कफ सिरप: रिश्तेदारों का गिरोह चला रहा था शुभम का कोडीनयुक्त कफ सिरप का कारोबार, मिले कबू सबूत; कसेगा शिकंजा
Cough Syrup: कोडीनयुक्त कफ सिरप कारोबार का सरगना शुभम जायसवाल ने ममेरे भाइयों के जरिये सोनभद्र में फर्म खुलवाई थी। शुभम के मौसेरे भाई गौरव के खाते से लेन-देन व एसआईटी जांच में रिश्तेदारों के जरिये अवैध कारोबार सामने आया है। लेन-देन के सबूत मिले हैं।
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Sonbhadra News: कफ सिरप तस्करी की जांच में जुटी एसआईटी (विशेष जांच दल) को सरगना शुभम के करीबी निशांत कुमार गुप्ता उर्फ रवि के जरिये किए जाने वाले अवैध कारोबार के बारे में अहम जानकारियां मिली हैं। इस कारोबार में रिश्तेदारों का गिरोह प्रमुख भूमिका निभा रहा था। रवि ने जहां ममेरे भाइयों के नाम सोनभद्र में फर्म खोलवा रखी थी। वहीं भदोही में कुनबे के ही व्यक्ति के नाम दवा फर्म का लाइसेंस हासिल कर सिरप तस्करी का खेल खेला जा रहा था।
कागज पर होने वाली सिरप आपूर्ति पर किसी की नजर न पड़ने पाए, इसके लिए संबंधित फर्म और भोला प्रसाद के स्वामित्व वाले शैली ट्रेडर्स के बीच होने वाले लेन-देन के लिए शुभम के मौसेरे भाई गौरव जायसवाल के खाते का इस्तेमाल किया जा रहा था। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बरकरा तालाब के पास वाराणसी निवासी सगे भाइयों के नाम फर्जी फर्म बनाकर 7,53,000 शीशी कफ सिरप की तस्करी का मामला पकड़ा गया था।
मामले में सगे भाई सत्यम और विजय के साथ शैली ट्रेडर्स के मालिक भोला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में जहां भोला के साथ उसके बेटे शुभम का भी नाम इस तस्करी में सामने आया। वहीं भदोही निवासी निशांत उर्फ रवि के सामने आए नाम ने सोनभद्र से भदोही-आजमगढ़ होते हुए रांची तक के तस्करी नेटवर्क की पोल खोल दी। जांच में सामने आया कि निशांत, शुभम के करीबियों में से एक है। वहीं अब इस बात की जानकारी सामने आई है कि सोनभद्र में फर्जी फर्म खोलने वाले सत्यम और विजय उसके ममेरे भाई हैं।
ऐसे तैयार किया था रिश्तेदारी का नेटवर्क
इंस्पेक्टर सदानंद राय की अगुवाई वाली एसआईटी की जांच में सामने आया है कि रवि ने सोनभद्र में ममेरे भाइयों के नाम फर्जी फर्म खुलवाकर उनके नाम पर भदोही में ही बैठकर सिरप आपूर्ति का ब्योरा तैयार किया और इसके आधार पर संबंधित बैच वाली सिरप की खेप रांची से सोनभद्र के बजाय सीधे पश्चिम बंगाल और वहां से बांग्लादेश भेज दी गई। इस पर किसी की नजर न पड़े, इसके लिए सोनभद्र में कागज पर दिखाई गई आपूर्ति का कागज पर ही परिवहन दिखाते हुए भदोही पहुंचा दिया।
इसके लिए भदोही में अपने ही कुनबे के व्यक्ति के नाम हासिल किए गए दवा फर्म के लाइसेंस का इस्तेमाल किया गया। इस कागजी आपूर्ति को रिकॉर्ड में दुरुस्त दिखाने के लिए शुभम के मौसेरे भाई गौरव जायसवाल के खाते के इस्तेमाल किया गया। पुलिस का दावा है कि गौरव के खाते से 10 लाख का एक ऐसा लेन-देन मिला है, जिसका इस्तेमाल सोनभद्र में फर्जी आपूर्ति को कागज पर दुरुस्त दिखाने के लिए किया गया।
जारी किया जा चुका है लुक आउट नोटिस
शुभम की तरह रवि भी विदेश न भाग जाए इसके लिए सोनभद्र पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी किया है। वहीं उसके भदोही के चांदनी चौक, नईबाजार स्थित आवास पर जाकर कुर्की की भी कार्रवाई की जा चुकी है। एसपी अभिषेक वर्मा ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा है। एसपी का कहना है कि रवि की तलाश की जा रही है।
न्यायालय ने खारिज की अग्रिम जमानत अर्जी
रवि ने न्यायालय से अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट ने बृहस्पतिवार को अर्जी पर सुनवाई की। बचाव पक्ष ने दलील दी कि सत्यम और विजय उसके ममेरे भाई जरूर हैं, लेकिन रुपये के विवाद में उनके बीच दुश्मनी हो गई है। इसी का फायदा उठाते हुए पुलिस ने उनकी साजिश में आकर उसे आरोपी बना दिया है। वहीं अभियोजन पक्ष का दावा था कि आरोपी दवा के पेशे से जुड़ा है। शुभम का करीबी है। उसी की साजिश और आपराधिक नेटवर्क में शामिल होकर उसने अपने ममेरे भाइयों के नाम सोनभद्र में फर्म खोलवाई। नामजद आरोपियों से पूछताछ और जांच में भी उसके खिलाफ आरोप पाए गए हैं। न्यायालय ने पाया कि जो साक्ष्य उनके सामने रखे गए हैं, उससे प्रथम दृष्टया मामले में उसकी संलिप्तता प्रतीत हो रही है। विवेचना जारी है। फिलहाल कोई राहत नहीं दी जा सकती।