UP: चिता पर रखने से पहले शरीर में हुई हलचल, अंतिम संस्कार रुका; ट्रैक्टर-ट्रॉली से ले गए घर; नहीं बची जान
Sonbhadra news: चिता पर रखने से पहले महिला के शरीर में हलचल हुई। परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार रोकना पड़ा। इसके बाद घरवाले उसे ट्रैक्टर- ट्रॉली से घर ले गए, लेकिन अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
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सोनभद्र जिले में बभनी थाना क्षेत्र के कोंगा गांव में बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब मृत मानकर श्मशान घाट लाई गई करीब 35 वर्षीय महिला के शरीर में परिजनों और ग्रामीणों ने हलचल और गर्माहट महसूस होने का दावा किया। चिता सज चुकी थी और शव को उस पर रखने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान शरीर में हलचल महसूस होने पर अंतिम संस्कार रोक दिया गया। एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने पर परिजन महिला को ट्रैक्टर-ट्रॉली से घर ले गए। देर रात दुद्धी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी फिर मौत हो गई। शुक्रवार सुबह परिजनों ने दोबारा श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
क्या है पूरा मामला
कोंगा गांव निवासी पूर्व ग्राम प्रधान कृष्णानंद की पत्नी दुर्गावती पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं। परिजनों के अनुसार, जांच में चिकित्सकों ने उन्हें पीलिया और लीवर में सूजन की जानकारी दी थी। बुधवार को परिजन इलाज के लिए उन्हें मध्यप्रदेश ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसके बाद बृहस्पतिवार को परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव को पागन नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट ले गए।
श्मशान घाट पहुंचने के बाद चिता सजाई गई और शव को उस पर रखने की तैयारी शुरू हुई। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने महिला के शरीर में हलचल महसूस होने की बात कही। शरीर में गर्माहट महसूस होने की भी चर्चा होने लगी। जानकारी पर परिजन मौके पर पहुंचे और अंतिम संस्कार रोक दिया गया।
महिला को चिकित्सकीय सहायता दिलाने के लिए एंबुलेंस बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद परिजन महिला को ट्रैक्टर-ट्रॉली से घर ले आए। परिजनों के अनुसार, महिला को घर पर रखने के बाद रात में उपचार के लिए दुद्धी अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी फिर मौत हो गई। शुक्रवार सुबह परिजन शव को दोबारा श्मशान घाट ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।