{"_id":"69d7fb2e3bf81e39bb072eab","slug":"the-weather-is-compounding-the-misery-the-body-has-been-wracked-by-fever-for-10-days-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-156327-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: मौसम बढ़ा रहा तकलीफ... 10 दिन तक बुखार से टूट रहा शरीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: मौसम बढ़ा रहा तकलीफ... 10 दिन तक बुखार से टूट रहा शरीर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 10 Apr 2026 12:47 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। मौसम का उतार-चढ़ाव लोगों को बीमार बना रहा है। मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी, पीएचसी में मरीजों की उमड़ी भीड़ यह बयां कर रही है कि मौसम शरीर का साथ नहीं दे रहा है। बुखार, जुकाम और खांसी, जिसको चपेट में ले रही है, उसे 10-15 दिन तक परेशान होना पड़ रहा है। लगातार दवाओं के सेवन के बाद ही समस्या से छुटकारा मिल पा रहा है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के ओपीडी की बात करें तो अधिकांश मरीज बुखार और खांसी से पीड़ित वाले हैं। इसमें भी बच्चे और बुजुर्ग अधिक हैं। बच्चों में डायरिया की शिकायत । डॉक्टर जांच और दवा के साथ ही मौसम में बचाव और लापरवाही न बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले एक माह से मौसम के लगातार बदलाव और सर्द-गर्म से यह दिक्कत हो रही है। ऐसे में बचने की जरूरत है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। सुविधाओं के बढ़ाने के साथ ही मरीजों का दबाव बढ़ा है। जांच और अन्य सुविधाओं के होने के कारण हर प्रकार के मरीज आ रहे हैं। ओपीडी की बात करें तो जहां सामान्य दिनों में 1200-1500 की ओपीडी होती है। वहीं, जब मौसम में बदलाव होता है तो संख्या बढ़ जाती है। मौजूदा समय में मेडिकल काॅलेज में मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है। मेडिसिन विभाग में 12 बजे तक 97 मरीजों को देखा जा चुका था। इसमें अधिकांश मरीजों को बुखार, दर्द और खांसी की शिकायत थी। उसका निवासी रमेश ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार आ रहा है, लगातार मेडिकल स्टोर से दवा ले रहे हैं, लेकिन ठीक नहीं हो रहा है। अस्पताल में आए तो जांच के लिए लिखने के साथ दवा दी गई है।
वहीं, मीरा ने बताया कि बुखार के साथ ही खांसी से परेशान हूं। 10 दिन से अधिक का समय हो गया है। रात में समस्या और बढ़ जाती है। डॉक्टर को दिखाया तो जांच लिखी है। रिपोर्ट देखने के बाद दवा लिखने की बात कही है। इसी प्रकार के पूरी शरीर दुखने, सीने में दर्द और अन्य समस्या से पीड़ित मरीज भी इलाज के लिए पहुंचे। डॉ. संजय कुमार ओपीडी में मरीजों को देखने के साथ ही दवा और बचाव की सलाह दे रहे थे। वहीं, डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि मौसम का कोई पता नहीं है। पिछले एक माह से उतार-चढ़ाव जारी है, इसलिए लोग बीमार पड़ रहे हैं। बारिश के बाद एकाएक तापमान गिर गया। जबकि, चार दिन पहले अधिक था। ऐसे में शरीर के अनुकूल मौसम नहीं है, जिसकी इम्युनिटी पॉवर कमजोर है, उस पर मौसम का प्रभाव अधिक पड़ रहा है। वहीं, बालरोग विभाग की बात करें तो यहां डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों ने बताया कि मौसम के कारण यह हमेशा होता है, लेकिन इस बार लगातार बदलाव हो रहा है, इसलिए बच्चों पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। इसके अलावा अन्य ओपीडी में सामान्य रूप से संचालन पाया गया।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. एके झा ने बताया कि अस्पताल में मौजूद सुविधाओं में मरीजों के बेहतर इलाज करने की कोशिश की जाती है। जांच और दवाओं की सुविधा मरीजों को मिल रही है।
Trending Videos
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के ओपीडी की बात करें तो अधिकांश मरीज बुखार और खांसी से पीड़ित वाले हैं। इसमें भी बच्चे और बुजुर्ग अधिक हैं। बच्चों में डायरिया की शिकायत । डॉक्टर जांच और दवा के साथ ही मौसम में बचाव और लापरवाही न बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले एक माह से मौसम के लगातार बदलाव और सर्द-गर्म से यह दिक्कत हो रही है। ऐसे में बचने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। सुविधाओं के बढ़ाने के साथ ही मरीजों का दबाव बढ़ा है। जांच और अन्य सुविधाओं के होने के कारण हर प्रकार के मरीज आ रहे हैं। ओपीडी की बात करें तो जहां सामान्य दिनों में 1200-1500 की ओपीडी होती है। वहीं, जब मौसम में बदलाव होता है तो संख्या बढ़ जाती है। मौजूदा समय में मेडिकल काॅलेज में मरीजों की संख्या अधिक देखी जा रही है। मेडिसिन विभाग में 12 बजे तक 97 मरीजों को देखा जा चुका था। इसमें अधिकांश मरीजों को बुखार, दर्द और खांसी की शिकायत थी। उसका निवासी रमेश ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार आ रहा है, लगातार मेडिकल स्टोर से दवा ले रहे हैं, लेकिन ठीक नहीं हो रहा है। अस्पताल में आए तो जांच के लिए लिखने के साथ दवा दी गई है।
वहीं, मीरा ने बताया कि बुखार के साथ ही खांसी से परेशान हूं। 10 दिन से अधिक का समय हो गया है। रात में समस्या और बढ़ जाती है। डॉक्टर को दिखाया तो जांच लिखी है। रिपोर्ट देखने के बाद दवा लिखने की बात कही है। इसी प्रकार के पूरी शरीर दुखने, सीने में दर्द और अन्य समस्या से पीड़ित मरीज भी इलाज के लिए पहुंचे। डॉ. संजय कुमार ओपीडी में मरीजों को देखने के साथ ही दवा और बचाव की सलाह दे रहे थे। वहीं, डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि मौसम का कोई पता नहीं है। पिछले एक माह से उतार-चढ़ाव जारी है, इसलिए लोग बीमार पड़ रहे हैं। बारिश के बाद एकाएक तापमान गिर गया। जबकि, चार दिन पहले अधिक था। ऐसे में शरीर के अनुकूल मौसम नहीं है, जिसकी इम्युनिटी पॉवर कमजोर है, उस पर मौसम का प्रभाव अधिक पड़ रहा है। वहीं, बालरोग विभाग की बात करें तो यहां डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों ने बताया कि मौसम के कारण यह हमेशा होता है, लेकिन इस बार लगातार बदलाव हो रहा है, इसलिए बच्चों पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। इसके अलावा अन्य ओपीडी में सामान्य रूप से संचालन पाया गया।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. एके झा ने बताया कि अस्पताल में मौजूद सुविधाओं में मरीजों के बेहतर इलाज करने की कोशिश की जाती है। जांच और दवाओं की सुविधा मरीजों को मिल रही है।