सोनभद्र। राजस्व भूमि विवादों के निस्तारण के लिए जून में चलाए गए विशेष अभियान का असर जिले में दिखाई दिया है। एक माह तक चली सतत निगरानी और रोजाना समीक्षा बैठकों के परिणामस्वरूप परीक्षण, चकबंदी और उच्च न्यायालय से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण कर दिया गया है। इन तीनों श्रेणियों में अब एक भी मामला लंबित नहीं बचा है। अभियान के दौरान डीएम चर्चित गौड़ ने प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों से प्रगति की समीक्षा की। लंबित मामलों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया, जिससे राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या लगातार कम होती गई। अभियान समाप्त होने के बाद जिले के राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरण घटकर 120 रह गए हैं, जबकि सिविल न्यायालयों में ऐसे मामलों की संख्या केवल 22 है। वहीं विशेष अभियान के दौरान पुनर्जीवित किए गए 6,544 मामलों में से अधिसंख्य का निस्तारण कर दिया गया। अब सिर्फ 580 मामले शेष हैं, जिनमें अधिकतर ओबरा और रॉबर्ट्सगंज तहसील से संबंधित हैं। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शेष मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द निस्तारण किया जाए, ताकि आम लोगों को भूमि विवादों के समाधान के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग, जवाबदेही तय करने और समयबद्ध कार्रवाई से जिले में राजस्व मामलों के निस्तारण की गति तेज हुई है और इसका लाभ सीधे आम नागरिकों को मिल रहा है।