{"_id":"6992121daacdfa19ec0f7d91","slug":"test-of-devotees-on-the-path-of-devotion-sitapur-news-c-13-1-lko1040-1607156-2026-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: भक्ति के पथ पर श्रद्धालुओं की परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: भक्ति के पथ पर श्रद्धालुओं की परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 16 Feb 2026 12:06 AM IST
विज्ञापन
नैमिष में लगा मिट्टी का ढेर।
विज्ञापन
नैमिषारण्य (सीतापुर)। दो दिन बाद शुरू होने वाली 84 कोसी परिक्रमा को लेकर जिम्मेदार अब तक संजीदा नहीं हैं। बैठकों व कागजों पर दावों से इतर धरातल पर कई समस्याएं बरकरार हैं। हालात यही रहे तो रामादल को पहले ही कदम पर समस्याओं से जूझना पड़ेगा।
विश्व विख्यात 84 कोसी परिक्रमा का शंखनाद 18 फरवरी से होगा। नैमिषारण्य के ललिता देवी चौराहे से डंका बजते ही रामादल आस्था की डगर पर चल पड़ेगा। इस परिक्रमा में कुल 11 पड़ाव हैं। हर साल की तरह इस बार भी परिक्रमा में देश-विदेश से काफी संख्या में संत-महंतों के अलावा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। परिक्रमा शुरू होने में सिर्फ दो दिन बचे हैं। संतों-महंतों द्वारा बताई गई अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद अब तक बेहद सुस्त है।
ललिता देवी मंदिर चौराहा जहां से परिक्रमा मार्ग प्रारंभ होता है और रामादल पहले पड़ाव की ओर बढ़ता है वहां मार्ग के किनारे मिट्टी के ढ़ेर लगे हैं। चक्रतीर्थ व ललिता देवी मुख्य मार्ग पर चक्रतीर्थ के मुख्य द्वार के पहले पुलिया क्षतिग्रस्त है। सत्कार भवन के करीब चक्रतीर्थ मुख्य द्वार के पास जलभराव की समस्या है। इसके अलावा चक्रतीर्थ कुंड, बरामदा, भूतेश्वरनाथ मंदिर समेत चक्रतीर्थ प्रांगण स्थित अन्य मंदिरों की रंगाई-पुताई भी नहीं की गई है। लाइटिंग का काम भी इस बारी अब तक शुरू नहीं कराया गया है। सिर्फ दो दिन में काम कराना किसी चुनौती से कम नहीं है।
डीएम को समस्याओं से अवगत कराया
जिलाधिकारी को सभी समस्याओं से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने परिक्रमा से पहले समस्याएं दूर कराने का आश्वासन दिया है।
- महंत नारायण दास, अध्यक्ष 84 कोसी परिक्रमा समिति
परिक्रमा से पहले दूर होंगी समस्याएं
नगर पालिका की टीम साफ-सफाई के लिए लगी है। परिक्रमा से पहले सभी व्यवस्थाएं दूर करा दी जाएंगी। परिक्रमार्थियों को किसी भी तरह की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
- अभिनव यादव, एसडीएम मिश्रिख
Trending Videos
विश्व विख्यात 84 कोसी परिक्रमा का शंखनाद 18 फरवरी से होगा। नैमिषारण्य के ललिता देवी चौराहे से डंका बजते ही रामादल आस्था की डगर पर चल पड़ेगा। इस परिक्रमा में कुल 11 पड़ाव हैं। हर साल की तरह इस बार भी परिक्रमा में देश-विदेश से काफी संख्या में संत-महंतों के अलावा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। परिक्रमा शुरू होने में सिर्फ दो दिन बचे हैं। संतों-महंतों द्वारा बताई गई अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद अब तक बेहद सुस्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ललिता देवी मंदिर चौराहा जहां से परिक्रमा मार्ग प्रारंभ होता है और रामादल पहले पड़ाव की ओर बढ़ता है वहां मार्ग के किनारे मिट्टी के ढ़ेर लगे हैं। चक्रतीर्थ व ललिता देवी मुख्य मार्ग पर चक्रतीर्थ के मुख्य द्वार के पहले पुलिया क्षतिग्रस्त है। सत्कार भवन के करीब चक्रतीर्थ मुख्य द्वार के पास जलभराव की समस्या है। इसके अलावा चक्रतीर्थ कुंड, बरामदा, भूतेश्वरनाथ मंदिर समेत चक्रतीर्थ प्रांगण स्थित अन्य मंदिरों की रंगाई-पुताई भी नहीं की गई है। लाइटिंग का काम भी इस बारी अब तक शुरू नहीं कराया गया है। सिर्फ दो दिन में काम कराना किसी चुनौती से कम नहीं है।
डीएम को समस्याओं से अवगत कराया
जिलाधिकारी को सभी समस्याओं से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने परिक्रमा से पहले समस्याएं दूर कराने का आश्वासन दिया है।
- महंत नारायण दास, अध्यक्ष 84 कोसी परिक्रमा समिति
परिक्रमा से पहले दूर होंगी समस्याएं
नगर पालिका की टीम साफ-सफाई के लिए लगी है। परिक्रमा से पहले सभी व्यवस्थाएं दूर करा दी जाएंगी। परिक्रमार्थियों को किसी भी तरह की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
- अभिनव यादव, एसडीएम मिश्रिख