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Siddharthnagar News: क्राइम ब्रांच करेगी क्राइम सीन की दोबारा जांच, अब सामने आएगा सच
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जोगिया क्षेत्र के नादेपार गांव में मृतक शिवम कसौधन के परिजन। संवाद
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सिद्धार्थनगर। जोगिया कोतवाली क्षेत्र के नादेपार गांव में 10 मार्च को हुए शिवम हत्याकांड में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अब परिवार ने हत्या के समय दो लोगों के शामिल होने और हत्यारोपी को शरण देने वाले पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, आरोप के बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच को चली गई है। जो क्राइम सीन की दोबारा जांच करेगी।
अब क्राइम ब्रांच पूरे घटनाक्रम की बारीकी से दोबारा जांच करेगी, जिसमें क्राइम सीन का री-क्रिएशन, गवाहों के बयान और घटनास्थल से जुड़े हर पहलू को नए सिरे से खंगाला जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके। थाने की पुलिस जिन बिंदुओं को छोड़ चुकी थी, उसे फिर से खंगालेगी। विवेचना करके शामिल करेगी।
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के नादेपार गांव निवासी शिवम की गांव के बाहर उसी के दोस्त के बुआ के लड़के ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने आरोपी पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी करके मामले का पर्दाफाश कर दिया था। 16 मार्च को मामले में नया मोड़ तब आ गया है जब पीड़ित के पिता और 100 से अधिक संख्या में ग्रामीण एसपी कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। दो अन्य पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। एसओ पर लापरवाही का आरोप लगाने के साथ ही जांच और विवेचना दूसरे से कराने की मांग की। अब मामले की जांच क्राइम ब्रांच के पाले में चला गया है। अब क्राइम ब्रांच की टीम जल्द ही नादेपार गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। टीम यह पता लगाएगी कि वारदात के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। सबसे पहले घटना स्थल पर कौन पहुंचा और आसपास के लोगों ने क्या देखा या सुना। इसके साथ ही घटनास्थल के भौतिक साक्ष्यों का पुनः परीक्षण किया जाएगा। यह भी जांचेगी कि हत्या के पीछे असली वजह क्या थी। क्या आरोपी का बयान पूरी तरह सही है या उसमें कुछ छिपाया गया है।
अबतक की जांच में आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि रिश्तेदारी की एक लड़की से शिवम के संपर्क के चलते उसने हत्या की, लेकिन परिवार इस कहानी को अधूरा और भ्रामक बता रहा है। क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी देखा जाएगा कि शुरुआती पुलिस कार्रवाई में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
थानाध्यक्ष पर लगे आरोपों की भी जांच होगी कि क्या किसी दबाव में या लापरवाही के चलते पूरे मामले को सीमित करने की कोशिश की गई। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है, जिसे लेकर विभागीय स्तर पर भी समीक्षा संभव मानी जा रही है। इस संबंध में एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने बताया कि परिवार के लोगों ने मांग की थी, जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।
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बोले पिता : मानसिक रूप से परेशान था, पुलिस ने क्या लिखा पता नहीं चला
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के नादेपार गांव में शिवम के घर पहुंचकर उनके पिता इंद्रेश से बात करने की कोशिश की गई। पिता इंद्रेश ने बताया कि 10 मार्च को शाम 5:30 बजे पुत्र शिवम की निर्मम हत्या प्रिंस वर्मा एवं उसके सहयोगियों ने गला काटकर कर दी थी। उस समय परिवार अत्यधिक मानसिक आघात, सदमे और शोक की स्थिति में था। हमसे पुलिस ने कागज पर हस्ताक्षर करवा लिया गया था। इसके बाद जब शांत हुए तो पता चला कि पुलिस ने केवल एक ही आरोपी को पकड़ा है। जब पता चला कि अन्य दोनों को पुलिस नहीं पकड़ रही है तो बात की लेकिन कुछ नहीं बोले। आरोप लगाया कि दोनों आरोपियों के अलावा एक व्यक्ति ने हत्यारोपी को अपने घर में शरण दी थी। लगभग एक घंटे वहां था। हत्या के बाद कपड़ा बदला और निकल गया। निष्पक्ष जांच होने तक लड़ाई लड़ेंगे। हत्यारोपी के दो सहयोगी बाहर हैं, जो छोटे बेटे के साथ भी कुछ कर सकते हैं। यह कहते हुए इंद्रेश फफक पड़े।
