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Sonebhadra News: खत्म हो रहा एक और वित्त वर्ष, अधूरी रह गईं परियोजनाएं
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नर्सिंग कालेज का निर्माणाधीन भवन। संवाद
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सोनभद्र। विकास की कई परियोजनाओं पर काम तो चल रहा है, मगर गति बेहद सुस्त है। इसके पीछे विभागीय अधिकारियों की उदासीनता तो है ही शासन से बजट आवंटन में देरी किए जाने से भी परियोजनाओं को समय से पूरा करने में दिक्कत आ रहा है। तय समय सीमा के बाद भी अधिकांश परियोजनाओं का काम अभी पूरा नहीं हो पा रहा है। कुछ परियोजनाएं हैंडओवर हुए बिना ही शुरू कर दी गई है। जिले में नाला निर्माण, कॉलेज, आवासीय भवन, पुल, आवासीय विद्यालय समेत कई निर्माण कार्य समय से पूरा नहीं हो सके हैं। अब इन्हें पूरा करने के लिए जनपदवासियों को नई तारीख का इंतजार करना होगा। संवाद
केस एक:
मार्च में शुरू होना था नर्सिंग कॉलेज, अभी 80 फीसदी ही हुआ काम
शासन से बजट का आवंटन समय से नहीं किए जाने से मेडिकल कॉलेज के अधीन बन रहे राजकीय नर्सिंग कॉलेज के निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। करीब 9.97 करोड़ की लागत से रौंप में बन रहे नर्सिंग कॉलेज का काम मार्च 2024 में शुरू हुआ था और मार्च 2026 तक पूरा होना था। इसके लिए शुरू में सिर्फ 3.33 करोड़ रुपये का ही आवंटन हुआ। अधिकारियों की मानें तो फरवरी 2025 में बजट आवंटन के लिए यूसी शासन में भेजा गया। अक्तूबर में बजट स्वीकृत हो गया था, मगर शेष बजट 6 करोड़ 64 लाख रुपये दिसंबर में मिला है। हालांकि ठेकेदार की तरफ से काम जारी रखा गया। 80 फीसदी काम पूरा हो गया है, मई तक निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
केस दो:
नंदना में कॉलेज का संचालन शुरू, सड़क-शौचालय की सुविधा नदारद
नगवां ब्लॉक के नंदना गांव में मॉडल इंटर कॉलेज का संचालन इसी शिक्षा सत्र से शुरू हो गया है। छात्र-छात्राओं का प्रवेश भी लिया गया है। मगर यहां बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा सकी है। कॉलेज तक पहुंचने के लिए अभी न तो सड़क बना है और न ही छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय का निर्माण हुआ है। चहारदीवारी भी नहीं है। इससे कॉलेज परिसर में असुरक्षा की स्थिति बनी रहती है। कॉलेज भवन का रंग रोगन भी अभी अधूरी स्थिति में है।
केस तीन:
पुल का निर्माण अधूरा, मिल रही सिर्फ तारीख पर तारीख
नगवां ब्लॉक के सेमरिया गांव के पास कर्मनाशा नदी पर पक्का पुल का निर्माण कार्य एक साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। पुल का निर्माण कार्यदाई संस्था पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड द्वितीय करा रहा है। करीब 13 करोड़ की लागत से बन रहे पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2024 में पूरा होना था। बाद में पुल का निर्माण कार्य मार्च 2025 और फिर दिसंबर 2025 तक पूरा करने का दावा तत्कालीन अधिशासी अभियंता गोविंद यादव ने किया था। मगर दो-दो बार तय सीमा बीतने के बाद पुल का निर्माण पूरा होने को कौन कहें अभी तक पहुंच सड़क का काम भी पूरा नहीं हुआ है। करीब चार साल से पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। पुल के निर्माण में देरी की वजह से नगवां और चतरा ब्लॉक के 25 से अधिक गांवों के लोगों को 8 से 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
केस चार:
आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं
घोरावल ब्लॉक के उभ्भा गांव में अनुसूचित वर्ग की छात्राओं के लिए जयप्रकाश नारायण सर्वोदय (राजकीय आश्रम पद्धति) आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। विद्यालय का निर्माण कार्य करीब 11 माह पहले पूरा किया जाना था। मगर समय से बजट नहीं मिलने के कारण अभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। करीब 39 करोड़ की लागत से आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य हो रहा है।
केस पांच::
नौ माह में बनना था नाला, 40 माह में भी अधूरा
राॅबर्ट्सगज नगर पालिका क्षेत्र के लोगों को जल निकासी की समस्या से निजात दिलाने के लिए करीब 37 करोड़ की लागत से नाले का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 18 किमी लंबे नाले के निर्माण को वर्ष 2021 में मंजूरी मिली थी। इसके लिए 37 करोड़ धनराशि स्वीकृत है। सीएंडडीएस को कार्यदाई संस्था नामित करते हुए इस कार्य को पूरा करने की समय सीमा नौ माह तय की गई थी। तकनीकी दिक्कतों से टेंडर प्रक्रिया में देरी के चलते काम देरी से शुरू हुआ तो कभी बजट के अभाव में अटक गया। नतीजा 40 माह बाद भी नाले का काम अधूरा है। मुख्य बाजार में ही कई हिस्सों में नाला नहीं बन पाया है।
