सोनभद्र। जिले में पहले औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने मारकुंडी घाटी के पास 50 एकड़ जमीन चिह्नित की है। यहां सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना होगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना से न सिर्फ उद्योगों की स्थापना में आ रही भूमि का समस्या दूर होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के भी नए अवसर सृजित होंगे। सोनभद्र में हिंडाल्को, एनटीपीसी, एनसीएल जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान तो हैं लेकिन सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए अलग से कोई औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। इस मामले में सोनभद्र पूरे पूर्वांचल में ऐसा इकलौता जिला है। लंबे समय से यहां औद्योगिक क्षेत्र की मांग उठती रही है।
वर्ष 2023 में हुए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में आए कई निवेश प्रस्ताव इसलिए धरातल पर नहीं उतर पाए कि उन्हें उद्योग स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो गई। जिला उद्योग बंधु की बैठकों में भी लगातार उद्यमी, व्यापारी अलग से औद्योगिक क्षेत्र बनाने की मांग करते आ रहे हैं। पिछले दो साल से जिला प्रशासन इसके लिए उपयुक्त जमीन की तलाश में जुटा था। इसके लिए सभी तहसीलों से लैंड बैंक का विवरण भी मांगा गया था। तमाम जद्दोजहद के बाद मारकुंडी में 50 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। हाईवे के पास स्थित इस भूमि पर सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। परियोजना को बेहतर संपर्क देने के लिए गुरमा मोड़ से औद्योगिक क्षेत्र तक 15.99 करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनाई जाएगी। सड़क निर्माण से कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा होगी, ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।