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Siddharthnagar News: तीन स्थानों पर हाईवे से जुड़ेगा शामली एक्सप्रेसवे
Sun, 16 Aug 2026 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 16 Aug 2026 11:58 PM IST
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गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे करती टीम। फाइल फोटो
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सिद्धार्थनगर। जिले में 45.164 किमी गुजरने वाला शामली-गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) तीन स्थानों पर कनेक्ट होगा। इसमें प्रमुख रूप से शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे बांसी-बस्ती के बीच एनएच-28 से कनेक्ट होगा। इसके अलावा इटवा-बस्ती राज्यमार्ग पर इटवा और डुमरियागंज के बीच यह कनेक्ट होगा।
साथ ही बांसी-खलीलाबाद राज्यमार्ग पर भी इसे जोड़ने का खाका तैयार किया गया है। जिले के अन्य मार्गों से कनेक्ट होने से सभी तहसील क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। आवागमन की बेहतर सुविधा के साथ ही व्यापारिक गतिविधियों में सहूलियत होगी।
जिले से गुजरने वाले 750 किमी लंबे शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का किमी 613.400 से किमी 658.564 का हिस्सा बांसी, डुमरियागंज और इटवा तहसील से होकर गुजरेगा। इसके तहत तीन तहसीलों के 88 गांवों में दो हजार किसानों की 541 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। एनएचएआई ने इन 88 गांवों में 70 मीटर चौड़ाई में भूमि का चिह्नांकन किया है। इसके लिए बांसी तहसील के 45, इटवा तहसील के 15 और डुमरियागंज तहसील के 28 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहीत की जानी है। एनएचएआई ने सर्वे कर इन गांवों के खेतों में झंडी लगा दी है। झंडी वाले स्थल से दोनों तरफ 35-35 मीटर भूमि को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की जानी है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई।
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यह एक्सप्रेसवे जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्यमार्ग से कनेक्ट होगा, जिसके तहत एनएच 28 समेत तीन स्थानों पर इस राजमार्ग को कनेक्ट किया जाएगा। बता दें कि वर्तमान में जिले से गुजर रहे एनएच-730 और एनएच-28 तीन तहसील क्षेत्र नौगढ़, शोहरतगढ़ और बांसी जुड़े हुए हैं। अब बांसी के साथ ही हाईवे मार्ग से अछूते रहे डुमरियागंज और इटवा तहसील भी एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे। एनएचएआई अयोध्या के इंजीनियर जितेंद्र सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे को हाईवे से कनेक्ट करने के लिए दोनों तरफ पहुंच मार्ग बनाया जाएगा।
हाईवे के आसपास बढ़ेंगी औद्योगिक गतिविधियां : शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के एनएच-28 से कनेक्ट होने के बाद आसपास के क्षेत्र और गांवों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण से आवागमन के साथ यहां उद्योग लगाने और निर्यात में सहूलियत होगी।
इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से कृषि आधारित औद्योगिक क्षेत्र जैसे धान, गेहूं, दलहन, तिलहन, सब्जी और अन्य कृषि उत्पादों से जुड़े प्रसंस्करण उद्योग और फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज और कृषि उपकरणों से जुड़े उद्योगों की स्थापना की संभावना है। एक्सप्रेसवे से परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा ही, साथ ही जिले में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
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साथ ही बांसी-खलीलाबाद राज्यमार्ग पर भी इसे जोड़ने का खाका तैयार किया गया है। जिले के अन्य मार्गों से कनेक्ट होने से सभी तहसील क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। आवागमन की बेहतर सुविधा के साथ ही व्यापारिक गतिविधियों में सहूलियत होगी।
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जिले से गुजरने वाले 750 किमी लंबे शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का किमी 613.400 से किमी 658.564 का हिस्सा बांसी, डुमरियागंज और इटवा तहसील से होकर गुजरेगा। इसके तहत तीन तहसीलों के 88 गांवों में दो हजार किसानों की 541 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। एनएचएआई ने इन 88 गांवों में 70 मीटर चौड़ाई में भूमि का चिह्नांकन किया है। इसके लिए बांसी तहसील के 45, इटवा तहसील के 15 और डुमरियागंज तहसील के 28 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहीत की जानी है। एनएचएआई ने सर्वे कर इन गांवों के खेतों में झंडी लगा दी है। झंडी वाले स्थल से दोनों तरफ 35-35 मीटर भूमि को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की जानी है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई।
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यह एक्सप्रेसवे जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्यमार्ग से कनेक्ट होगा, जिसके तहत एनएच 28 समेत तीन स्थानों पर इस राजमार्ग को कनेक्ट किया जाएगा। बता दें कि वर्तमान में जिले से गुजर रहे एनएच-730 और एनएच-28 तीन तहसील क्षेत्र नौगढ़, शोहरतगढ़ और बांसी जुड़े हुए हैं। अब बांसी के साथ ही हाईवे मार्ग से अछूते रहे डुमरियागंज और इटवा तहसील भी एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे। एनएचएआई अयोध्या के इंजीनियर जितेंद्र सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे को हाईवे से कनेक्ट करने के लिए दोनों तरफ पहुंच मार्ग बनाया जाएगा।
हाईवे के आसपास बढ़ेंगी औद्योगिक गतिविधियां : शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के एनएच-28 से कनेक्ट होने के बाद आसपास के क्षेत्र और गांवों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण से आवागमन के साथ यहां उद्योग लगाने और निर्यात में सहूलियत होगी।
इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से कृषि आधारित औद्योगिक क्षेत्र जैसे धान, गेहूं, दलहन, तिलहन, सब्जी और अन्य कृषि उत्पादों से जुड़े प्रसंस्करण उद्योग और फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज और कृषि उपकरणों से जुड़े उद्योगों की स्थापना की संभावना है। एक्सप्रेसवे से परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा ही, साथ ही जिले में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।