{"_id":"697e41b407caa50f370aedf3","slug":"siddharthnagar-news-simti-hopes-for-clean-water-till-papers-dry-drops-are-giving-testimony-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-152655-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: कागजों तक ही सिमटी शुद्ध पानी की आस, सूखी टोंटियां दे रहीं गवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: कागजों तक ही सिमटी शुद्ध पानी की आस, सूखी टोंटियां दे रहीं गवाही
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:08 AM IST
विज्ञापन
धेसा क्षेत्र के कपिया मिश्र में पेय जल योजना के तहत टूटी हुई सड़क। संवाद
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। जल जीवन मिशन के तहत जिले में लक्षित 762 परियोजनाओं के सापेक्ष अभी सिर्फ 224 के ही कार्य पूरे हो सके हैं। आंकड़ों के मुताबिक इन परियोजनाओं के लिए खोदी गई 2153.68 किमी लंबी सड़क में से करीब 800 किलोमीटर सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी है जबकि हकीकत कुछ और है।
गांवों में इससे कहीं अधिक सड़कों में गड्ढे बने हुए हैं। अब इन दो हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो अधिकांश अधूरी पड़ी हैं। कहीं ओवरहेड टैंक बनाकर छोड़े गए हैं तो कहीं पाइपलाइन बिछाना और टोटी लगाना जिम्मेदार भूल गए हैं।
जल जीवन मिशन के तहत जिले के 984 ग्राम पंचायतों के 2027 राजस्व गांवों को पेयजल से संतृप्त करने के लिए पूर्व में संचालित वाटर सप्लाई के अतिरिक्त 762 नई परियोजनाएं बननी थीं। इसके तहत वर्ष 2019-20 में 176 परियोजना पर कार्य शुरू हुआ था, जिनमें कुछ परियोजनाएं पूरी हुई, कुछ अधूरी पड़ी हैं। इसके बाद 163 और 423 परियोजनाओं पर कार्य शुरू हुआ था। वर्तमान में 762 ओवरहेड टैंक में सिर्फ 224 के निर्माण हो सके हैं। 421 ओवरहेड टैंक अधूरे पड़े है, जबकि 117 पर काम ही शुरू नहीं हुआ है। बता दें कि प्रत्येक ओवरहेड टैंक पाइप पेयजल परियोजना के निर्माण पर दो से चार करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इनमें तीन से अधिक गांव के टोले शामिल होने पर परियोजना की लागत बढ़ जाती है। इसके तहत एक लाख लीटर क्षमता की टंकी बनानी है। साथ ही बाउंड्रीवाॅल, पंपघर, बोरिंग व संबंधित गांवों के प्रत्येक घर तक वाटर सप्लाई पाइपलाइन बिछाई जानी है। सड़क खोदकर छोड़ दी गई: नौगढ़ ब्लॉक के अहिरौली ग्राम में दो वर्ष पूर्व शुरू हुआ ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य पूरा तो हो गया, लेकिन पानी की सप्लाई अभी तक शुरू नहीं हुई। पानी की सप्लाई के लिए सड़क खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन इसके बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई।
नौगढ़ ब्लॉक के ही कपिया मिश्र गांव में वाटर सप्लाई पाइप बिछाने के लिए खोदी गई इंटरलॉकिंग सड़क की अभी तक मरम्मत नहीं होने से प्रतिदिन सड़क के गड्ढों में गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं। दोनों गांव के लोगों द्वारा बार-बार शिकायत के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं हुई।
गांव की गलियाें में हुए जगह-जगह गड्ढे, चोटिल होने का खतरा: पथरा। मिठवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत तिगोड़वा में पानी टंकी का निर्माण दो साल से अधूरा पड़ा है। पाइपलाइन बिछाने के लिए गांव की सड़कों को खोदा गया। कई रास्ते आज भी उसी स्थिति में पड़े हैं। पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। ग्राम प्रधान शारदा चौधरी ने कहा कि गांव की गलियों में जगह-जगह गड्ढे होने से बुजुर्ग, बच्चे व महिलाओं के गिरकर चोटिल होने का खतरा मंडराता है। घोसियारी संवाद के अनुसार खेसरहा ब्लॉक के बदुरगहना गांव में भी पानी टंकी निर्माण अधूरा है। यहां भी पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी सड़कों का मरम्मत कार्य अधूरा है।
टूटी सड़कें जस की तस: शाहपुर। खुनियांव ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत बगहवा में पानी सप्लाई के लिए सड़क खोदाई कर पाइपलाइन बिछाई गई थी। मरम्मत नहीं होने से जगह-जगह टूटी सड़क के ऊपर दिखाई पड़ रही है, जिससे जहां लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
