घोरावल। बेलन-बकहर सिंचाई परियोजना के तहत संचालित धौवा पंप कैनाल की नहर रविवार दोपहर पुरना गांव के पास टूट गई। इससे करीब 100 बीघा खेतों में पानी भर गया। किसानों का आरोप है कि पिछले एक माह से नहर में लीकेज हो था और इसकी शिकायत कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की गई लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजतन नहर टूटने से खेत जलमग्न हो गए और किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। धौवा पंप कैनाल के माध्यम से घोरावल तहसील के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र के सिरसाई, पुरना, मधका, फुलवारी, करसोता, सेमरवार, पथरताल, रेही, महोखर, बरबसपुर, परसौना, बसही, लहास, तेंदुआ, कन्हरी सहित 24 से अधिक गांवों की सिंचाई होती है।
नहर टूटने के बाद इन गांवों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार रविवार दोपहर करीब एक बजे पुरना गांव के पास नहर का तटबंध अचानक टूट गया, जिससे तेज बहाव के साथ पानी खेतों में फैल गया। देखते ही देखते करीब 100 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई। मधका ग्राम प्रधान गोविंद सिंह ने बताया कि नहर में लीकेज की जानकारी कई बार मिर्जापुर नहर प्रखंड के सहायक अभियंता और अवर अभियंता को दी गई थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। यदि समय रहते मरम्मत करा दी जाती तो नहर टूटने और किसानों को नुकसान से बचाया जा सकता था। ग्राम प्रधान गोविंद सिंह, अवध लाल, महेश मिश्रा, ओमप्रकाश समेत अन्य किसानों ने मिर्जापुर नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता और जिलाधिकारी से तत्काल नहर की मरम्मत कराने और क्षति का आकलन कर किसानों को राहत दिलाने की मांग की है।