सीतापुर। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ दवा व्यापारियों व अन्य दुकानदारों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। व्यापारियों का कहना है कि लालबाग से जिला अस्पताल मार्ग पर स्थित दुकानों को हटाने के लिए नगर पालिका परिषद ने नोटिस जारी किए हैं, जबकि नगर पालिका ने ही वर्षों पहले इन दुकानों को आवंटित किया था। दुकानों का टैक्स भी नगर पालिका में जमा किया जाता है।
व्यापारियों का कहना है कि जिला प्रशासन ने पहले टिनशेड हटाने के लिए कहा गया था, जिसे हटा लिया गया है। अब दुकान हटाने का की बात कही जा रही है, जो कि सरासर गलत है। दुकानदारों ने बताया कि नगर पालिका ने उन्हें सड़क सीमा में दुकानें आने का हवाला देते हुए नोटिस जारी किया गया है। दवा व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से यहां पर दवा का व्यवसाय कर रहे हैं। दवा दुकानदारों ने सिटी मजिस्ट्रेट को बताया कि इस मार्ग पर बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर और अन्य जरूरी सेवाओं की दुकानें हैं, जिनके हटने से आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जिलाध्यक्ष भगवती गुप्ता ने बताया कि अतिक्रमण के नाम पर जो कार्रवाई की जा रही है, उस पर जिम्मेदारों को पुनर्विचार करना चाहिए। आंख अस्पताल मार्ग से भी पटरी दुकानदारों को हटाया गया है, लेकिन पटरी दुकानदारों को दूसरी जगह बसाने का कार्य नहीं किया गया है। इसी तरह से जिला अस्पताल मार्ग पर दवा और अन्य दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। दुकानदारों ने पहले ही अपना अतिक्रमण हटा लिया है। इसके बाद भी बेवजह दुकानदारों को परेशान किया जा रहा है। ज्ञापन देने के दौरान शोभित टंडन, हर्षल जायसवाल, मयंक शंकर गुप्ता, प्रेमू वाजपेई, सहज गुप्ता, बृजेश रस्तोगी, नरेंद्र अस्थापना, अनवारुल हक, राम लखन कश्यप सहित अन्य उपस्थित रहे।