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अब क्राइम ब्रांच पूरे घटनाक्रम की बारीकी से दोबारा जांच करेगी, जिसमें क्राइम सीन का री-क्रिएशन, गवाहों के बयान और घटनास्थल से जुड़े हर पहलू को नए सिरे से खंगाला जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके। थाने की पुलिस जिन बिंदुओं को छोड़ चुकी थी, उसे फिर से खंगालेगी। विवेचना करके शामिल करेगी।
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जोगिया कोतवाली क्षेत्र के नादेपार गांव निवासी शिवम की गांव के बाहर उसी के दोस्त के बुआ के लड़के ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने आरोपी पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी करके मामले का पर्दाफाश कर दिया था। 16 मार्च को मामले में नया मोड़ तब आ गया है जब पीड़ित के पिता और 100 से अधिक संख्या में ग्रामीण एसपी कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। दो अन्य पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। एसओ पर लापरवाही का आरोप लगाने के साथ ही जांच और विवेचना दूसरे से कराने की मांग की। अब मामले की जांच क्राइम ब्रांच के पाले में चला गया है। अब क्राइम ब्रांच की टीम जल्द ही नादेपार गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। टीम यह पता लगाएगी कि वारदात के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। सबसे पहले घटना स्थल पर कौन पहुंचा और आसपास के लोगों ने क्या देखा या सुना। इसके साथ ही घटनास्थल के भौतिक साक्ष्यों का पुनः परीक्षण किया जाएगा। यह भी जांचेगी कि हत्या के पीछे असली वजह क्या थी। क्या आरोपी का बयान पूरी तरह सही है या उसमें कुछ छिपाया गया है।
अबतक की जांच में आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि रिश्तेदारी की एक लड़की से शिवम के संपर्क के चलते उसने हत्या की, लेकिन परिवार इस कहानी को अधूरा और भ्रामक बता रहा है। क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी देखा जाएगा कि शुरुआती पुलिस कार्रवाई में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
थानाध्यक्ष पर लगे आरोपों की भी जांच होगी कि क्या किसी दबाव में या लापरवाही के चलते पूरे मामले को सीमित करने की कोशिश की गई। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है, जिसे लेकर विभागीय स्तर पर भी समीक्षा संभव मानी जा रही है। इस संबंध में एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने बताया कि परिवार के लोगों ने मांग की थी, जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।
बोले पिता : मानसिक रूप से परेशान था, पुलिस ने क्या लिखा पता नहीं चला
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के नादेपार गांव में शिवम के घर पहुंचकर उनके पिता इंद्रेश से बात करने की कोशिश की गई। पिता इंद्रेश ने बताया कि 10 मार्च को शाम 5:30 बजे पुत्र शिवम की निर्मम हत्या प्रिंस वर्मा एवं उसके सहयोगियों ने गला काटकर कर दी थी। उस समय परिवार अत्यधिक मानसिक आघात, सदमे और शोक की स्थिति में था। हमसे पुलिस ने कागज पर हस्ताक्षर करवा लिया गया था। इसके बाद जब शांत हुए तो पता चला कि पुलिस ने केवल एक ही आरोपी को पकड़ा है। जब पता चला कि अन्य दोनों को पुलिस नहीं पकड़ रही है तो बात की लेकिन कुछ नहीं बोले। आरोप लगाया कि दोनों आरोपियों के अलावा एक व्यक्ति ने हत्यारोपी को अपने घर में शरण दी थी। लगभग एक घंटे वहां था। हत्या के बाद कपड़ा बदला और निकल गया। निष्पक्ष जांच होने तक लड़ाई लड़ेंगे। हत्यारोपी के दो सहयोगी बाहर हैं, जो छोटे बेटे के साथ भी कुछ कर सकते हैं। यह कहते हुए इंद्रेश फफक पड़े।