सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बट (मधुपुर) में वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के किनारे लिक्विड यूरिया पंप फिलिंग स्टेशन की आड़ में संचालित किए जा रहे नकली डीईएफ (डीजल एक्जॉस्ट फ्लूइड) कारखाने का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और टाटा मोटर्स की संयुक्त छानबीन में नकली लिक्विड यूरिया निर्माण और इसके प्लांट के संचालन की पुष्टि के बाद दो नामजद सहित अन्य के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट व बीएनएस की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। टाटा मोटर्स के रामनगर वाराणसी ब्रांच में लैब एनालिस्ट के पद पर कार्यरत व बड़ागांव थानाक्षेत्र के पलिया शंभूपुर गांव निवासी विमलेश पांडेय ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा की तरफ से सूचना मिली थी कि बट स्थित विशाल फिलिंग स्टेशन यूरिया पंप पर काफी ज्यादा मात्रा में टाटा, भारत बेंज और गल्फ एल ब्रांड की बाल्टियां पड़ी हैं। वहां टाटा जेन्यूइन पार्ट्स का होलोग्राम स्टिकर, ओरिजनल लिखा स्टिकर, सिलिंग साल्वेंट आदि बरामद हुआ है। इसके क्रम में कंपनी की तरफ से राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के सुरतापुर-भिरानी निवासी लैब टेक्नीशियन के साथ रॉबर्ट्सगंज पहुंचा। वहां से चौकी प्रभारी सुकृत मानवेंद्र सिंह और चौकी इंचार्ज हिंदुआरी अनिल विश्वकर्मा के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम जब जांच के लिए पहुंची तो वहां कोई मौजूद नहीं था। फिलिंग स्टेशन व नकली डीईएफ फैक्ट्री का संचालन करने वाले विशाल मौर्या के पिता राजेश्वर मौर्या को बुलवाकर जांच की गई। पिता ने जानकारी दी कि इसका संचालन उनके पुत्र विशाल मौर्या, उसका साथी पिंटू मौर्या और अन्य मिलकर करते हैं। दुकान चलाने के लिए यूरिया डीईएफ निर्माण का प्लांट बट में ही बैठाया गया। यहां डीईएफ बनाने के बाद उस पर स्टिकर, होलोग्राम लगाकर बेचा जाता है। बरामद सामग्री की जांच की गई तो पता चला कि यूरिया डीईएफ व पैकिंग में प्रयुक्त सामग्री नकली है। इसे नकली स्टीकर, नकली होलोग्राम लगाकर असली के रूप में बेचा जा रहा है। परिवार के लोग प्लांट संचालन का कोई लाइसेंस भी नहीं दिखा पाए। प्लांट को खुलवाकर अंदर से चेकिंग का प्रयास किया गया लेकिन वह खुल नहीं पाया। राॅबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि मामले में सगे भाइयों के खिलाफ नामजद और उसके साथियों के खिलाफ अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। प्लांट की जांच अलग से की जाएगी। एक-दो और यूरिया पंप फिलिंग स्टेशन पर गड़बड़ी की शिकायत मिली है जिसकी जांच में टीमें लगी हुई हैं। जांच के दौरान परिसर में टाटा मोटर्स की 20 लीटर की छह, 10 लीटर की तीन, गल्फ एएल की 20 लीटर की चार, 10 लीटर की दो, आयशर की 20 लीटर की चार, भारत बेंज की 20 लीटर की तीन, महिंद्रा की 20 लीटर की दो, 10 लीटर की चार बाल्टियां यूरिया डीईएफ से भरी पाई गईं। वहीं टाटा मोटर्स की 20 लीटर की 40 बाल्टियां, 40 लेड/ढक्कन, 10 लीटर की 14 बाल्टियां, 14 लेड/ढक्कन, गल्फ एएल की 20 लीटर की 12 बाल्टियां व 50 लेड/ढक्कन, आयशर की 20 लीटर की दो बाल्टियां, 12 लेड/ढक्कन, भारत बेंज की 20 लीटर की एक बाल्टी खाली मिली। एक हजार लीटर क्षमता वाले 11 आईबीसी कंटेनर भी मिले, जिनमें आंशिक रूप से नकली डीईएफ भरा पाया गया। जांच के लिए नकली डीईएफ के नमूने उठाने के साथ ही पाए गए स्टीकरों को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।