वहीं इन पाइप के भी क्षतिग्रस्त होने की संभावना है। ग्राम पंचायत हरिजोत में भी वाटर टैंक का निर्माण कार्य अधूरा ही है। पंपहाउस के समीप लगे सोलर पैनल भी अधिकतर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी सड़क और जर्जर हो गई है। जिससे लोगों को प्रतिदिन दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
Trending Videos
गांवों में इससे कहीं अधिक सड़कों में गड्ढे बने हुए हैं। अब इन दो हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो अधिकांश अधूरी पड़ी हैं। कहीं ओवरहेड टैंक बनाकर छोड़े गए हैं तो कहीं पाइपलाइन बिछाना और टोटी लगाना जिम्मेदार भूल गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जल जीवन मिशन के तहत जिले के 984 ग्राम पंचायतों के 2027 राजस्व गांवों को पेयजल से संतृप्त करने के लिए पूर्व में संचालित वाटर सप्लाई के अतिरिक्त 762 नई परियोजनाएं बननी थीं। इसके तहत वर्ष 2019-20 में 176 परियोजना पर कार्य शुरू हुआ था, जिनमें कुछ परियोजनाएं पूरी हुई, कुछ अधूरी पड़ी हैं। इसके बाद 163 और 423 परियोजनाओं पर कार्य शुरू हुआ था। वर्तमान में 762 ओवरहेड टैंक में सिर्फ 224 के निर्माण हो सके हैं। 421 ओवरहेड टैंक अधूरे पड़े है, जबकि 117 पर काम ही शुरू नहीं हुआ है। बता दें कि प्रत्येक ओवरहेड टैंक पाइप पेयजल परियोजना के निर्माण पर दो से चार करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इनमें तीन से अधिक गांव के टोले शामिल होने पर परियोजना की लागत बढ़ जाती है। इसके तहत एक लाख लीटर क्षमता की टंकी बनानी है। साथ ही बाउंड्रीवाॅल, पंपघर, बोरिंग व संबंधित गांवों के प्रत्येक घर तक वाटर सप्लाई पाइपलाइन बिछाई जानी है। सड़क खोदकर छोड़ दी गई: नौगढ़ ब्लॉक के अहिरौली ग्राम में दो वर्ष पूर्व शुरू हुआ ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य पूरा तो हो गया, लेकिन पानी की सप्लाई अभी तक शुरू नहीं हुई। पानी की सप्लाई के लिए सड़क खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन इसके बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई।
नौगढ़ ब्लॉक के ही कपिया मिश्र गांव में वाटर सप्लाई पाइप बिछाने के लिए खोदी गई इंटरलॉकिंग सड़क की अभी तक मरम्मत नहीं होने से प्रतिदिन सड़क के गड्ढों में गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं। दोनों गांव के लोगों द्वारा बार-बार शिकायत के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं हुई।
गांव की गलियाें में हुए जगह-जगह गड्ढे, चोटिल होने का खतरा: पथरा। मिठवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत तिगोड़वा में पानी टंकी का निर्माण दो साल से अधूरा पड़ा है। पाइपलाइन बिछाने के लिए गांव की सड़कों को खोदा गया। कई रास्ते आज भी उसी स्थिति में पड़े हैं। पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। ग्राम प्रधान शारदा चौधरी ने कहा कि गांव की गलियों में जगह-जगह गड्ढे होने से बुजुर्ग, बच्चे व महिलाओं के गिरकर चोटिल होने का खतरा मंडराता है। घोसियारी संवाद के अनुसार खेसरहा ब्लॉक के बदुरगहना गांव में भी पानी टंकी निर्माण अधूरा है। यहां भी पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी सड़कों का मरम्मत कार्य अधूरा है।
टूटी सड़कें जस की तस: शाहपुर। खुनियांव ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत बगहवा में पानी सप्लाई के लिए सड़क खोदाई कर पाइपलाइन बिछाई गई थी। मरम्मत नहीं होने से जगह-जगह टूटी सड़क के ऊपर दिखाई पड़ रही है, जिससे जहां लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
वहीं इन पाइप के भी क्षतिग्रस्त होने की संभावना है। ग्राम पंचायत हरिजोत में भी वाटर टैंक का निर्माण कार्य अधूरा ही है। पंपहाउस के समीप लगे सोलर पैनल भी अधिकतर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी सड़क और जर्जर हो गई है। जिससे लोगों को प्रतिदिन दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
