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Sitapur News: फॉलोअर ने जान दी, एपीटीसी कमांडेंट पर प्रताड़ना का आरोप
Thu, 16 Jul 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:11 AM IST
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शैलेंद्र की फाइल फोटो व गांव में परिजनों व अन्य लोगों के साथ धरने पर बैठे सांसद के पुत्र रत्नम
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पुर। खैराबाद के राजापुर चिलवारा गांव के रहने वाले एपीटीसी के फॉलोअर शैलेंद्र पाल (25) ने मंगलवार को विषाक्त पदार्थ खा लिया। परिजन उन्हें इलाज के लिए लखनऊ जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। बुधवार को शैलेंद्र की पत्नी सरिता पाल ने एपीटीसी (आर्म्ड पुलिस ट्रेनिंग सेंटर) के कमांडेंट पर पति को प्रताड़ित करने व आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। परिजनों संग बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। देर शाम सांसद राकेश राठौर के पुत्र के नेतृत्व में ग्रामीणों व परिजनों ने कमांडेंट पर कार्रवाई की मांग को लेकर राजापुर चिलवारा गांव में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पीड़िता सरिता पाल ने बताया कि उनके पति शैलेंद्र एपीटीसी कमांडेंट के आवास पर साफ-सफाई व खाना बनाने का कार्य करते थे। 25 जून को अधिकारी के आवास से कुछ रुपये और सामान गायब होने के बाद शक के आधार पर उनके पति को दो पुलिसकर्मी सादी वर्दी में घर से जबरन ले गए। आरोप है कि शैलेंद्र को दो दिन तक अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया। उनसे कड़ी पूछताछ की गई और बर्बरतापूर्वक पीटा गया। इसके बाद भी प्रतिदिन उनके पति को बंगले पर बुलाकर शारीरिक व मानसिक रूप प्रताड़ित किया जाता रहा। उनके पति को प्रताड़ना की बात किसी से बताने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
आरोप है कि कमांडेंट ने शैलेंद्र से रुपयों की मांग की। उनके पति का मोबाइल फोन व आवश्यक दस्तावेज (आधार कार्ड आदि) छीनकर जमा करा लिया गया था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उनके पति ने मंगलवार को विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी।
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घटना से आक्रोशित 50 से अधिक ग्रामीण बुधवार सुबह एसपी अंकुर अग्रवाल के कार्यालय पहुंचे। ट्रैक्टर-ट्रॉली से उतरकर ग्रामीण कार्यालय परिसर में जमीन पर ही बैठ गए। सीओ सिटी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच एक महिला रोते-रोते जमीन पर गिर गई। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे उठाया। समझाने के बाद सभी ग्रामीण सांसद राकेश राठौर के आवास पर पहुंचे और वहां मामले की जानकारी दी। सांसद आवास में भी पीड़िता सरिता पति के साथ हुई बर्बरता बयां करते-करते बेहोश हो गईं।
परिजन बोले- एफआईआर दर्ज होने के बाद ही करेंगे अंतिम संस्कार
पीड़िता ने परिजनों व ग्रामीणों के साथ सांसद पुत्र रत्नम राठौर के नेतृत्व में कार्रवाई की मांग को लेकर गांव में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष व किसान नेता शिवप्रकाश सिंह, महिला नेता सुनीला रावत और सुनीता चौधरी पीड़ित परिवार के साथ शव के पास बैठे रहे। पीड़िता ने मांग की है कि पति का उत्पीड़न करने वाले कमांडेंट और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। कमांडेंट को निलंबित किया जाए। वहीं, किसान नेता शिवप्रकाश सिंह ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। शैलेंद्र पाल के भाई प्रदीप पाल, पिता रामनाथ पाल, बहन संगीता पाल ने संयुक्त रूप से कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में शिकायती पत्र मिला है। इसकी जांच कराई जा रही है। सभी बिंदुओं पर जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
- अंकुर अग्रवाल, एसपी सीतापुर
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पीड़िता सरिता पाल ने बताया कि उनके पति शैलेंद्र एपीटीसी कमांडेंट के आवास पर साफ-सफाई व खाना बनाने का कार्य करते थे। 25 जून को अधिकारी के आवास से कुछ रुपये और सामान गायब होने के बाद शक के आधार पर उनके पति को दो पुलिसकर्मी सादी वर्दी में घर से जबरन ले गए। आरोप है कि शैलेंद्र को दो दिन तक अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया। उनसे कड़ी पूछताछ की गई और बर्बरतापूर्वक पीटा गया। इसके बाद भी प्रतिदिन उनके पति को बंगले पर बुलाकर शारीरिक व मानसिक रूप प्रताड़ित किया जाता रहा। उनके पति को प्रताड़ना की बात किसी से बताने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
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आरोप है कि कमांडेंट ने शैलेंद्र से रुपयों की मांग की। उनके पति का मोबाइल फोन व आवश्यक दस्तावेज (आधार कार्ड आदि) छीनकर जमा करा लिया गया था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उनके पति ने मंगलवार को विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी।
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घटना से आक्रोशित 50 से अधिक ग्रामीण बुधवार सुबह एसपी अंकुर अग्रवाल के कार्यालय पहुंचे। ट्रैक्टर-ट्रॉली से उतरकर ग्रामीण कार्यालय परिसर में जमीन पर ही बैठ गए। सीओ सिटी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच एक महिला रोते-रोते जमीन पर गिर गई। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे उठाया। समझाने के बाद सभी ग्रामीण सांसद राकेश राठौर के आवास पर पहुंचे और वहां मामले की जानकारी दी। सांसद आवास में भी पीड़िता सरिता पति के साथ हुई बर्बरता बयां करते-करते बेहोश हो गईं।
परिजन बोले- एफआईआर दर्ज होने के बाद ही करेंगे अंतिम संस्कार
पीड़िता ने परिजनों व ग्रामीणों के साथ सांसद पुत्र रत्नम राठौर के नेतृत्व में कार्रवाई की मांग को लेकर गांव में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष व किसान नेता शिवप्रकाश सिंह, महिला नेता सुनीला रावत और सुनीता चौधरी पीड़ित परिवार के साथ शव के पास बैठे रहे। पीड़िता ने मांग की है कि पति का उत्पीड़न करने वाले कमांडेंट और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। कमांडेंट को निलंबित किया जाए। वहीं, किसान नेता शिवप्रकाश सिंह ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। शैलेंद्र पाल के भाई प्रदीप पाल, पिता रामनाथ पाल, बहन संगीता पाल ने संयुक्त रूप से कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में शिकायती पत्र मिला है। इसकी जांच कराई जा रही है। सभी बिंदुओं पर जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
- अंकुर अग्रवाल, एसपी सीतापुर

शैलेंद्र की फाइल फोटो व गांव में परिजनों व अन्य लोगों के साथ धरने पर बैठे सांसद के पुत्र रत्नम