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एसडीएम ने सपाइयों से लिए हैं पैसे : राज्यमंत्री
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 05 Jun 2026 12:03 AM IST
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मीडिया के सवालों का जवाब देते कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही। संवाद
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सीतापुर। कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर जनार्दन पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप है कि एसडीएम ने बिना किसी नोटिस के एक दलित की दीवार गिरा दी। राज्यमंत्री इसका संज्ञान लेकर डीएम से मुलाकात करने पहुंचे। मगर डीएम उस समय कार्यालय में नहीं थे।
राज्यमंत्री सुरेश राही ने बताया कि शाहपुर दलावल गांव में वर्ष 1996 में तत्कालीन एसडीएम इंद्रमणि त्रिपाठी ने गाटा संख्या 41 में सात किसानों का आवासीय पट्टा किया था। उस भूमि पर कई मकान बने थे। इनमें से एक मकान पर राधेश्याम काबिज हैं। इन्होंने 30 साल पहले छोटी बाउंड्री बना ली थी। राधेश्याम उसी बाउंड्री को ऊंचा करके छप्पर डालना चाहते थे। दो जून की शाम एसडीएम सदर जनार्दन व क्षेत्रीय लेखपाल ने जेसीबी से दीवार गिरा दी।
राधेश्याम व उसी जमीन पर काबिज अन्य लोग बृहस्पतिवार को प्रभारी मंत्री मनोज पांडेय से शिकायत करने पहुंचे। मगर उन्हें प्रभारी मंत्री से मिलने नहीं दिया गया। राज्यमंत्री सुरेश राही ने कहा कि 1996 में इस जमीन को सपाइयों से कब्जामुक्त कराकर तत्कालीन एसडीएम इंद्रमणि त्रिपाठी ने हरिजनों को पट्टा दिया था। सभी के पास पट्टा के कागज हैं। इसके बावजूद बगैर कोई नोटिस दिए ही दीवार गिराना दर्शाता है कि एसडीएम ने सपाइयों से पैसे लिए हैं।
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डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। वहीं, एसडीएम सदर जनार्दन ने कहा कि डीएम के आदेश पर दीवार गिराई गई है।
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राज्यमंत्री सुरेश राही ने बताया कि शाहपुर दलावल गांव में वर्ष 1996 में तत्कालीन एसडीएम इंद्रमणि त्रिपाठी ने गाटा संख्या 41 में सात किसानों का आवासीय पट्टा किया था। उस भूमि पर कई मकान बने थे। इनमें से एक मकान पर राधेश्याम काबिज हैं। इन्होंने 30 साल पहले छोटी बाउंड्री बना ली थी। राधेश्याम उसी बाउंड्री को ऊंचा करके छप्पर डालना चाहते थे। दो जून की शाम एसडीएम सदर जनार्दन व क्षेत्रीय लेखपाल ने जेसीबी से दीवार गिरा दी।
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राधेश्याम व उसी जमीन पर काबिज अन्य लोग बृहस्पतिवार को प्रभारी मंत्री मनोज पांडेय से शिकायत करने पहुंचे। मगर उन्हें प्रभारी मंत्री से मिलने नहीं दिया गया। राज्यमंत्री सुरेश राही ने कहा कि 1996 में इस जमीन को सपाइयों से कब्जामुक्त कराकर तत्कालीन एसडीएम इंद्रमणि त्रिपाठी ने हरिजनों को पट्टा दिया था। सभी के पास पट्टा के कागज हैं। इसके बावजूद बगैर कोई नोटिस दिए ही दीवार गिराना दर्शाता है कि एसडीएम ने सपाइयों से पैसे लिए हैं।
डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। वहीं, एसडीएम सदर जनार्दन ने कहा कि डीएम के आदेश पर दीवार गिराई गई है।