। लोगों का आरोप है कि पंपसेट से पानी निकासी के दौरान सड़क के टूटने का खतरा बढ़ गया है और नालियों के चोक होने से जलभराव हो जा रहा है।
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शहर में जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नालियों का निर्माण कराया जा रहा है। अभी जहां जलभराव की समस्या है, वहां काम किया जाएगा। इससे लोगों को समस्या से निजात मिल जाएगी।
अजय कुमार सिंह, ईओ नगर पालिका
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: शहर के नालों की नहीं हुई सफाई, अधिकांश मोहल्ले में जलनिकासी का संकट
सिद्धार्थनगर। पांच दिन सूखे के बाद शनिवार रात से रविवार सुबह तक हुई बारिश के बाद एक बार फिर शहर के गली-मोहल्लों में जलभराव हो गया। उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश के बाद सुकून की नींद तो आई लेकिन जब वह सुबह उठे तो हर तरफ पानी ही पानी था। मुख्य सड़क से मोहल्ले में जाने वाली गलियों में लोगों के दरवाजे तक हुए जलभराव ने उनकी मुसीबत बढ़ा दी। गंदगी से चोक और अधूरी नालियों से लोगों को पूरे दिन गंदे पानी के बीच से गुजरकर आना-जाना पड़ा। मात्र कुछ दिनों में ही शहर के अधिकांश हिस्सों में कई बार हुए जलभराव से नगर पालिका के नालियों की सफाई व जलनिकासी के दावे बेदम साबित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की बारिश में कई ऐसे स्थानों पर जलभराव हो गया, जहां पहले कभी पानी नहीं ठहरता था। इसमें परशुराम नगर के दतरंगवा जाने वाले मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति रही। वहीं, हेडगेवार नगर स्थित सांसद आवास के पास भी जलभराव की स्थिति रही। शहर के मुख्य मार्ग उसका-नौगढ़ सड़क पर केनरा बैंक और उसके आगे तक बाएं तरफ का हिस्सा जलमग्न था। इसी सड़क पर दाएं तरफ ड्रेनेज खंड सिंचाई कार्यालय के पास समेत सड़क पर कई जगह जलभराव नजर आ रहा था। मुख्य मार्ग पर नवीन मंडी मोड़ के आसपास हुए जलभराव के बीच से होकर सड़क किनारे दुकानदार व ग्राहकों को होकर गुजरना पड़ रहा था। शहर के सिविल लाइंस में थाने के बगल वाली गली में जलभराव से मोहल्ले के लोगों का घर से निकलना मुश्किल रहा। कांशीराम आवास के मुख्य मार्ग पर जलभराव से सड़क डूबी हुई थी। यह हाल एक दो नहीं बल्कि कई मोहल्लों में देखने को मिला, जहां बारिश की दुश्वारियों झेलते हुए लोग आवाजाही करते दिखे। लोगों को घरों और दुकानों से निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
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अधूरी व चोक नालियों ने बढ़ाई मुसीबत
शहर में मुख्य मार्ग से लेकर गलियों तक में जलभराव के पीछे कहीं सफाई नहीं होना तो कहीं छोटी नाली बड़े नाले से कनेक्ट नहीं होना कारण है। बाल्मिकी नगर में जो उसका हाईवे से जुड़ा है, वहां पर भी जलभराव था। लोगों ने बताया कि मोहल्ले की नाली हाईवे के नाले से कनेक्ट नहीं है। बारिश के मौसम में जलनिकासी नहीं होने के कारण यहां जलभराव हो जाता है। इस मार्ग पर बड़ी आबादी के साथ बड़े स्कूल, अस्पताल भी हैं, जहां लोगों को दुश्वारी झेलनी पड़ रही है। सिविल लाइंस थाना के पीछे स्थित मोहल्ले की सड़क पर एक फुट तक पानी भरा था। यहां पैदल राहगीर व छोटे बच्चों को स्कूल जाने में दुश्वारियां थी।
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सड़क से ऊंची बनी नाली से हो रहा जलभराव
शहर के मुख्य मार्ग के बाएं किनारे पर बनी नाली के सड़क से ऊंचा होने के कारण जलनिकासी नहीं हो पा रही है। इससे मुख्य सड़क पर जगह-जगह जलभराव हो गया है। इससे मुख्य सड़क पर स्थित बैंक, दुकान, माॅल और मकानों में आवागमन के दौरान लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि मेन सड़क किनारे बनी नाली ऊंचा होने से बारिश में जलनिकासी नहीं हो पा रही है। इससे जलभराव होने से सड़क के टूटकर क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं स्थानीय लोगों के साथ ही राहगीरों को भी सांसत झेलनी पड़ रही है।
अधूरे नाला से जलभराव, सड़क बन गया नाला
शहर के मुख्य मार्ग से आजादनगर व सरोजनी नगर मोहल्ले को जोड़ने वाली सड़क अधूरी होने से जलभराव हो गया है। सड़क पर फैले गंदे पानी के बीच लोग आवागमन करने को मजबूर हैं। यहां तक कि इस रास्ते पर स्थित स्कूलों के बच्चों को भी सांसत झेलते हुए गुजरना पड़ रहा है। बता दें कि शासन से बजट आवंटन और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी इस सड़क का निर्माण नहीं होने से नाराज मोहल्ले के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया था। यहां अतिक्रमण के चलते नाली निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। वहीं, अब सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा है।
सरकारी कार्यालयों में भी भरा पानी
बारिश से शहर में स्थित पीडब्ल्यूडी, वन विभाग और सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में जलभराव होने से जलमग्न हो गए है। ड्रेनेज खंड सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में जलभराव से कर्मचारियों समेत वहां आने वालों को सांसत झेलनी पड़ रही है जबकि पीडब्ल्यूडी के पुराने कार्यालय व डाक बंगला परिसर में जलभराव से भवन जर्जर हो चुका है। वहीं, सिंचाई विभाग परिसर से कर्मचारी पंपसेट लगाकर जलनिकासी करते नजर आए। लोगों का आरोप है कि पंपसेट से पानी निकासी के दौरान सड़क के टूटने का खतरा बढ़ गया है और नालियों के चोक होने से जलभराव हो जा रहा है।
शहर में जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नालियों का निर्माण कराया जा रहा है। अभी जहां जलभराव की समस्या है, वहां काम किया जाएगा। इससे लोगों को समस्या से निजात मिल जाएगी।
अजय कुमार सिंह, ईओ नगर पालिका