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Sitapur News: जेल में रची साजिश, जाली नोटों के तार डाॅक्टर से जुड़े
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:20 AM IST
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सीतापुर। बिसवां में जाली नोटों के मिलने के मामले के तार एक चिकित्सक से जुड़ रहे हैं। पुलिस सूत्रों का दावा है कि दूसरे समुदाय का यह चिकित्सक एमबीबीएस डिग्रीधारक है। वह लखनऊ व दिल्ली के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से जुड़ा है। उस पर पहले भी कई केस दर्ज हो चुके हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जाली नोटों के मामले में पकड़े गए भाई-बहन से पूछताछ यह खुलासा हुआ है।
एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने बताया िक गुलजार शाहर मेले में कुछ लोगों के जाली नोटों के चलाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सोनेश्वरी भार्गव व उसके भाई अमित को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अमित ने कई खुलासे किए हैं। बताया कि अमित दुष्कर्म के एक मामले में जेल गया था। इधर, डाॅक्टर भी एक मामले में जेल में बंद था। जेल में ही दोनों की मुलाकात हुई।
डॉक्टर ने अमित को अपने पूरे प्लान के बारे में समझाया। जेल से निकलने के बाद लखनऊ में दोनों की फिर मुलाकात हुई। अमित को नोट खपाने में 60 प्रतिशत का हिस्सा मिलता था लेकिन ये जाली नोट कहां से आते थे। इसकी जानकारी अमित को नहीं है। माना जा रहा है कि डाॅक्टर ने लखनऊ, गुडगांव, दिल्ली आदि जगहों पर नोट खपाए हंै। (संवाद)
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एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने बताया िक गुलजार शाहर मेले में कुछ लोगों के जाली नोटों के चलाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सोनेश्वरी भार्गव व उसके भाई अमित को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अमित ने कई खुलासे किए हैं। बताया कि अमित दुष्कर्म के एक मामले में जेल गया था। इधर, डाॅक्टर भी एक मामले में जेल में बंद था। जेल में ही दोनों की मुलाकात हुई।
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डॉक्टर ने अमित को अपने पूरे प्लान के बारे में समझाया। जेल से निकलने के बाद लखनऊ में दोनों की फिर मुलाकात हुई। अमित को नोट खपाने में 60 प्रतिशत का हिस्सा मिलता था लेकिन ये जाली नोट कहां से आते थे। इसकी जानकारी अमित को नहीं है। माना जा रहा है कि डाॅक्टर ने लखनऊ, गुडगांव, दिल्ली आदि जगहों पर नोट खपाए हंै। (संवाद)