नर्सिंग कॉलेज का काम 80 फीसदी पूरा हो गया है। इसके लिए शासन से बजट मिल गया है। मई तक काम पूरा होने की उम्मीद है। रॉबर्ट्सगंज में नाला का निर्माण कार्य भी जारी है। बीच में बजट न मिलने से इसमें देरी हुई थी। अन्य निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। - रमेश मौर्य, परियोजना प्रबंधक-सीएंडडीएस।
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केस एक:
मार्च में शुरू होना था नर्सिंग कॉलेज, अभी 80 फीसदी ही हुआ काम
शासन से बजट का आवंटन समय से नहीं किए जाने से मेडिकल कॉलेज के अधीन बन रहे राजकीय नर्सिंग कॉलेज के निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। करीब 9.97 करोड़ की लागत से रौंप में बन रहे नर्सिंग कॉलेज का काम मार्च 2024 में शुरू हुआ था और मार्च 2026 तक पूरा होना था। इसके लिए शुरू में सिर्फ 3.33 करोड़ रुपये का ही आवंटन हुआ। अधिकारियों की मानें तो फरवरी 2025 में बजट आवंटन के लिए यूसी शासन में भेजा गया। अक्तूबर में बजट स्वीकृत हो गया था, मगर शेष बजट 6 करोड़ 64 लाख रुपये दिसंबर में मिला है। हालांकि ठेकेदार की तरफ से काम जारी रखा गया। 80 फीसदी काम पूरा हो गया है, मई तक निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
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केस दो:
नंदना में कॉलेज का संचालन शुरू, सड़क-शौचालय की सुविधा नदारद
नगवां ब्लॉक के नंदना गांव में मॉडल इंटर कॉलेज का संचालन इसी शिक्षा सत्र से शुरू हो गया है। छात्र-छात्राओं का प्रवेश भी लिया गया है। मगर यहां बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा सकी है। कॉलेज तक पहुंचने के लिए अभी न तो सड़क बना है और न ही छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय का निर्माण हुआ है। चहारदीवारी भी नहीं है। इससे कॉलेज परिसर में असुरक्षा की स्थिति बनी रहती है। कॉलेज भवन का रंग रोगन भी अभी अधूरी स्थिति में है।
केस तीन:
पुल का निर्माण अधूरा, मिल रही सिर्फ तारीख पर तारीख
नगवां ब्लॉक के सेमरिया गांव के पास कर्मनाशा नदी पर पक्का पुल का निर्माण कार्य एक साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। पुल का निर्माण कार्यदाई संस्था पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड द्वितीय करा रहा है। करीब 13 करोड़ की लागत से बन रहे पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2024 में पूरा होना था। बाद में पुल का निर्माण कार्य मार्च 2025 और फिर दिसंबर 2025 तक पूरा करने का दावा तत्कालीन अधिशासी अभियंता गोविंद यादव ने किया था। मगर दो-दो बार तय सीमा बीतने के बाद पुल का निर्माण पूरा होने को कौन कहें अभी तक पहुंच सड़क का काम भी पूरा नहीं हुआ है। करीब चार साल से पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। पुल के निर्माण में देरी की वजह से नगवां और चतरा ब्लॉक के 25 से अधिक गांवों के लोगों को 8 से 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
केस चार:
आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं
घोरावल ब्लॉक के उभ्भा गांव में अनुसूचित वर्ग की छात्राओं के लिए जयप्रकाश नारायण सर्वोदय (राजकीय आश्रम पद्धति) आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। विद्यालय का निर्माण कार्य करीब 11 माह पहले पूरा किया जाना था। मगर समय से बजट नहीं मिलने के कारण अभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। करीब 39 करोड़ की लागत से आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य हो रहा है।
केस पांच::
नौ माह में बनना था नाला, 40 माह में भी अधूरा
राॅबर्ट्सगज नगर पालिका क्षेत्र के लोगों को जल निकासी की समस्या से निजात दिलाने के लिए करीब 37 करोड़ की लागत से नाले का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 18 किमी लंबे नाले के निर्माण को वर्ष 2021 में मंजूरी मिली थी। इसके लिए 37 करोड़ धनराशि स्वीकृत है। सीएंडडीएस को कार्यदाई संस्था नामित करते हुए इस कार्य को पूरा करने की समय सीमा नौ माह तय की गई थी। तकनीकी दिक्कतों से टेंडर प्रक्रिया में देरी के चलते काम देरी से शुरू हुआ तो कभी बजट के अभाव में अटक गया। नतीजा 40 माह बाद भी नाले का काम अधूरा है। मुख्य बाजार में ही कई हिस्सों में नाला नहीं बन पाया है।
नर्सिंग कॉलेज का काम 80 फीसदी पूरा हो गया है। इसके लिए शासन से बजट मिल गया है। मई तक काम पूरा होने की उम्मीद है। रॉबर्ट्सगंज में नाला का निर्माण कार्य भी जारी है। बीच में बजट न मिलने से इसमें देरी हुई थी। अन्य निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। - रमेश मौर्य, परियोजना प्रबंधक-सीएंडडीएस।

नर्सिंग कालेज का निर्माणाधीन भवन। संवाद

नर्सिंग कालेज का निर्माणाधीन भवन। संवाद