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Sitapur News: रिश्वत लेते पकड़ा गया निजी कर्मचारी व पेशकार
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 19 May 2026 11:48 PM IST
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मिश्रिख तहसील से आरोपी बाबू को पकड़ कर लेकर जाती विजिलेंस की टीम। संवाद
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मिश्रिख। एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार दोपहर तहसील परिसर से पेशकार व उसके निजी कर्मचारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दाखिल-खारिज के लिए आवेदक से 18 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई थी। पेशकार के निजी कर्मचारी को रिश्वत की रकम लेते समय टीम ने दबोच लिया। उसने पेशकार के लिए रकम लेने की बात कही तो टीम ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को टीम ने घसीटकर वाहन में बैठाया और अपने साथ लेकर चली गई।
न्यायिक तहसीलदार अतुल सेन सिंह के कार्यालय में नाजिर पद पर तैनात अनीस अहमद को पेशकार का अतिरिक्त चार्ज मिला है। निजी कर्मचारी रोहित सिंह भी काफी समय से तहसील में काम कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, विमल नामक युवक ने दाखिल-खारिज कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। प्रार्थनापत्र खारिज होने पर विमल ने रोहित से संपर्क किया। मंगलवार को विमल को 18 हजार रुपये लेकर आने को कहा गया था।
एंटी करप्शन टीम ने घूस की रकम लेते हुए रोहित को रंगे हाथ पकड़ लिया। रोहित ने तुरंत अनीस का नाम ले लिया। बताया कि अनीस के कहने पर उसने रकम ली है। इस पर टीम ने अनीस को भी उसके कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टीम दोनों को वहां से लेकर रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि एक अन्य निजी कर्मचारी भी अनीस के लिए काम करता है जो कि एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई की भनक लगते ही वहां से भाग गया।
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पीड़ित की शिकायत है कि दाखिल-खारिज कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इसके बाद 18 हजार रुपये में मामला तय हुआ था। एंटी करप्शन टीम दोनों को संदना थाने लेकर गई। थानाध्यक्ष मानपाल सिंह ने बताया कि टीम की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
कोई गमछा बांधकर आया, तो कोई झोला लेकर
सूत्र बताते हैं कि मंगलवार सुबह तहसील खुलने से पहले ही एंटी करप्शन टीम परिसर में पहुंच गई थी। सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे। कोई सिर पर गमछा बांधकर आया तो कोई हाथ में झोला लेकर पहुंचा था। टीम ने परिसर में लोगों से कार्यालय खुलने का समय व अन्य चीजों की जानकारी भी ली। रिश्वत में दिए गए नोटों पर केमिकल लगा दिया था। रोहित ने जैसे ही नोट हाथ में लिए, टीम ने तुरंत दबोच लिया। रोहित के हाथ तुरंत केमिकल में डाले गए तो उसमें से रंग छूटने लगा। इस केमिकल को लैब की रिपोर्ट के साथ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
हर तहसील में मौजूद हैं निजी कर्मचारी
लोगों की मानें तो जिले की हर तहसील में निजी कर्मचारियों की भरमार है। लेखपाल, कानूनगो व पेशकार अपने साथ एक से दो निजी कर्मचारी रखे हैं। जब रिश्वत लेने की कोई बात आती है तो वह निजी कर्मचारियों को ही आगे कर देते हैं। काफी समय से निजी कर्मचारी ही लेखपाल, कानूनगो व पेशकार के लिए लेनदेन का काम संभाल रहे हैं।
पहले भी पकड़े गए हैं कई घूसखोर
बिसवां में तैनात एक ग्राम विकास अधिकारी को सरकारी योजना का लाभ देने के मामले में पकड़ा गया था।
सिधौली एसडीएम कार्यालय में तैनात पेशकार अनुपम श्रीवास्तव को दाखिल खारिज निरस्त करने के मामले में रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
ईओ निहालचंद को कलेक्ट्रेट परिसर से ठेकेदार का बकाया भुगतान करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
लेखपाल वीरेंद्र बलिया को सदर तहसील से गिरफ्तार किया गया था।
न्यायिक तहसीलदार अतुल सेन सिंह के कार्यालय में नाजिर पद पर तैनात अनीस अहमद को पेशकार का अतिरिक्त चार्ज मिला है। निजी कर्मचारी रोहित सिंह भी काफी समय से तहसील में काम कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, विमल नामक युवक ने दाखिल-खारिज कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। प्रार्थनापत्र खारिज होने पर विमल ने रोहित से संपर्क किया। मंगलवार को विमल को 18 हजार रुपये लेकर आने को कहा गया था।
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एंटी करप्शन टीम ने घूस की रकम लेते हुए रोहित को रंगे हाथ पकड़ लिया। रोहित ने तुरंत अनीस का नाम ले लिया। बताया कि अनीस के कहने पर उसने रकम ली है। इस पर टीम ने अनीस को भी उसके कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टीम दोनों को वहां से लेकर रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि एक अन्य निजी कर्मचारी भी अनीस के लिए काम करता है जो कि एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई की भनक लगते ही वहां से भाग गया।
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कोई गमछा बांधकर आया, तो कोई झोला लेकर
सूत्र बताते हैं कि मंगलवार सुबह तहसील खुलने से पहले ही एंटी करप्शन टीम परिसर में पहुंच गई थी। सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे। कोई सिर पर गमछा बांधकर आया तो कोई हाथ में झोला लेकर पहुंचा था। टीम ने परिसर में लोगों से कार्यालय खुलने का समय व अन्य चीजों की जानकारी भी ली। रिश्वत में दिए गए नोटों पर केमिकल लगा दिया था। रोहित ने जैसे ही नोट हाथ में लिए, टीम ने तुरंत दबोच लिया। रोहित के हाथ तुरंत केमिकल में डाले गए तो उसमें से रंग छूटने लगा। इस केमिकल को लैब की रिपोर्ट के साथ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
हर तहसील में मौजूद हैं निजी कर्मचारी
लोगों की मानें तो जिले की हर तहसील में निजी कर्मचारियों की भरमार है। लेखपाल, कानूनगो व पेशकार अपने साथ एक से दो निजी कर्मचारी रखे हैं। जब रिश्वत लेने की कोई बात आती है तो वह निजी कर्मचारियों को ही आगे कर देते हैं। काफी समय से निजी कर्मचारी ही लेखपाल, कानूनगो व पेशकार के लिए लेनदेन का काम संभाल रहे हैं।
पहले भी पकड़े गए हैं कई घूसखोर
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लेखपाल वीरेंद्र बलिया को सदर तहसील से गिरफ्तार किया गया था।