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Sitapur News: रामपुर मथुरा क्रय केंद्र से वंचित, किसान मायूस
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:42 PM IST
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। एक बार फिर रामपुर मथुरा ब्लॉक को सरकारी गेहूं क्रय केंद्र से वंचित रखा गया है। इससे किसानों में निराशा है। इलाके के किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए करीब 45 किलोमीटर दूर महमूदाबाद मंडी परिषद तक दौड़ लगानी पड़ेगी। इससे अतिरिक्त किराया खर्च के साथ ही किसानों का समय भी खराब होगा। सबसे ज्यादा समस्या छोटे काश्तकारों को उठानी पड़ेगी। किसान खर्च व समय बचाने को बिचौलियों के हाथों कम दाम पर अपनी उपज बेचने को मजबूर होंगे।
किसान देवी बख्श ने बताया कि सभी गेंहू क्रय केंद्र करीब 45 किमी दूर मंडी परिषद महमूदाबाद में बनाए गए हैं। किराया व समय की बर्बादी के कारण वहां तक गेहूं ले जाना छोटे और सीमांत किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित होता है। करीब दो वर्ष पूर्व क्षेत्र में आठ साधन सहकारी समितियों को गेंहू क्रय केंद्र बनाया जाता था। उस समय छोटे व सीमांत किसानों को सरकारी मूल्य का लाभ मिल जाता था। दो साल से ब्लॉक भर में कहीं पर एक भी क्रय केंद्र नहीं बनाया जा रहा है।
किसान अवधेश सिंह का कहना है कि यदि इलाके में सरकारी क्रय केंद्र स्थापित किए जाएं तो उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकेगा।
अरुण शर्मा ने बताया कि संसाधन विहीन किसानों को परिवहन की समस्या होने के कारण इस बार भी अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ेगी।
इलाके के किसानों ने गेहूं बेचने में आने वाली समस्याओं का हवाला देते हुए रामपुर मथुरा, चांदपुर, बांसुरा, बहादुरगंज व पारा रमनगरा स्थित सहकारी समितियों को अनिवार्य रूप से क्रय केंद्र बनाए जाने की मांग उठाई है।
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किसान देवी बख्श ने बताया कि सभी गेंहू क्रय केंद्र करीब 45 किमी दूर मंडी परिषद महमूदाबाद में बनाए गए हैं। किराया व समय की बर्बादी के कारण वहां तक गेहूं ले जाना छोटे और सीमांत किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित होता है। करीब दो वर्ष पूर्व क्षेत्र में आठ साधन सहकारी समितियों को गेंहू क्रय केंद्र बनाया जाता था। उस समय छोटे व सीमांत किसानों को सरकारी मूल्य का लाभ मिल जाता था। दो साल से ब्लॉक भर में कहीं पर एक भी क्रय केंद्र नहीं बनाया जा रहा है।
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किसान अवधेश सिंह का कहना है कि यदि इलाके में सरकारी क्रय केंद्र स्थापित किए जाएं तो उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकेगा।
अरुण शर्मा ने बताया कि संसाधन विहीन किसानों को परिवहन की समस्या होने के कारण इस बार भी अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ेगी।
इलाके के किसानों ने गेहूं बेचने में आने वाली समस्याओं का हवाला देते हुए रामपुर मथुरा, चांदपुर, बांसुरा, बहादुरगंज व पारा रमनगरा स्थित सहकारी समितियों को अनिवार्य रूप से क्रय केंद्र बनाए जाने की मांग उठाई है।