{"_id":"6a4eb4b16666577b2908413a","slug":"countrys-first-six-lane-underpass-beneath-the-runway-is-being-built-at-varanasi-airport-construction-pace-accelerates-sonbhadra-news-c-20-vns1056-1458857-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: वाराणसी एयरपोर्ट पर रनवे के नीचे बन रहा देश का पहला छह लेन का अंडरपास, तेज हुई निर्माण की रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: वाराणसी एयरपोर्ट पर रनवे के नीचे बन रहा देश का पहला छह लेन का अंडरपास, तेज हुई निर्माण की रफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तार कार्य के तहत देश के पहले सक्रिय रनवे के नीचे बनने वाले छह लेन के अंडरपास का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर परियोजना की प्रगति साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (पूर्व में एनएच-56) पर बन रहे 450 मीटर लंबे अंडरपास में फाउंडेशन और राफ्ट निर्माण का कार्य जारी है।
मंत्री ने इसे भारत के अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह देश का पहला ऐसा छह लेन का अंडरपास होगा, जिसके ऊपर पूरी तरह सक्रिय रनवे रहेगा। अंडरपास तैयार होने के बाद ऊपर से विमानों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा, जबकि नीचे से राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन निर्बाध रूप से चलता रहेगा। यह परियोजना सड़क और हवाई यातायात के बेहतर समन्वय का अनूठा उदाहरण मानी जा रही है।
वाराणसी एयरपोर्ट के विस्तार के लिए मौजूदा रनवे को लगभग 2,745 मीटर से बढ़ाकर 4,075 मीटर किया जा रहा है। रनवे विस्तार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग को भूमिगत ले जाना आवश्यक है, जिसके तहत यह छह लेन का अंडरपास बनाया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद बड़े आकार के विमानों का संचालन भी अधिक सुगमता से संभव होगा और एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंत्री ने इसे भारत के अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह देश का पहला ऐसा छह लेन का अंडरपास होगा, जिसके ऊपर पूरी तरह सक्रिय रनवे रहेगा। अंडरपास तैयार होने के बाद ऊपर से विमानों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा, जबकि नीचे से राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन निर्बाध रूप से चलता रहेगा। यह परियोजना सड़क और हवाई यातायात के बेहतर समन्वय का अनूठा उदाहरण मानी जा रही है।
विज्ञापन
वाराणसी एयरपोर्ट के विस्तार के लिए मौजूदा रनवे को लगभग 2,745 मीटर से बढ़ाकर 4,075 मीटर किया जा रहा है। रनवे विस्तार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग को भूमिगत ले जाना आवश्यक है, जिसके तहत यह छह लेन का अंडरपास बनाया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद बड़े आकार के विमानों का संचालन भी अधिक सुगमता से संभव होगा और एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विज्ञापन