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Sonebhadra News: आगे से लटक रहा था ताला, पिछले दरवाजे से चालू मिला सील अस्पताल

Wed, 01 Jul 2026 12:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 12:19 AM IST
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A lock was hanging at the front, but the sealed hospital was found operational via the back door
दुद्धी में निजी हॉस्पिटल को सील की कार्यवाही करते एसडीएम दुद्धी-संवाद
दुद्धी। अवैध तरीके से संचालित अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त अभियान मंगलवार को भी जारी रहा। जांच के दौरान फिर से पूर्व में सील किए गए एक अस्पताल के पिछले दरवाजे से संचालन का मामला पकड़ में आया। टीम ने अंदर पहुंचकर वहां भर्ती मरीजों से पूछताछ करते हुए अस्पताल को दोबारा सील कर दिया। एक अन्य अस्पताल को भी सील किया गया। दोनों के विरुद्ध कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। एसडीएम निखिल यादव के नेतृत्व में टीम सबसे पहले समृद्धि अस्पताल पहुंची। पूर्व में अवैध संचालन के कारण इस अस्पताल को सील किया गया था। यहां अस्पताल का मुख्य द्वार तो बंद था, लेकिन पिछले दरवाजे से मरीजों का दवा-उपचार जारी रहा। टीम पिछले दरवाजे से जब पहुंची तो वहां की स्थित देख भौचक रह गई। टीम को यहां कुदरी गांव निवासी पार्वती पुत्री शनिचरा भर्ती मिली। वह पिछले चार दिनों से बुखार और कमजोरी का इलाज करा रही थी। परिजनों ने बताया कि इलाज के नाम पर उनसे करीब 20 हजार रुपये लिए जा चुके हैं। बताया गया कि कुदरी गांव की एक आशा कार्यकर्ता उन्हें यहां लेकर आई थी। मौके से पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया। अस्पताल संचालक और संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके बाद टीम अमवार सड़क पर संचालित चाइल्ड हॉस्पिटल में पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले ही अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया। टीम ताला तोड़वाकर अंदर पहुंची। जांच के दौरान एक वार्ड में नवजात शिशु और उसकी देखभाल कर रही नर्स मिली। एसडीएम निखिल यादव और एसीएमओ डॉ. जीएस यादव ने तत्काल नवजात को एंबुलेंस से सीएचसी दुद्धी भिजवाया, जहां उसका उपचार शुरू कराया गया। टीम ने एक अन्य अस्पताल का भी निरीक्षण किया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद दुद्धी कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों में खलबली मच गई। कई अस्पताल संचालकों ने आनन-फानन में अपने प्रतिष्ठानों के शटर बंद कर दिए। एसडीएम निखिल यादव ने कहा कि बिना पंजीकरण संचालित किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित विभाग को ऐसे अस्पतालों के संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग भी पूरे मामले में विधिक कार्रवाई पूरी कर रहा है।
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