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Siddharthnagar News: योजनाएं तमाम...गांव में साफ पानी तक मयस्सर नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 01 Jan 2026 12:17 AM IST
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खुनियांव क्षेत्र के ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर उर्फ बल्ली जोत के टोला बड़हरा में सालों से खराब पड़
- फोटो : श्री सांई पालिकी यात्रा में शामिल श्रद्धालु।
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शाहपुर। खुनियांव ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मनपुर उर्फ बल्ली जोत के टोला बड़हरा के ग्रामीण रहस्यमयी बीमारी से जूझ रहे हैं। उनको सिर्फ यही दर्द परेशान नहीं कर रहा है बल्कि बुनियादी सुविधाएं भी उन्हें मयस्सर नहीं हैं।
शुद्ध पानी पीने के लिए वह बरसों से इंतजार कर रहे हैं तो वहीं गंदगी के बीच रहने को मजबूर है। वाॅटर सप्लाई और इंडिया मार्का हैंडपंप के अभाव में लोग निजी नल का अशुद्ध पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। अव्यवस्थाओं के बीच रहने वाले इन ग्रामीणों को हर समय गंभीर बीमारी फैलने का खतरा सता रहा है। हालांकि, अमर उजाला में बुधवार को प्रकाशित खबर के बाद जागे स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को गांव में कैंप लगाने और जलनिगम की ओर से भी इसी दिन यहां के पानी की जांच की तिथि निर्धारित की है।
ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर उर्फ बल्लीजोत में करीब 2145 आबादी निवास करती है। इसमें 60 प्रतिशत ओबीसी की जनसंख्या है। 25 प्रतिशत सामान्य व 15 प्रतिशत एससी वर्ग के लोग रहते हैं। इसमें बड़हरा भी इसी गांव का एक हिस्सा है। इस गांव में ज्यादातर परिवार अत्यंत गरीब है। यहां वॉटरहेड टैंक से शुद्ध पानी की सप्लाई नहीं है और न ही यहां लगे इंडिया मार्का हैंडपंप ही दुरुस्त हैं। इससे ग्रामीण देसी नल लगवाकर अशुद्ध पानी का उपयोग कर रहे हैं।
विभाग की तरफ से इन निजी नलों के पानी की गुणवत्ता को जांच करने की भी जहमत नहीं उठाई है। वर्षों से बगैर जांच के ही इन नलों का पानी उपयोग कर रहे हैं। वर्तमान में यहां के ग्रामीण रहस्यमय बीमारी का इलाज कराते कराते और निर्धन हो गए हैं। गांव के पिंगल, राजकुमार, रामफेर आदि ने कहा गांव में लगे नल के पानी का कभी जांच-पड़ताल ही नहीं कराई गई, जिससे बीमारियों का अंदेशा बना रहता है। वहीं, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विजय का दावा है कि समय समय पर जांच पड़ताल करके घर के परिजनों को नल में दवा डालने के लिए दिया जाता है। ग्रामीणों को सारे नियम समझाया जाता है।
बजबजा रहीं नालियां, जगह जगह लगा कूड़े का ढेर : ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर उर्फ बल्ली में कई योजनाएं अधूरी पड़ी हुई हैं। इससे ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गांव में बने पंचायत भवन, कूड़ा निस्तारण केंद्र अधूरा पड़ा है। वहीं, गांव में जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है।
आज लगेगा स्वास्थ्य कैंप, होगी पानी की भी जांच : सीएमओ डॉ. रजत चौरसिया ने कहा कि संबंधित गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले भी जाकर जांच कर चुकी है। यहां दो परिवार बीमारी से ग्रसित पाए गए थे। बृहस्पतिवार को यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप लगाकर ग्रामीणों के ब्लड आदि की जांच कराई जाएगी।
जल निगम के जेई कमलेश कुमार का कहना है कि बृहस्पतिवार को जल निगम विभाग की टीम द्वारा गांव में पहुंचकर सभी नलों के पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी।
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शुद्ध पानी पीने के लिए वह बरसों से इंतजार कर रहे हैं तो वहीं गंदगी के बीच रहने को मजबूर है। वाॅटर सप्लाई और इंडिया मार्का हैंडपंप के अभाव में लोग निजी नल का अशुद्ध पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। अव्यवस्थाओं के बीच रहने वाले इन ग्रामीणों को हर समय गंभीर बीमारी फैलने का खतरा सता रहा है। हालांकि, अमर उजाला में बुधवार को प्रकाशित खबर के बाद जागे स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को गांव में कैंप लगाने और जलनिगम की ओर से भी इसी दिन यहां के पानी की जांच की तिथि निर्धारित की है।
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ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर उर्फ बल्लीजोत में करीब 2145 आबादी निवास करती है। इसमें 60 प्रतिशत ओबीसी की जनसंख्या है। 25 प्रतिशत सामान्य व 15 प्रतिशत एससी वर्ग के लोग रहते हैं। इसमें बड़हरा भी इसी गांव का एक हिस्सा है। इस गांव में ज्यादातर परिवार अत्यंत गरीब है। यहां वॉटरहेड टैंक से शुद्ध पानी की सप्लाई नहीं है और न ही यहां लगे इंडिया मार्का हैंडपंप ही दुरुस्त हैं। इससे ग्रामीण देसी नल लगवाकर अशुद्ध पानी का उपयोग कर रहे हैं।
विभाग की तरफ से इन निजी नलों के पानी की गुणवत्ता को जांच करने की भी जहमत नहीं उठाई है। वर्षों से बगैर जांच के ही इन नलों का पानी उपयोग कर रहे हैं। वर्तमान में यहां के ग्रामीण रहस्यमय बीमारी का इलाज कराते कराते और निर्धन हो गए हैं। गांव के पिंगल, राजकुमार, रामफेर आदि ने कहा गांव में लगे नल के पानी का कभी जांच-पड़ताल ही नहीं कराई गई, जिससे बीमारियों का अंदेशा बना रहता है। वहीं, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विजय का दावा है कि समय समय पर जांच पड़ताल करके घर के परिजनों को नल में दवा डालने के लिए दिया जाता है। ग्रामीणों को सारे नियम समझाया जाता है।
बजबजा रहीं नालियां, जगह जगह लगा कूड़े का ढेर : ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर उर्फ बल्ली में कई योजनाएं अधूरी पड़ी हुई हैं। इससे ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गांव में बने पंचायत भवन, कूड़ा निस्तारण केंद्र अधूरा पड़ा है। वहीं, गांव में जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है।
आज लगेगा स्वास्थ्य कैंप, होगी पानी की भी जांच : सीएमओ डॉ. रजत चौरसिया ने कहा कि संबंधित गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले भी जाकर जांच कर चुकी है। यहां दो परिवार बीमारी से ग्रसित पाए गए थे। बृहस्पतिवार को यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप लगाकर ग्रामीणों के ब्लड आदि की जांच कराई जाएगी।
जल निगम के जेई कमलेश कुमार का कहना है कि बृहस्पतिवार को जल निगम विभाग की टीम द्वारा गांव में पहुंचकर सभी नलों के पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी।
