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Sitapur News: रासायनिक कचरे पर चली जेसीबी
Sun, 02 Aug 2026 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:09 AM IST
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पिसावां। क्षेत्र के ग्राम रामुआपुर व कठिना नदी के बीच किराये की लगभग 50 बीघा भूमि पर सुखाए जा रहे केमिकल मिश्रित मुर्गियों के दानों से उठ रही भीषण दुर्गंध से आसपास के तमाम गांवों के लोग लंबे समय से परेशान थे। नायब तहसीलदार ने पुलिस टीम के साथ शनिवार को जेसीबी से एकत्र कराकर गड्ढे खुदवाए और दो दिन में निस्तारित करने के निर्देश दिए।
रासायनिक कचरे से बदबू के साथ क्षेत्र में मच्छरों और मक्खियों की संख्या बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया था। मामला उस समय गंभीर रूप से सामने आया जब रामुआपुर प्राथमिक विद्यालय के कई छात्र उल्टी, घबराहट और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत के बाद बीमार पड़ गए।
इसके बाद समाचार पत्रों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने पर प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम महोली शैलेन्द्र गौतम के निर्देश पर शनिवार को नायब तहसीलदार राज विक्रम सिंह और लेखपाल, दरोगा विनवेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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प्रशासन ने जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से रासायनिक कचरे को एक स्थान पर एकत्रित कराया। जेसीबी से गड्ढे खुदवाए। नायब तहसीलदार ने निर्देश दिया कि यदि संबंधित मालिक द्वारा दो दिनों के भीतर कचरे को ट्रकों के माध्यम से नहीं हटाया गया, तो पूरे अवशेष को गड्ढों में दबाकर निस्तारित कर दिया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से बदबू, प्रदूषण और बीमारी फैलने की आशंका पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि निर्धारित समय में कचरा पूरी तरह हटाया जाता है या नहीं।
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रासायनिक कचरे से बदबू के साथ क्षेत्र में मच्छरों और मक्खियों की संख्या बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया था। मामला उस समय गंभीर रूप से सामने आया जब रामुआपुर प्राथमिक विद्यालय के कई छात्र उल्टी, घबराहट और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत के बाद बीमार पड़ गए।
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इसके बाद समाचार पत्रों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने पर प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम महोली शैलेन्द्र गौतम के निर्देश पर शनिवार को नायब तहसीलदार राज विक्रम सिंह और लेखपाल, दरोगा विनवेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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प्रशासन ने जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से रासायनिक कचरे को एक स्थान पर एकत्रित कराया। जेसीबी से गड्ढे खुदवाए। नायब तहसीलदार ने निर्देश दिया कि यदि संबंधित मालिक द्वारा दो दिनों के भीतर कचरे को ट्रकों के माध्यम से नहीं हटाया गया, तो पूरे अवशेष को गड्ढों में दबाकर निस्तारित कर दिया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से बदबू, प्रदूषण और बीमारी फैलने की आशंका पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि निर्धारित समय में कचरा पूरी तरह हटाया जाता है या नहीं।