सोनभद्र। अप्रैल में तपिश की मार ने तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचा दिया है। वहीं बिजली की खपत ने भी महज पांच दिन पूर्व बनाए गए रिकाॅर्ड को पीछे छोड़ते हुए अप्रैल में अब तक दर्ज हुए बिजली खपत के सारे रिकाॅर्ड तोड़ डाले। रविवार की रात पीक ऑवर में बिजली की अधिकतम मांग 27694 मेगावाट दर्ज की गई। यह पहली बार है जब अप्रैल में प्रदेश में बिजली की मांग इस स्तर पर पहुंची है। महज 15 दिन में न्यूनतम बिजली खपत के आंकड़े में भी 13 हजार मेगावाट से अधिक की बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ाई है। हालात संभालने के लिए सिस्टम कंट्रोल को महंगी बिजली का सहारा लेना पड़ रहा है। पीक ऑवर में कटौती भी बढ़ी है।
यूपी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के आंकड़े बताते हैं कि एक अप्रैल को बिजली की अधिकतम खपत 23282 मेगावाट दर्ज की गई थी। आठ अप्रैल को यह घटकर 19018 मेगावाट पर आ गई थी लेकिन पिछले एक सप्ताह से बिजली की अधिकतम मांग 27 हजार मेगावाट के इर्द-गिर्द बनी हुई है। 21 अप्रैल को दर्ज हुई 27272 मेगावाट की खपत ने पिछले साल के रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया था। महज पांच दिन बाद रविवार की रात इस रिकार्ड को भी तोड़ते हुए बिजली की मांग 27694 मेगावाट पर पहुंच गई। लगातार बढ़ रही खपत को देखते हुए अंदेशा जताया जा रहा है कि 30 अप्रैल तक मांग 28 हजार मेगावाट को छू सकती है। ऐसा हुआ तो यूपी में अप्रैल में ही बिजली की खपत का आंकड़ा कई राज्यों की गर्मी के सीजन में अधिकतम खपत के भी रिकार्ड को पीछे छोड़ देगा। उधर, सोमवार को पारे में तो गिरावट दर्ज की गई लेकिन तपिश के साथ ही उमस के चलते बिजली की मांग में दिन में भी 25 से 26 हजार मेगावाट के बीच बनी रही। समाचार दिए जाने तक अनपरा ए परियोजना से 505, अनपरा बी परियोजना से 851, अनपरा सी से 1157, अनपरा डी से 938, ओबरा बी से 425, ओबरा सी 935 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही थी।
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